क्या महाराष्ट्र में 5 लाख रुपए के लिए बहू को प्रताड़ित किया गया?

सारांश
Key Takeaways
- प्रताड़ना के खिलाफ आवाज उठाना महत्वपूर्ण है।
- पुलिस की त्वरित कार्रवाई से पीड़ितों को सुरक्षा मिलती है।
- समाज में घरेलू हिंसा के मामलों को गंभीरता से लेना चाहिए।
- न्याय पाने के लिए कानूनी सहायता का महत्व है।
- महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करनी चाहिए।
दौंड, 30 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र के दौंड तालुका के आलेगांव स्थित धूमालवस्ती में निवास करने वाली पूजा वाघेश्वर फराटे (28) ने अपने पति सहित सात व्यक्तियों पर मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में मामला दर्ज कराया है।
पूजा एक गृहिणी हैं। उन्होंने अपनी शिकायत में उल्लेख किया कि 31 अगस्त 2021 को उनकी शादी वाघेश्वर दादासाहेब फराटे से हुई थी। शादी के बाद से ही उन्हें पति और ससुराल पक्ष की ओर से बार-बार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
उन्होंने बताया कि उनके पति के अलावा ससुर दादासाहेब बापूराव फराटे, सास सुवर्णा दादासाहेब फराटे (निवासी - मांडवगन फराटे, तालुका शिरूर), ननद मंजूश्री संजय गोराडे और उनके पति संजय गोराडे (निवासी - मोशी, मुलगांव मोराची चिंचोली, तालुका शिरूर), और दूसरी ननद सोनाली सागर शेलार व उनके पति सागर शेलार (निवासी - नागरगांव, तालुका शिरूर) ने भी लगातार उसे परेशान किया।
पूजा का आरोप है कि सभी आरोपी लगातार फोन करके या सामने आकर उसे मकान बनाने के लिए अपने मायके से सोना और 5 लाख रुपए लाने के लिए मजबूर करते रहे। जब उसने यह मांग पूरी नहीं की, तो उसे मानसिक दबाव और शारीरिक यातनाएं दी गईं।
पीड़िता की ओर से दर्ज की गई रिपोर्ट के आधार पर दौंड पुलिस थाना में आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
इस गंभीर प्रकरण की जांच पोहवा चव्हाण कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपों की गहनता से जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दौंड पुलिस की यह त्वरित कार्रवाई पीड़ित महिला को न्याय दिलाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।