अमेरिका ने ईरान को युद्ध समाप्त करने के लिए 15 बिंदुओं वाला प्रस्ताव भेजा
सारांश
Key Takeaways
- अमेरिका ने ईरान को 15-सूत्रीय प्रस्ताव भेजा है।
- योजना में लड़ाई रोकने और परमाणु कार्यक्रम को समाप्त करने की मांग की गई है।
- ईरान को अपने प्रमुख परमाणु ठिकानों को बंद करने का निर्देश दिया गया है।
- युद्धविराम के प्रस्ताव के तहत एक महीने की शांति की अवधि का सुझाव दिया गया है।
- इस योजना में ईरान को प्रॉक्सी समूहों को समर्थन देना बंद करने का भी आग्रह किया गया है।
वाशिंगटन, 25 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका ने ईरान को युद्ध समाप्त करने और उसके परमाणु कार्यक्रम को बंद करने के लिए एक व्यापक 15-सूत्रीय योजना भेजी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान समझौता करने के लिए इच्छुक है।
यह प्रस्ताव मध्यस्थों के माध्यम से भेजा गया है। इसमें लड़ाई रोकने, ईरान की परमाणु गतिविधियों पर रोक लगाने और क्षेत्र में एक नया ढांचा बनाने का व्यापक खाका प्रस्तुत किया गया है। यह जानकारी द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने अधिकारियों के हवाले से दी है।
योजना में कहा गया है कि ईरान अपने तीन प्रमुख परमाणु ठिकानों को बंद करे, यूरेनियम संवर्धन पूरी तरह से रोक दे और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को भी निलंबित कर दे। इसके अतिरिक्त, ईरान द्वारा प्रॉक्सी समूहों को दी जा रही मदद पर रोक लगाने और होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खुला रखने की बात कही गई है।
इस योजना में एक महीने के युद्धविराम का प्रस्ताव भी शामिल है। इसमें ईरान से यह वादा करने को कहा गया है कि वह कभी भी परमाणु हथियार बनाने की कोशिश नहीं करेगा। साथ ही, उसे अपने पास मौजूद संवर्धित परमाणु सामग्री को निर्धारित समय के भीतर अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी को सौंपना होगा।
इसमें नतान्ज, इस्फहान और फ़ोर्डो परमाणु ठिकानों को सेवा से बाहर करने और उन्हें नष्ट करने का सुझाव दिया गया है, साथ ही संयुक्त राष्ट्र के परमाणु निगरानी निकाय को ईरान के भीतर की जानकारी तक पहुंच प्रदान करने का भी आग्रह किया गया है।
क्षेत्रीय स्तर पर ईरान से कहा गया है कि वह अपने सहयोगी समूहों को समर्थन देना बंद करे और उन्हें धन या हथियार न दे। इसके अलावा, होर्मुज स्ट्रेट को अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्ते के रूप में खुला रखने की बात भी शामिल है।
मिसाइल कार्यक्रम से जुड़े मुद्दों पर बाद में चर्चा करने का प्रस्ताव है, जिसमें मिसाइलों की संख्या और उनकी मारक क्षमता पर सीमा तय की जा सकती है। साथ ही, ईरान की सैन्य ताकत को केवल आत्मरक्षा तक सीमित रखने का सुझाव भी दिया गया है।
इसके बदले में ईरान पर लगे सभी परमाणु से जुड़े प्रतिबंध हटाने की बात कही गई है। अमेरिका, बुशहर में एक नागरिक परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के विकास में मदद करने को भी तैयार है, जिससे बिजली का उत्पादन किया जा सकेगा, लेकिन इस पर निगरानी रखी जाएगी।
इस प्रस्ताव में "स्नैपबैक" प्रणाली को समाप्त करने का प्रावधान भी शामिल है, जो प्रतिबंधों को स्वचालित रूप से फिर से लागू करने की अनुमति देता है। द वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार, यह योजना काफी हद तक ट्रंप प्रशासन की पहले की मांगों जैसी है, जो 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने से पहले रखी गई थीं।
वॉल स्ट्रीट जर्नल और न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, यह योजना बिचौलियों के माध्यम से पहुंचाई गई है। इस कूटनीतिक कोशिश में पाकिस्तान एक महत्वपूर्ण कड़ी बनकर उभरा है, साथ ही तुर्की और मिस्र भी इसमें शामिल हैं, जो अमेरिका और ईरान के अधिकारियों के बीच बातचीत करवाने की कोशिश कर रहे हैं।
हालांकि, बातचीत की कोशिशों के बावजूद, दोनों पक्षों के बीच अभी भी बड़ा अंतर मौजूद है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने इजरायल, कुवैत, बहरीन और सऊदी अरब समेत कई जगहों पर हमले जारी रखे हैं।
राष्ट्रपति ट्रंप ने मंगलवार को उम्मीद जताई कि ईरान बातचीत के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, "वे समझौता करना चाहते हैं और उन्होंने कहा है कि वे कभी परमाणु हथियार नहीं बनाएंगे।"
उन्होंने यह भी बताया कि बातचीत जारी है और सही नेताओं से संपर्क किया जा रहा है, जो समझौता करना चाहते हैं।
द न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, यह कूटनीतिक कोशिश ऐसे समय में हो रही है जब युद्ध चौथे हफ्ते में पहुंच चुका है और सैन्य कार्रवाई तथा आर्थिक दबाव लगातार बढ़ रहा है।