ट्रंप प्रशासन ने विदेशी स्कैम सेंटरों पर पहली बार छेड़ा साइबर युद्ध, $7.7 अरब की ठगी पर बड़ा एक्शन
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिका के ट्रंप प्रशासन ने 22 अक्टूबर 2026 को पहली बार विदेशी ऑनलाइन ठगी नेटवर्क और स्कैम सेंटरों के खिलाफ आक्रामक साइबर क्षमताओं का इस्तेमाल करने की घोषणा की — एक ऐसा कदम जिसे अधिकारियों ने अमेरिकी इतिहास में अभूतपूर्व बताया। व्हाइट हाउस में साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी पर आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सहित शीर्ष अधिकारियों ने इस अभियान का ब्यौरा सार्वजनिक किया।
पहली बार आक्रामक साइबर हमला
व्हाइट हाउस के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ स्टीफन मिलर ने राष्ट्रपति ट्रंप को संबोधित करते हुए कहा, 'आपके हस्ताक्षर वाले कार्यकारी आदेश के बाद पहली बार हम विदेशी स्कैम सेंटरों को खत्म करने, बाधित करने और निष्क्रिय करने के लिए आक्रामक साइबर क्षमताओं का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसा पहले कभी नहीं किया गया था।' मिलर ने इसे व्यापार नीति से भी जोड़ते हुए आरोप लगाया कि कुछ विदेशी अर्थव्यवस्थाएँ अमेरिकी बुजुर्गों से धोखाधड़ी करके मिले पैसों पर निर्भर हैं।
साइबरकॉम और NSA की तैनाती
अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने बताया कि इस अभियान में अमेरिकी 'साइबरकॉम' और राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (NSA) को भी शामिल किया गया है। उन्होंने कहा, 'हम विदेशी साइबर नेटवर्कों से जुड़ी खुफिया जानकारी और ट्रैकिंग डेटा सीधे नेशनल कोऑर्डिनेशन सेंटर और होमलैंड सिक्योरिटी टास्क फोर्स को दे रहे हैं।' हेगसेथ ने यह भी संकेत दिया कि अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराधी गिरोहों और 'कुछ दुश्मन देशों की सैन्य ताकतों' के बीच संबंध दिखाई देते हैं, हालाँकि उन्होंने किसी देश का नाम लेने से परहेज किया।
$7.7 अरब की चपत: बुजुर्ग सबसे बड़े शिकार
होमलैंड सिक्योरिटी के सचिव मार्कवेन मुलिन ने बताया कि केवल 2025 में 60 वर्ष से अधिक उम्र के अमेरिकी नागरिक साइबर अपराधों में $7.7 अरब गंवा चुके हैं और कई लोगों की पूरी रिटायरमेंट बचत स्वाहा हो गई। मिलर ने 'ग्रैंडपेरेंट स्कैम' का उदाहरण देते हुए बताया कि जालसाज़ किसी बुजुर्ग को फोन कर यह झूठ बोलते हैं कि उनका प्रियजन गिरफ्तार हो गया है और जेल से छुड़ाने के लिए तत्काल $10,000 भेजने होंगे, जबकि वास्तव में पैसा सीधे किसी विदेशी स्कैम सेंटर में चला जाता है।
बाल शोषण और सेक्सटॉर्शन पर भी कार्रवाई
मुलिन ने बताया कि केवल सीक्रेट सर्विस ने 14,600 बाल शोषण से जुड़े वीडियो और 35,600 से अधिक तस्वीरें बरामद की हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी कहा कि उनकी सरकार युवाओं को सेक्सटॉर्शन का शिकार बनाने वाले ऑनलाइन गिरोहों के विरुद्ध आक्रामक कार्रवाई कर रही है — ऐसे मामलों में पीड़ितों की जिंदगियाँ तबाह हुई हैं और कुछ ने आत्महत्या तक की है। ट्रंप ने फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप की 'टेक इट डाउन एक्ट' पारित कराने में भूमिका की सराहना की, और अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लांश ने कहा कि सरकार सेक्सटॉर्शन के खतरे का सीधे मुकाबला कर रही है।
निजी कंपनियों को भी मिली छूट, आगे की राह
राष्ट्रपति ट्रंप के अनुसार, अगस्त में जारी उनके राष्ट्रीय सुरक्षा ज्ञापन ने निजी कंपनियों को भी हैकरों के विरुद्ध आक्रामक और रक्षात्मक दोनों तरह की कार्रवाई में शामिल होने की अनुमति दी है। यह ऐसे समय में आया है जब दक्षिण-पूर्व एशिया के कई देशों में स्थित साइबर स्कैम सेंटर दशकों से अंतरराष्ट्रीय जाँच एजेंसियों के लिए चुनौती बने हुए हैं। गौरतलब है कि अधिकारियों ने अब तक यह नहीं बताया कि किन स्कैम सेंटरों को निशाना बनाया गया है या वे किस देश में स्थित हैं — इससे अभियान की पारदर्शिता पर सवाल बने हुए हैं। आने वाले हफ्तों में अमेरिकी प्रशासन की ओर से और ब्यौरा जारी होने की संभावना है।