ट्रंप की चेतावनी: आज रात पूरी सभ्यता का अंत हो सकता है
सारांश
Key Takeaways
- डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को खत्म करने की चेतावनी दी है।
- आज रात को एक महत्वपूर्ण घटना की संभावना है।
- ईरान ने युद्धविराम के प्रस्ताव को ठुकराया है।
- इजरायल ने ईरान के रेलवे सिस्टम को निशाना बनाने की धमकी दी है।
वाशिंगटन, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को समाप्त करने की धमकी दी है। मंगलवार को उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से दावा किया कि आज रात पूरी सभ्यता खत्म हो जाएगी।
ट्रंप ने ट्रुथ पोस्ट में लिखा कि "आज रात एक पूरी सभ्यता समाप्त हो जाएगी, जिसे फिर कभी वापस नहीं लाया जा सकेगा।"
उन्होंने यह भी कहा कि वह इसकी ख्वाहिश नहीं रखते, लेकिन यह हो सकता है। उन्होंने कहा, "मैं नहीं चाहता कि ऐसा हो, लेकिन शायद ऐसा हो जाए।"
ट्रंप ने दावा किया कि अब पूर्ण सत्ता परिवर्तन संभव है। उनके अनुसार, इस बदलाव के बाद सत्ता पर अधिक समझदार और कम कट्टर विचारधारा वाले लोग काबिज होंगे। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यदि यह हुआ, तो "शायद कुछ बहुत ही शानदार हो जाए।"
उन्होंने कहा कि आज की रात दुनिया के इतिहास में एक महत्वपूर्ण और विशेष पल साबित हो सकता है। पिछले 47 वर्षों से चल रहे दमन, भ्रष्टाचार और हिंसा का अंत हो सकता है।
इससे पहले ट्रंप ने व्हाइट हाउस में एक सम्मेलन के दौरान होर्मुज स्ट्रेट को खोलने की चेतावनी दी थी और ईरान के ऊर्जा संयंत्रों और पुलों को नष्ट करने की बात दोहराई थी। उन्होंने कहा कि ईरान को "एक ही रात में समाप्त किया जा सकता है।" यदि ईरान ने समय पर अमेरिका से समझौता नहीं किया, तो कार्रवाई कभी भी हो सकती है, और यह मंगलवार रात भी हो सकती है।
व्हाइट हाउस में ट्रंप ने कहा कि उन्हें लगता है कि ईरान के नेता बातचीत कर रहे हैं, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि कोई समझौता होगा या नहीं। वहीं, ईरान ने अस्थायी युद्धविराम के प्रस्ताव को भी ठुकरा दिया है।
इस बीच, इजरायल ने भी ईरान के रेलवे सिस्टम को नष्ट करने की धमकी दी है। IDF ने ईरानियों को रेल सेवा का उपयोग न करने की सलाह दी। इसके बाद, दोपहर होते-होते कई ठिकानों पर हमले किए गए। अर्द्ध सरकारी मेहर न्यूज एजेंसी और आईआरएनए ने इसकी पुष्टि की। बताया गया कि मंगलवार को उत्तर-पश्चिम ईरान में तबरीज-जंजान हाईवे पर बने एक पुल को ही नहीं, बल्कि याह्या अबाद रेलवे पुल समेत खार्ग द्वीप को भी निशाना बनाया गया।