पुतिन का जी-20 में स्वागत करूंगा — ट्रंप; रूस ने अमेरिकी बैठकों में शामिल होने की जताई इच्छा
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 17 अक्टूबर 2026 को व्हाइट हाउस से रवाना होने से पहले पत्रकारों से कहा कि रूस ने अमेरिकी अध्यक्षता में आयोजित होने वाली जी-20 बैठकों में भाग लेने की इच्छा जताई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शिखर सम्मेलन में आते हैं, तो उनका खुले दिल से स्वागत किया जाएगा।
ट्रंप ने क्या कहा
एक पत्रकार के सवाल पर ट्रंप ने कहा, 'नहीं, उन्होंने सिर्फ शामिल होने की इच्छा जताई है। मुझे नहीं पता कि पुतिन खुद आएंगे या नहीं, लेकिन अगर वे आते हैं तो मैं ज़रूर उनका स्वागत करूंगा।' यह बयान ईंधन की कीमतों से जुड़े एक सवाल के जवाब में ट्रंप द्वारा स्वयं जी-20 का जिक्र करने के बाद सामने आया। ट्रंप ने यह भी जोड़ा कि जी-20 बैठकों में रूस के प्रतिनिधि पहले भी शामिल होते रहे हैं।
जी-20 की अमेरिकी अध्यक्षता और आगामी कार्यक्रम
अमेरिका इस वर्ष 2026 में जी-20 की अध्यक्षता कर रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो 30 और 31 अक्टूबर को जॉर्जिया के अटलांटा में जी-20 विदेश मंत्रियों की बैठक की मेजबानी करेंगे। इसके बाद 14 और 15 दिसंबर को फ्लोरिडा के मियामी स्थित ट्रंप नेशनल डोरल में जी-20 नेताओं का शिखर सम्मेलन आयोजित होगा, जिसकी मेजबानी स्वयं ट्रंप करेंगे।
परमाणु समझौते की इच्छा और यूक्रेन युद्ध
ट्रंप ने यह भी कहा कि वह चीन और रूस दोनों के साथ परमाणु समझौता करना चाहते हैं, हालाँकि उन्होंने स्वीकार किया कि उन्हें नहीं लगता कि यह इसी वर्ष संभव हो पाएगा। यूक्रेन युद्ध पर सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, 'देखिए, मुझे सभी बातें पता हैं। किसी समय मैं सारी जानकारी सार्वजनिक करूंगा। मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह युद्ध खत्म होना चाहिए।'
ट्रंप ने युद्ध में होने वाले नुकसान का उल्लेख करते हुए कहा, 'औसतन हर महीने करीब 25,000 सैनिक मारे जा रहे हैं। पिछले महीने यह संख्या 32,000 थी। मैं दोनों पक्षों से बात करता हूं। मुझे लगता है कि दोनों इस युद्ध को खत्म करना चाहते हैं।'
स्टारशील्ड पर ट्रंप का स्पष्टीकरण
जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या अमेरिका ने यूक्रेन की ओर से 'स्टारशील्ड' के इस्तेमाल पर कोई प्रतिबंध लगाया है, तो उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'नहीं, हमने ऐसा बिल्कुल नहीं किया है।'
रूस-भारत और जी-20 की सदस्यता
गौरतलब है कि रूस और भारत दोनों जी-20 के स्थायी सदस्य हैं। भारत ने सितंबर 2023 में नई दिल्ली में जी-20 शिखर सम्मेलन की सफलतापूर्वक मेजबानी की थी। यह ऐसे समय में आया है जब रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण वैश्विक मंचों पर रूस की भागीदारी एक संवेदनशील कूटनीतिक विषय बनी हुई है। ट्रंप के इस बयान के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अटलांटा और मियामी की बैठकों में रूस की उपस्थिति किस स्वरूप में होती है।