भूटान नरेश से मिले अमेरिकी दूत सर्जियो गोर, गेलेफू सिटी और निवेश पर हुई अहम चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने 8 अक्टूबर 2026 को थिम्पू में भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्येल वांगचुक से भेंट की। इस मुलाकात में निवेश, इनोवेशन और द्विपक्षीय सहयोग के नए अवसरों को विस्तार देने पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।
मुलाकात की मुख्य बातें
गोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'जिग्मे खेसर नामग्येल वांगचुक से मिलना मेरे लिए सम्मान की बात थी। हमने निवेश, इनोवेशन और सहयोग के अवसर बढ़ाने पर चर्चा की। गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी समेत भूटान का अपने भविष्य को लेकर महत्वाकांक्षी विजन अमेरिका के साथ गहरे जुड़ाव के नए रास्ते खोल रहा है।' उन्होंने कहा कि भूटान एक बड़े और दूरदर्शी विजन पर काम कर रहा है, जो अमेरिका-भूटान संबंधों को और सुदृढ़ करने की संभावनाएँ पैदा करता है।
प्रधानमंत्री टोबगे से भी की मुलाकात
भूटान के आधिकारिक दौरे पर पहुँचे गोर ने प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे से भी मुलाकात की। दोनों के बीच क्षेत्रीय स्थिरता और खुशहाली को आगे बढ़ाने के मुद्दे पर अहम बातचीत हुई। गोर ने एक्स पर लिखा, 'भूटान वापस आकर बहुत अच्छा लगा। यह दुनिया की सबसे खूबसूरत जगहों में से एक है। अपने दोस्त प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे से मिलना हमेशा अच्छा लगता है। क्षेत्र में स्थिरता और खुशहाली को आगे बढ़ाने पर हमारी अहम बातचीत हुई।'
पूर्व में भी हो चुकी है मुलाकात
गौरतलब है कि इससे पहले मार्च 2026 में भी सर्जियो गोर और प्रधानमंत्री टोबगे के बीच भूटान में मुलाकात हुई थी। उस दौरान भी दोनों ने आपसी हित के क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने के अवसरों पर विचार किया था। टोबगे ने उस समय एक्स पर लिखा था, 'भूटान दौरे पर आए भारत में अमेरिकी राजदूत और दक्षिण एवं मध्य एशिया के लिए विशेष दूत सर्जियो गोर का स्वागत करके खुशी हुई।'
अमेरिका-भूटान संबंधों की पृष्ठभूमि
यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार भूटान और अमेरिका के बीच अब तक औपचारिक राजनयिक संबंध स्थापित नहीं हैं। इसके बावजूद दोनों देशों के बीच मजबूत और सौहार्दपूर्ण अनौपचारिक रिश्ते बने हुए हैं, जो नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास और न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र के भूटान मिशन के माध्यम से संचालित होते हैं।
आगे क्या
गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी परियोजना — जो भूटान की आर्थिक विविधीकरण की बड़ी योजना का हिस्सा है — को अमेरिकी निजी क्षेत्र के निवेश के लिए एक संभावित गंतव्य के रूप में देखा जा रहा है। गोर की यह यात्रा दर्शाती है कि बिना औपचारिक राजनयिक संबंधों के भी अमेरिका-भूटान साझेदारी धीरे-धीरे गहरी हो रही है।