टोक्यो के प्राथमिक स्कूल में आग: 8 बच्चों समेत 11 घायल, स्टोररूम से भड़की लपटें
सारांश
मुख्य बातें
जापान की राजधानी टोक्यो के एक प्राथमिक स्कूल में शुक्रवार, 19 जून को भीषण आग लग गई, जिसमें 8 बच्चों समेत कुल 11 लोग घायल हो गए। स्थानीय अग्निशमन विभाग के अनुसार, आग लगने की सूचना सुबह करीब 11 बजे (स्थानीय समयानुसार) मिली, जब स्कूल में कक्षाएं पूरे जोर पर थीं।
आग कहाँ और कैसे लगी
क्योडो न्यूज़ की रिपोर्टों के अनुसार, आग स्कूल भवन में संगीत कक्षा के निकट बने एक स्टोररूम में भड़की। उस कमरे में स्प्रिंकलर सिस्टम नहीं लगा हुआ था, जिससे आग तेज़ी से फैली। दमकल दल की तत्परता से दोपहर करीब 1:45 बजे तक आग पर काबू पा लिया गया।
गौरतलब है कि आग लगने के समय स्कूल में पढ़ाई जारी थी, जिससे बड़ी संख्या में बच्चे परिसर के भीतर मौजूद थे।
घायलों का ब्यौरा
अधिकारियों के अनुसार, अधिकांश घायलों को धुएं के कारण सांस लेने में गंभीर दिक्कत हुई। इसके अलावा दो छात्रों और एक महिला शिक्षिका के हाथ फ्रैक्चर हुए। अस्पताल ले जाए गए आठ छात्र पाँचवीं कक्षा के थे और आग लगने के समय संगीत कक्षा में मौजूद थे।
दमकलकर्मियों ने तीन छात्रों और एक महिला शिक्षिका को सुरक्षित बाहर निकाला। अधिकारियों ने पुष्टि की कि सभी छात्रों को स्कूल के मैदान में सुरक्षित पहुँचा दिया गया।
घटनास्थल पर मौजूद 11 वर्षीय एक छात्र ने बताया, 'यह बहुत डरावना था।'
जापान में हालिया अग्निकांडों का संदर्भ
यह घटना ऐसे समय में आई है जब जापान में पिछले कुछ महीनों में आग से जुड़ी कई दुर्घटनाएं सामने आई हैं। फरवरी में यामागुची प्रांत के शिमोनोसेकी शहर में एक दो मंजिला लकड़ी के मंदिर में लगी आग में पाँच लोगों की मौत हो गई थी और मंदिर का मुख्य प्रार्थना हॉल समेत तीन इमारतें पूरी तरह नष्ट हो गई थीं।
इससे पहले जनवरी में निगाता प्रांत के निगाता शहर में एक आवासीय घर में आग लगने से दो लोगों की मौत हुई थी। लपटें आसपास के कई घरों तक फैल गई थीं और घने धुएं से रेल सेवाएं भी कुछ समय के लिए बाधित हो गई थीं।
जाँच और आगे की कार्रवाई
स्थानीय पुलिस और अग्निशमन विभाग ने टोक्यो स्कूल अग्निकांड के कारणों का पता लगाने के लिए जाँच शुरू कर दी है। स्प्रिंकलर की अनुपस्थिति को लेकर स्कूल प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से पूछताछ की जा सकती है। इस घटना ने जापान में स्कूल भवनों की अग्नि-सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।