क्या 28 जनवरी का पंचांग: माघ माह की दशमी तिथि में शुभ-अशुभ समय नोट करें?

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क्या 28 जनवरी का पंचांग: माघ माह की दशमी तिथि में शुभ-अशुभ समय नोट करें?

सारांश

28 जनवरी को माघ माह की दशमी तिथि है। जानिए इस दिन के शुभ और अशुभ समय के बारे में और कैसे करें गणेश की पूजा।

Key Takeaways

  • 28 जनवरी को माघ माह की दशमी तिथि है।
  • शुभ मुहूर्त में कार्य करने से सफलता की संभावना बढ़ती है।
  • गणेश पूजा के लिए विशेष समय और सामग्री का ध्यान रखना चाहिए।

नई दिल्ली, 27 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। नए कार्य की शुरुआत या कोई शुभ कार्य करने के लिए सनातन धर्म में पंचांग का महत्व अत्यधिक है। शुभ मुहूर्त में किए गए कार्यों में सफलता मिलती है, जबकि अशुभ समय में कार्यों का परिणाम नकारात्मक हो सकता है। 28 जनवरी को बुधवार और माघ माह की शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि है, जो शाम 4:35 बजे तक रहेगी। इसके बाद एकादशी तिथि प्रारंभ होगी।

इस दिन चंद्रमा वृषभ राशि में रहेंगे। कृत्तिका नक्षत्र सुबह 9:26 तक और उसके बाद रोहिणी नक्षत्र शुरू होगा। ब्रह्म योग रात 11:54 तक प्रभावी रहेगा, जबकि करण गर शाम 4:35 तक और उसके बाद वणिज होगा। बुधवार को सूर्योदय 7:11 बजे और सूर्यास्त शाम 5:57 बजे होगा।

बुधवार के विशेष योग की बात करें तो सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग पूरे दिन प्रभावी रहेंगे, जो शुभ कार्यों के लिए अत्यंत अच्छे माने जाते हैं। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5:25 से 6:18 तक, अमृत काल सुबह 7:13 से 8:42 तक, विजय मुहूर्त दोपहर 2:22 से 3:05 तक और गोधूलि मुहूर्त शाम 5:54 से 6:21 तक रहेगा।

वहीं, अशुभ समय की बात करें तो राहुकाल दोपहर 12:34 से 1:55 बजे तक रहेगा, जिसके दौरान कोई भी शुभ कार्य जैसे विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश या नया काम शुरू करना वर्जित होता है। यमगण्ड सुबह 8:32 से 9:53 तक है।

बुधवार का दिन विघ्न विनाशक भगवान गणेश को समर्पित है। धार्मिक मान्यता अनुसार, इस दिन उनकी पूजा करने से बुद्धि में वृद्धि होती है, सभी विघ्नों का नाश होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। पूजा के लिए सुबह ब्रह्म मुहूर्त या शुभ समय का चयन पंचांग के अनुसार करें। स्नान-ध्यान के बाद पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुंह करके गणपति की विधि-विधान से पूजा करें। उन्हें दूर्वा, लाल फूल, सिंदूर का तिलक, मोदक, गुड़-घी का भोग लगाएं। धूप, दीप और कपूर जलाएं। इसके बाद 'ओम गं गणपतये नमः' मंत्र का कम से कम 11 या 108 बार जप करें। गणेश चालीसा या अथर्वशीर्ष, गणेश संकट नाशन स्त्रोत का पाठ करें, फिर आरती उतारें और प्रसाद वितरित करें।

गौरी गणेश को दूर्वा, मोदक, लड्डू, गुड़, केला, लाल फूल और शमी के पत्ते प्रिय हैं। तुलसी या मुरझाए फूल कभी न चढ़ाएं। भोग लगाने के बाद यथाशक्ति ब्राह्मण, गरीबों या जरूरतमंदों को दान करना पुण्यदायी होता है।

Point of View

यह महत्वपूर्ण है कि हम पाठकों को पंचांग की जानकारी दें, जिससे वे अपने कार्यों की योजना सही तरीके से बना सकें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, शुभ समय में कार्य करने से सफलता की संभावना बढ़ जाती है।
NationPress
08/02/2026

Frequently Asked Questions

28 जनवरी को कौन सी तिथि है?
28 जनवरी को माघ माह की शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि है।
गणेश पूजा के लिए कौन सा समय शुभ है?
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5:25 से 6:18 तक पूजा के लिए शुभ है।
अशुभ समय कब है?
राहुकाल दोपहर 12:34 से 1:55 बजे तक रहेगा, जो अशुभ समय है।
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