सरकार हर संभव प्रयास करेगी: अशोक चौधरी ने विपक्ष पर साधा निशाना
सारांश
Key Takeaways
- अशोक चौधरी ने विपक्ष की रणनीति पर सवाल उठाए।
- सरकार महाभियोग से पहले वोटिंग की आवश्यकता पर जोर दे रही है।
- पीएम मोदी ने एनर्जी सुरक्षा को लेकर चिंताओं का उल्लेख किया।
- वास्तविक नागरिकों के हितों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।
- भविष्य में मोबाइल से मतदान की संभावना का जिक्र किया गया।
पटना, १३ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने अविश्वास प्रस्ताव के मुद्दे पर विपक्ष को कटाक्ष करते हुए कहा कि वे कभी निर्वाचन आयोग, कभी विधानसभा अध्यक्ष, तो कभी ईडी और सीबीआई प्रमुखों के खिलाफ प्रस्ताव लाते हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष की दिशा और रणनीति समझ से परे है। अब ज्ञानेश कुमार को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश के संसाधन केवल वास्तविक नागरिकों के लिए हैं। 'एसआईआर' प्रक्रिया का उद्देश्य उन व्यक्तियों की पहचान करना है जिनके नाम मतदाता सूची में दो स्थानों पर हैं या जो भारत के नागरिक नहीं होते हुए भी मतदाता बने हुए हैं।
उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी स्थिति आ सकती है कि हम मोबाइल के जरिए भी मतदान कर सकें। हमें बूथ पर जाने की आवश्यकता न पड़े। इस तरह की पारदर्शिता होनी चाहिए। यदि हम कचरा छाटेंगे नहीं तो कैसे होगा? इसके लिए कहा जाएगा कि हम महाभियोग लगाएंगे। उन्होंने कहा कि महाभियोग आने से पहले वोट होना चाहिए कि आपके पास चर्चा के लिए स्थान है या नहीं।
ईरान से पीएम मोदी की बात पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री देश की जनता के प्रति संवेदनशील हैं। हमें विश्वास है कि जो भी आवश्यक प्रयास सरकार को करने होंगे, वे किए जाएंगे। देश की जनता को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए कुछ न कुछ व्यवस्था करने के लिए प्रधानमंत्री जी पहले भी चिंतित रहे हैं और अभी भी चिंतित हैं।
उन्होंने आरजेडी पर निशाना साधते हुए कहा कि हमें नहीं लगता कि वे लोग प्रतिस्पर्धा में भी हैं। कांग्रेस को लेकर उन्होंने कहा कि आरोप लगाने से पहले कांग्रेस को यह समझना चाहिए कि उनके कार्यकाल में क्या-क्या घटनाएं घटीं।
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने १२ मार्च, गुरुवार को कहा कि ईरान युद्ध के कारण तेल और गैस सप्लाई में आई रुकावटों के बीच सरकार भारत की एनर्जी सिक्योरिटी को सुरक्षित रखने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने एनर्जी सेक्टर में भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए पूरी तरह से काम किया है, जिससे देश को भारी बचत हुई है। उन्होंने कहा कि २०१४ से पहले, भारत के पास स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व के लिए बहुत कम स्टोरेज क्षमता थी। अब हमारे पास पर्याप्त रिजर्व हैं।