20वां रोजगार मेला: PM मोदी ने 51,000 युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए, देशभर के 45 केंद्रों पर जश्न
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 सितंबर 2026 को 20वें रोजगार मेले के अंतर्गत देशभर में 51,000 युवाओं को सरकारी नियुक्ति पत्र वितरित किए। 45 स्थानों पर एक साथ आयोजित इस विशाल कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने नवनियुक्त कर्मचारियों को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। नियुक्ति पत्र पाने वाले उम्मीदवारों ने उत्साह और कृतज्ञता के साथ अपनी प्रतिक्रियाएँ साझा कीं।
मुख्य घटनाक्रम
पुणे और बेंगलुरु सहित देशभर के केंद्रों पर हज़ारों युवाओं को केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में नियुक्ति पत्र सौंपे गए। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के साइंटिस्ट-बी पद पर बड़ी संख्या में चयन किए गए। यह आयोजन सरकार की उस नीति का हिस्सा है जिसके तहत पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया से सीधे नियुक्ति पत्र युवाओं को सौंपे जाते हैं।
नवनियुक्त कर्मचारियों की आवाज़
मुंबई निवासी मधुरिमा प्रकाश, जिनका चयन DRDO में साइंटिस्ट-बी पद पर हुआ है, ने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वजह से मेरे जैसे कई युवाओं को रोजगार मिला है। इस उपलब्धि से मेरे पूरे परिवार में खुशी है और हम अपने-अपने क्षेत्र में देश की सेवा कर सकेंगे।'
राजस्थान की मूल निवासी निशा, जिनका चयन पुणे केंद्र के माध्यम से DRDO में साइंटिस्ट-बी के रूप में हुआ, ने कहा, 'युवाओं को अवसर देने के लिए मैं भारत सरकार और प्रधानमंत्री को बहुत-बहुत धन्यवाद देना चाहती हूं। इससे मैं भारत के रक्षा क्षेत्र में योगदान दे पाऊंगी।'
प्रभव कुमार यादव, जो DRDO में साइंटिस्ट-बी पद पर नियुक्त हुए, ने कहा, 'प्रधानमंत्री ने युवाओं के लिए यह पहल की है। ऐसे ही चलता रहा तो देश में जल्द ही प्रगति की नई लहर आएगी।' बेंगलुरु केंद्र पर एक अन्य नवनियुक्त उम्मीदवार ने कहा, 'इसके लिए लंबा इंतज़ार करना पड़ा, काफी मेहनत और सब्र की ज़रूरत थी। अब हम देश के निर्माण में सेवा करेंगे और सरकार की, खासकर प्रधानमंत्री की उम्मीदों को पूरा करने की कोशिश करेंगे।'
रोजगार मेले का व्यापक संदर्भ
यह 20वां रोजगार मेला है, जो केंद्र सरकार की भर्ती प्रक्रिया को सार्वजनिक और उत्सवी रूप देने की पहल का हिस्सा है। गौरतलब है कि पिछले कई रोजगार मेलों में लाखों युवाओं को विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं। यह ऐसे समय में आया है जब सरकारी नौकरियों की माँग और बेरोजगारी को लेकर देश में व्यापक बहस जारी है।
आम जनता पर असर
DRDO जैसे संवेदनशील रक्षा अनुसंधान संस्थान में वैज्ञानिक पदों पर नियुक्तियाँ न केवल व्यक्तिगत परिवारों के लिए, बल्कि देश की रक्षा क्षमता के लिए भी महत्त्वपूर्ण मानी जाती हैं। 45 शहरों में एक साथ आयोजन ने इस कार्यक्रम की राष्ट्रीय व्यापकता को रेखांकित किया।
क्या होगा आगे
सरकार के सूत्रों के अनुसार, रोजगार मेलों की यह शृंखला आगे भी जारी रहेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि इन आयोजनों की वास्तविक सफलता का आकलन नियुक्त उम्मीदवारों के कार्यभार ग्रहण करने और दीर्घकालिक सेवा-काल के आधार पर किया जाना चाहिए।