क्या अभय सिंह चौटाला को जान से मारने की धमकी मिलना एक गंभीर मामला है?

सारांश
Key Takeaways
- अभय सिंह चौटाला को जान से मारने की धमकी मिली है।
- करण चौटाला ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं।
- सरकार ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है।
- कानून व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न उठाए गए हैं।
- ऐसे धमकी भरे कॉल आम हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं होती।
चंडीगढ़, 16 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला को जान से मारने की धमकी भरा फोन आने पर उनके बेटे करण चौटाला ने सरकार और प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्न उठाए हैं।
करण चौटाला ने बताया कि किसी भी पुलिस अधिकारी ने उनसे संपर्क नहीं किया। राष्ट्र प्रेस से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि जब उन्हें धमकी भरा कॉल आया, तब उन्होंने चंडीगढ़ के सेक्टर-3 पुलिस स्टेशन जाकर शिकायत दर्ज कराई। यह हैरान करने वाली बात है कि उनकी शिकायत पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। हरियाणा पुलिस और चंडीगढ़ पुलिस की ओर से किसी अधिकारी ने उनसे संपर्क नहीं किया और न ही कोई जानकारी इकट्ठा करने की कोशिश की है। उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सैनी के उस बयान को निराधार बताया, जिसमें वह कड़ी कार्रवाई करने की बात कर रहे हैं।
करण चौटाला ने कहा, "सीएम कार्रवाई की बात करते हैं, लेकिन अब तक किसी भी पुलिस अधिकारी ने हमसे संपर्क नहीं किया। प्रदेश की पुलिस का यह रवैया दर्शाता है कि सरकार और प्रशासन ऐसे मामलों में कितनी गंभीरता से लेते हैं।" पुलिस थाने में दी गई अपनी शिकायत पर चौटाला ने कहा कि उन्होंने पूरी बात बताई है। पुलिस के अधीन यह पूरा मामला है, इसलिए वह ज्यादा कुछ नहीं कह सकते। पुलिस क्या कार्रवाई करती है, इसके बाद ही वह मीडिया के सामने कुछ कहेंगे।
अभय सिंह चौटाला को जान से मारने वाले कॉल पर उन्होंने कहा कि धमकी देने वाले ने उनका और अभय सिंह का नाम लेते हुए कहा कि, "आप लोग जो अपना काम कर रहे हो, वह करते रहो, अगर हमारे रास्ते में आए तो कुछ ऐसा किया जाएगा जिससे आपको पछताना पड़ेगा।" प्रदेश की कानून व्यवस्था पर तीखा हमला करते हुए करण चौटाला ने कहा कि यह सिर्फ उनके परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि कई परिवारों को भी ऐसे धमकी वाले कॉल आते हैं। लेकिन, कार्रवाई नहीं होती है। उन्होंने यमुनानगर और गुरुग्राम का उदाहरण दिया, जहां अपराधियों में कानून का खौफ नहीं है।