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2026 में भारतीय नौसेना का मजबूत कदम, पहले तीन महीनों में मिलेंगे दो नए वॉरशिप

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2026 में भारतीय नौसेना का मजबूत कदम, पहले तीन महीनों में मिलेंगे दो नए वॉरशिप

सारांश

भारतीय नौसेना ने 2026 की शुरुआत में दो अत्याधुनिक वॉरशिप के समावेश की घोषणा की है। इनमें से एक आईएनएस तारागिरि और एक एंटी-सबमरीन वॉरफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट शामिल हैं। यह कदम भारत की समुद्री सुरक्षा को और मजबूत करेगा।

मुख्य बातें

आईएनएस तारागिरि भारतीय नौसेना का चौथा गाइडेड मिसाइल स्टेल्थ फ्रिगेट है।
यह फ्रिगेट ब्रह्मोस मिसाइल और बराक-8 से लैस है।
आईएनएस अंजदीप एंटी-सबमरीन वॉरफेयर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
प्रोजेक्ट 17ए के तहत सभी सात फ्रिगेट्स में 75% उपकरण स्वदेशी हैं।
भारतीय नौसेना का लक्ष्य 2047 तक आत्मनिर्भरता प्राप्त करना है।

नई दिल्ली, २५ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय नौसेना ने समुद्र में अपनी ताकत को बढ़ाने के लिए लगातार स्वदेशी वॉरशिप का समावेश कर रही है। २०४७ तक पूर्ण आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रयास तेज हो गए हैं। नए स्वदेशी प्लेटफार्मों को नियमित रूप से नेवी में शामिल किया जा रहा है।

इस क्रम में, साल २०२६ के पहले तीन महीने में दो वॉरशिप भारतीय नौसेना में शामिल किए जाएंगे। नेवी के लिए साल २०२५ की शुरुआत भी यादगार रही थी, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक सबमरीन और दो वॉरशिप को नेवी में शामिल किया था। इनमें प्रोजेक्ट १७ए के नीलगिरी क्लास का गाइडेड मिसाइल स्टेल्थ फ्रिगेट आईएनएस नीलगिरी शामिल था। अब इसी नीलगिरी क्लास का चौथा गाइडेड मिसाइल स्टेल्थ फ्रिगेट आईएनएस तारागिरि नौसेना का हिस्सा बनने जा रहा है।

यह आधिकारिक तौर पर १४ मार्च को विशाखापत्तनम में नेवी का हिस्सा बनेगा। वहीं, २७ फरवरी को चेन्नई पोर्ट पर स्वदेशी एंटी-सबमरीन वॉरफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट ‘अंजदीप’ भी भारतीय नौसेना में शामिल किया जाएगा।

प्रोजेक्ट १७ए के तहत बनाए जा रहे सात नीलगिरी क्लास फ्रिगेट्स में से पहला एडवांस स्टेल्थ फ्रिगेट आईएनएस नीलगिरी को जनवरी २०२५ में नेवी में शामिल किया गया था। इसी क्रम में हिमगिरि और उदयगिरि को भी शामिल किया जा चुका है। अब तारागिरि की बारी है। यह गाइडेड मिसाइल स्टेल्थ फ्रिगेट ब्रह्मोस मिसाइल से लैस है, जो एंटी-सर्फेस और एंटी-शिप वॉरफेयर में सक्षम है। एंटी-एयर वॉरफेयर के लिए इसमें लॉन्ग रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल बराक-8 और एयर डिफेंस गन भी हैं।

यह फ्रिगेट लम्बी दूरी से आने वाले हमलों का पता लगाने, ट्रैक करने और इंटरसेप्ट करने के लिए सोनार, कॉम्बैट मैनेजमेंट सिस्टम और मल्टी-फंक्शन डिजिटल रडार से सुसज्जित है। इसमें दो हेलिकॉप्टरों के लिए हैंगर भी है।

प्रोजेक्ट १७ए के तहत सभी सात फ्रिगेट्स में लगभग ७५ प्रतिशत उपकरण स्वदेशी कंपनियों से लिए गए हैं। ६,७०० टन वजन का यह फ्रिगेट ३० नॉटिकल मील प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकता है।

प्रोजेक्ट १७ए के तहत सात नीलगिरी क्लास के गाइडेड मिसाइल स्टेल्थ फ्रिगेट बनाए जा रहे हैं। इनमें से चार को मजगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (एमडीएल) और तीन को गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई) द्वारा निर्मित किया गया है। २०१९ से २०२२ के बीच एमडीएल और जीआरएसई ने इनका लॉन्च किया था। तारागिरि नीलगिरी क्लास का चौथा फ्रिगेट है, जो नेवी में शामिल होने जा रहा है। शेष तीन के समुद्री परीक्षण चल रहे हैं। इन सभी स्टेल्थ गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट्स के नौसेना में शामिल होने से भारत की समुद्री ताकत में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी।

नीलगिरी क्लास के सभी वॉरशिप का डिज़ाइन नेवल डिज़ाइन ब्यूरो द्वारा किया गया है। प्रोजेक्ट १७ और १७ए के सभी फ्रिगेट्स के नाम भारत की पर्वत श्रृंखलाओं पर रखे गए हैं, जैसे- शिवालिक, सह्याद्रि, सतपुड़ा, नीलगिरी, हिमगिरि, तारागिरि, उदयगिरि, दूनागिरि, महेंद्रगिरि और विंध्यगिरि

चीन और पाकिस्तान की सबमरीन से निपटने के लिए भारतीय नौसेना ने एंटी-सबमरीन वॉरफेयर (एएसडब्ल्यू) शैलो वॉटर क्राफ्ट परियोजना पर कार्य तेज कर दिया है। पहले तीन एंटी-सबमरीन वॉरफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट- आईएनएस अर्णाला, आईएनएस अंद्रोत्त और आईएनएस माहे - पहले ही नौसेना में शामिल किए जा चुके हैं।

आईएनएस ‘अंजदीप’ की विशेषता यह है कि यह एंटी-सबमरीन रॉकेट लॉन्चर, लाइटवेट टॉरपीडो, ३० मिमी नेवल गन, एएसडब्ल्यू कॉम्बैट सूट, हल-माउंटेड सोनार और लो-फ्रीक्वेंसी वैरिएबल डेप्थ सोनार से सुसज्जित है। यह २५ नॉटिकल मील प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकता है और एक बार में लगभग ३,३०० किलोमीटर की दूरी तय कर सकता है। २०१९ में १६ एएसडब्ल्यू शैलो वॉटर क्राफ्ट के कॉन्ट्रैक्ट पर हस्ताक्षर किए गए थे। इनमें से ८ कोचिन शिपयार्ड में और ८ गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स, कोलकाता में बनाए जा रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि इसे आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी माना जा सकता है। इससे भारत की समुद्री ताकत में भी अभूतपूर्व वृद्धि होगी।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आईएनएस तारागिरि की विशेषताएँ क्या हैं?
आईएनएस तारागिरि एक गाइडेड मिसाइल स्टेल्थ फ्रिगेट है, जो ब्रह्मोस मिसाइल, बराक-8 और अन्य आधुनिक हथियारों से लैस है।
भारतीय नौसेना के लिए यह वॉरशिप शामिल होने का क्या महत्व है?
ये वॉरशिप भारतीय नौसेना की सामरिक क्षमता को बढ़ाते हैं और समुद्री सुरक्षा में योगदान देते हैं।
आईएनएस अंजदीप की विशेषताएँ क्या हैं?
आईएनएस अंजदीप एंटी-सबमरीन रॉकेट लॉन्चर और हल-माउंटेड सोनार सिस्टम से लैस है और यह 25 नॉटिकल मील प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकता है।
प्रोजेक्ट 17ए में कितने फ्रिगेट्स बनाए जा रहे हैं?
प्रोजेक्ट 17ए के तहत कुल सात नीलगिरी क्लास के फ्रिगेट्स बनाए जा रहे हैं।
भारतीय नौसेना की आत्मनिर्भरता की योजना क्या है?
भारतीय नौसेना की योजना 2047 तक पूरी तरह से आत्मनिर्भर बनने की है, जिसमें स्वदेशी प्लेटफॉर्मों का समावेश है।
राष्ट्र प्रेस
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