3 मई पंचांग: ज्येष्ठ कृष्ण द्वितीया पर त्रिपुष्कर योग व अभिजित मुहूर्त, जानें राहुकाल और शुभ समय

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3 मई पंचांग: ज्येष्ठ कृष्ण द्वितीया पर त्रिपुष्कर योग व अभिजित मुहूर्त, जानें राहुकाल और शुभ समय

सारांश

3 मई 2025 (रविवार) को ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि पर अभिजित मुहूर्त और त्रिपुष्कर योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है। त्रिपुष्कर योग में किए गए शुभ कार्य तीन गुना फल देते हैं। संध्याकाल में राहुकाल के कारण नए कार्यों से बचें।

Key Takeaways

3 मई 2025 (रविवार) को ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि रात 3:01 बजे तक रहेगी। त्रिपुष्कर योग सुबह 5:39 बजे से 7:10 बजे तक; इस दौरान शुभ कार्यों का फल तीन गुना माना जाता है। अभिजित मुहूर्त दोपहर 11:52 बजे से 12:45 बजे तक — त्रिपुष्कर योग के साथ विशेष संयोग। राहुकाल शाम 5:18 बजे से 6:57 बजे तक — इस दौरान नया कार्य आरंभ न करें। सूर्योदय 5:39 बजे , सूर्यास्त 6:57 बजे ; विशाखा नक्षत्र सुबह 7:10 बजे तक, फिर अनुराधा नक्षत्र ।

नई दिल्ली — सनातन धर्म में पंचांग को दिनचर्या का आधार माना जाता है। तिथि, वार, करण, योग और नक्षत्र — इन पाँच अंगों के समन्वय से ही शुभ-अशुभ समय का निर्धारण होता है। 3 मई 2025 (रविवार) को ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि रहेगी। इस दिन विशेष रूप से अभिजित मुहूर्त के साथ त्रिपुष्कर योग का संयोग बन रहा है, जिसे शुभ कार्यों के लिए अत्यंत अनुकूल माना जाता है।

सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्र समय

रविवार को सूर्योदय सुबह 5 बजकर 39 मिनट पर होगा और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 57 मिनट पर। चंद्रोदय शाम 8 बजकर 47 मिनट पर होगा, जबकि चंद्रास्त 4 मई की सुबह 6 बजकर 10 मिनट पर होगा।

ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि रात 3 बजकर 1 मिनट तक रहेगी, उसके पश्चात तृतीया तिथि आरंभ हो जाएगी। विशाखा नक्षत्र सुबह 7 बजकर 10 मिनट तक रहेगा, उसके बाद अनुराधा नक्षत्र प्रभावी होगा। वरीयान् योग रात 10 बजकर 28 मिनट तक और तैतिल करण दोपहर 1 बजकर 54 मिनट तक रहेगा।

शुभ मुहूर्त और त्रिपुष्कर योग

ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 13 मिनट से 4 बजकर 56 मिनट तक रहेगा — यह ध्यान, पूजा और अध्ययन के लिए श्रेष्ठ समय माना जाता है।

अभिजित मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 52 मिनट से 12 बजकर 45 मिनट तक रहेगा। उल्लेखनीय है कि इसी अवधि में त्रिपुष्कर योग भी सक्रिय रहेगा, जिससे यह समय विशेष रूप से फलदायी माना जा रहा है।

त्रिपुष्कर योग 3 मई को सुबह 5 बजकर 39 मिनट से 7 बजकर 10 मिनट तक रहेगा। मान्यता है कि इस योग में किए गए शुभ कार्यों का फल तीन गुना मिलता है।

विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 31 मिनट से 3 बजकर 25 मिनट तक, गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 56 मिनट से 7 बजकर 18 मिनट तक रहेगा। अमृत काल रात 10 बजकर 21 मिनट से अगले दिन 4 मई की रात 12 बजकर 8 मिनट तक और निशिता मुहूर्त रात 11 बजकर 56 मिनट से 12 बजकर 39 मिनट तक रहेगा।

अशुभ समय और राहुकाल

राहुकाल शाम 5 बजकर 18 मिनट से 6 बजकर 57 मिनट तक रहेगा। ज्योतिष परंपरा के अनुसार इस अवधि में कोई नया कार्य आरंभ करना वर्जित माना जाता है।

यमगण्ड दोपहर 12 बजकर 18 मिनट से 1 बजकर 58 मिनट तक, गुलिक काल दोपहर 3 बजकर 38 मिनट से 5 बजकर 18 मिनट तक और दुर्मुहूर्त शाम 5 बजकर 11 मिनट से 6 बजकर 4 मिनट तक रहेगा। इन अवधियों में महत्वपूर्ण निर्णय और नए कार्यों की शुरुआत से बचने की सलाह दी जाती है।

दिन का समग्र विश्लेषण

3 मई 2025 का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से मिश्रित किंतु समग्र रूप से शुभ है। अभिजित मुहूर्त और त्रिपुष्कर योग का एक साथ आना दुर्लभ संयोग है। जो लोग विवाह, गृह प्रवेश, व्यापार आरंभ या अन्य मांगलिक कार्य करना चाहते हैं, वे दोपहर के अभिजित मुहूर्त का सदुपयोग कर सकते हैं। संध्याकाल में राहुकाल और दुर्मुहूर्त के कारण सावधानी बरतना उचित रहेगा।

Point of View

बल्कि सामाजिक निर्णय-प्रक्रिया का एक सांस्कृतिक ढाँचा है। 3 मई को अभिजित मुहूर्त और त्रिपुष्कर योग का एक साथ आना उन लोगों के लिए विशेष महत्व रखता है जो मांगलिक कार्यों की तिथि निर्धारण में ज्योतिषीय मार्गदर्शन लेते हैं। हालाँकि, आधुनिक संदर्भ में यह भी ध्यान देने योग्य है कि पंचांग की गणनाएँ स्थान-विशेष (देशांतर-अक्षांश) के आधार पर भिन्न हो सकती हैं, इसलिए स्थानीय पंचांग से पुष्टि करना सदैव उचित रहता है।
NationPress
02/05/2026

Frequently Asked Questions

3 मई 2025 को त्रिपुष्कर योग कितने बजे से कितने बजे तक है?
3 मई 2025 को त्रिपुष्कर योग सुबह 5 बजकर 39 मिनट से 7 बजकर 10 मिनट तक रहेगा। इस योग में किए गए शुभ कार्यों का फल तीन गुना मिलता है, ऐसी मान्यता है।
3 मई को अभिजित मुहूर्त का समय क्या है?
3 मई 2025 (रविवार) को अभिजित मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 52 मिनट से 12 बजकर 45 मिनट तक रहेगा। यह दिन का सर्वश्रेष्ठ शुभ मुहूर्त माना जाता है और इस दिन इसमें त्रिपुष्कर योग भी सक्रिय रहेगा।
3 मई 2025 को राहुकाल कब है?
3 मई 2025 को राहुकाल शाम 5 बजकर 18 मिनट से 6 बजकर 57 मिनट तक रहेगा। ज्योतिष परंपरा के अनुसार इस समय में कोई नया कार्य, यात्रा या महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचना चाहिए।
3 मई को कौन-सी तिथि और नक्षत्र है?
3 मई 2025 को ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि रात 3 बजकर 1 मिनट तक रहेगी। नक्षत्र विशाखा सुबह 7 बजकर 10 मिनट तक और उसके बाद अनुराधा नक्षत्र प्रभावी रहेगा।
3 मई को ब्रह्म मुहूर्त और अमृत काल का समय क्या है?
3 मई 2025 को ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 13 मिनट से 4 बजकर 56 मिनट तक रहेगा। अमृत काल रात 10 बजकर 21 मिनट से 4 मई की रात 12 बजकर 8 मिनट तक रहेगा।
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