क्या अदाणी समूह ने दुनिया के सबसे बड़े सिंगल-लोकेशन प्रोजेक्ट के साथ बैटरी एनर्जी स्टोरेज में कदम रखा?

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क्या अदाणी समूह ने दुनिया के सबसे बड़े सिंगल-लोकेशन प्रोजेक्ट के साथ बैटरी एनर्जी स्टोरेज में कदम रखा?

सारांश

अदाणी समूह ने बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छूने की योजना बनाई है। इस परियोजना के द्वारा 1,126 मेगावाट की ऊर्जा क्षमता और अद्वितीय तकनीक का उपयोग किया जाएगा। जानिए कैसे यह पहल भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती प्रदान करेगी।

मुख्य बातें

अदाणी समूह ने बैटरी एनर्जी स्टोरेज में प्रवेश किया है।
प्रोजेक्ट की कुल क्षमता 1,126 मेगावाट है।
700 से अधिक बीईएसएस कंटेनर्स स्थापित किए जाएंगे।
यह भारत में सबसे बड़ा और दुनिया का सबसे बड़ा सिंगल-लोकेशन बीईएसएस प्रोजेक्ट है।
2027 तक 15 गीगावाट घंटा बीईएसएस क्षमता स्थापित करने की योजना है।

अहमदाबाद, 11 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। अदाणी समूह ने मंगलवार को बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (बीईएसएस) क्षेत्र में अपने कदम रखने की घोषणा की, जिसमें समूह 1,126 मेगावाट/3,530 मेगावाट-घंटे (एमडब्ल्यूएच) की क्षमता वाला प्रोजेक्ट तैयार कर रहा है, जिसे मार्च 2026 तक चालू किया जाएगा।

इस परियोजना के तहत अदाणी समूह 700 से अधिक बीईएसएस कंटेनर्स स्थापित करेगा, जिससे यह भारत में सबसे बड़ा और दुनिया का सबसे विशाल सिंगल-लोकेशन बीईएसएस प्रोजेक्ट बन जाएगा।

इस बीईएसएस प्रोजेक्ट की ऊर्जा क्षमता 1,126 मेगावाट होगी और ऊर्जा भंडारण क्षमता 3,530 मेगावाट होगी।

अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने कहा, "एनर्जी स्टोरेज रिन्यूएबल एनर्जी के भविष्य की आधारशिला है। इस ऐतिहासिक परियोजना के साथ, हम न केवल वैश्विक मानक स्थापित कर रहे हैं, बल्कि भारत की एनर्जी स्वतंत्रता और स्थिरता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को भी मजबूत कर रहे हैं। यह पहल हमें बड़े पैमाने पर विश्वसनीय, स्वच्छ और किफायती एनर्जी सॉल्यूशंस प्रदान करने में सक्षम बनाएगी।"

इस रणनीतिक प्रवेश के साथ, अदाणी समूह बड़े पैमाने पर स्टोरेज इन्फ्रास्ट्रक्चर में निवेश करने वाले ग्लोबल एनर्जी लीडर्स की श्रेणी में शामिल हो गया है।

कंपनी ने बताया कि इस रणनीतिक पहल से भारत को एनर्जी सिक्योरिटी और 24 घंटे स्वच्छ ऊर्जा की आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

बीईएसएस पीक लोड दबाव को कम करने, ट्रांसमिशन कंजेशन को घटाने और सौर ऊर्जा कटौती को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिससे ग्रिड की विश्वसनीयता और दक्षता में सुधार होगा।

यह परियोजना दुनिया के सबसे बड़े रिन्यूएबल एनर्जी प्लांट खावड़ा में स्थापना के एडवांस स्टेज में है, और इसे अत्याधुनिक लिथियम-आयन बैटरी तकनीक के साथ विकसित किया जा रहा है और मजबूत प्रदर्शन और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए एडवांस एनर्जी मैनेजमेंट सिस्टम के साथ एकीकृत किया जा रहा है।

अदाणी समूह ने कहा कि यह परियोजना पीक लोड मैनेजमेंट और एनर्जी शिफ्टिंग में सहायक होगी, जिससे पावर सेक्टर को कार्बन-मुक्त करने में मदद मिलेगी।

अदाणी समूह की योजना मार्च 2027 तक अतिरिक्त 15 गीगावाट घंटा बीईएसएस क्षमता स्थापित करने की है, जिसका लंबी अवधि का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में कुल 50 गीगावाट घंटा क्षमता प्राप्त करना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा को भी बढ़ाएगा। यह भारत की ऊर्जा स्वतंत्रता की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अदाणी समूह का बैटरी एनर्जी स्टोरेज प्रोजेक्ट कब चालू होगा?
यह प्रोजेक्ट मार्च 2026 तक चालू होने की योजना है।
इस प्रोजेक्ट की कुल ऊर्जा क्षमता क्या होगी?
इसकी कुल ऊर्जा क्षमता 1,126 मेगावाट और ऊर्जा भंडारण क्षमता 3,530 मेगावाट होगी।
अदाणी समूह का यह प्रोजेक्ट भारत की ऊर्जा सुरक्षा को कैसे प्रभावित करेगा?
यह प्रोजेक्ट भारत को 24 घंटे स्वच्छ ऊर्जा की आपूर्ति सुनिश्चित करेगा और एनर्जी सिक्योरिटी में मदद करेगा।
राष्ट्र प्रेस
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