क्या आम आदमी पार्टी ने मंत्री कपिल मिश्रा की विधानसभा सदस्यता खत्म करने की मांग की?
सारांश
Key Takeaways
- कपिल मिश्रा की विधानसभा सदस्यता पर सवाल उठाए गए हैं।
- फर्जी वीडियो के मामले में फॉरेंसिक रिपोर्ट ने स्थिति को स्पष्ट किया है।
- भाजपा पर आम आदमी पार्टी द्वारा गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
नई दिल्ली, 10 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। सिख गुरुओं के साथ जुड़ी हुई कथित बेअदबी के फर्जी वीडियो मामले के चलते आम आदमी पार्टी (आप) ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला किया है। ‘आप’ के नेता और विधायक कुलदीप कुमार ने भाजपा मंत्री कपिल मिश्रा की विधानसभा सदस्यता को तुरंत रद्द करने की मांग की है।
कुलदीप कुमार ने कहा कि फॉरेंसिक रिपोर्ट के प्रकाश में आने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि भाजपा द्वारा प्रसारित वीडियो फर्जी था और इसका उद्देश्य दिल्ली के असली मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाना था। शनिवार को कुलदीप कुमार के साथ अंबेडकर नगर से विधायक अजय दत्त और देवली से विधायक प्रेम चौहान भी मौजूद रहे। इस अवसर पर नेताओं ने आरोप लगाया कि दिल्ली विधानसभा सत्र के दौरान भाजपा ने कानून-व्यवस्था, प्रदूषण और गंदे पानी जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा से बचने के लिए जानबूझकर विवाद खड़ा किया।
कुलदीप कुमार ने कहा कि विपक्ष की नेता आतिशी का वीडियो काट-छांट कर इस तरह प्रसारित किया गया जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हों। उन्होंने बताया कि पंजाब पुलिस द्वारा कराई गई फॉरेंसिक जांच में यह स्पष्ट हो चुका है कि वीडियो में छेड़छाड़ की गई थी और आतिशी ने अपने भाषण में गुरु साहिब का नाम नहीं लिया था। इसके बावजूद भाजपा नेताओं ने इसे सोशल मीडिया पर फैलाकर समाज में भ्रम पैदा करने की कोशिश की।
कुलदीप कुमार ने मांग की कि दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता न सिर्फ कपिल मिश्रा की सदस्यता समाप्त करें, बल्कि वीडियो साझा करने वाले अन्य भाजपा विधायकों पर भी कार्रवाई करें। विधायक अजय दत्त ने कहा कि चार-पांच दिन तक विधानसभा का कामकाज ठप रहा, जिससे जनता से जुड़े अहम सवालों पर चर्चा नहीं हो सकी।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदूषण से जूझ रही दिल्ली में लोग सांस लेने को मजबूर हैं, अस्पताल भरे पड़े हैं, लेकिन भाजपा इन मुद्दों पर जवाब देने से बचती रही। अजय दत्त ने कहा कि फर्जी वीडियो को तुरंत डिलीट कराया जाए और जिन लोगों ने इसे फैलाया, उनसे सार्वजनिक माफी मंगवाई जाए। देवली विधायक प्रेम चौहान ने भी स्पीकर की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि फॉरेंसिक रिपोर्ट आने से पहले ही सोशल मीडिया से वीडियो हटवाया जाना चाहिए था।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते पंजाब पुलिस की रिपोर्ट नहीं आती, तो भाजपा देशभर में धार्मिक भावनाएं भड़काने की साजिश में सफल हो सकती थी। ‘आप’ नेताओं ने दोहराया कि भाजपा अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए लगातार षड्यंत्र कर रही है, लेकिन आम आदमी पार्टी दिल्ली की जनता के मुद्दों से पीछे हटने वाली नहीं है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग जारी रहेगी।