अदाणी पोर्ट्स का मुनाफा FY26 में 16% बढ़कर ₹12,782 करोड़, आय ₹38,736 करोड़ के पार

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अदाणी पोर्ट्स का मुनाफा FY26 में 16% बढ़कर ₹12,782 करोड़, आय ₹38,736 करोड़ के पार

सारांश

अदाणी पोर्ट्स ने FY26 में रिकॉर्ड 50 करोड़ मीट्रिक टन कार्गो संभालकर इतिहास रचा — मुनाफा 16% और आय 25% बढ़ी। भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बीच लॉजिस्टिक्स में 55% और समुद्री कारोबार में 134% की उछाल ने APSEZ को भारत के सबसे मजबूत बंदरगाह ऑपरेटरों में अग्रणी बनाए रखा।

Key Takeaways

APSEZ का शुद्ध मुनाफा FY26 में 16% बढ़कर ₹12,782 करोड़ हुआ। कुल आय 25% बढ़कर ₹38,736 करोड़ और EBITDA 20% बढ़कर ₹22,851 करोड़ रहा। APSEZ 50 करोड़ मीट्रिक टन कार्गो संभालने वाला पहला भारतीय एकीकृत परिवहन ऑपरेटर बना। लॉजिस्टिक्स राजस्व 55% और समुद्री व्यवसाय राजस्व 134% बढ़ा; जहाजों की संख्या 136 हुई। बोर्ड ने प्रति शेयर ₹7.5 लाभांश घोषित किया; ROCE 15% से बढ़कर 16% हुआ। FY2031 तक राजस्व और EBITDA दोगुना करने का लक्ष्य; दिसंबर 2030 तक एक अरब टन कार्गो का लक्ष्य।

अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (APSEZ) ने 30 अप्रैल 2026 को वित्त वर्ष 2026 के वार्षिक नतीजे घोषित किए, जिनमें कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 16 प्रतिशत बढ़कर ₹12,782 करोड़ हो गया। लॉजिस्टिक्स और समुद्री कारोबार में जोरदार उछाल के दम पर कंपनी की कुल आय 25 प्रतिशत की वृद्धि के साथ ₹38,736 करोड़ तक पहुँच गई।

मुख्य वित्तीय प्रदर्शन

स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, APSEZ का EBITDA वित्त वर्ष 2026 में सालाना आधार पर 20 प्रतिशत बढ़कर ₹22,851 करोड़ हो गया। मार्च तिमाही (Q4 FY26) में आय 26 प्रतिशत बढ़कर ₹10,738 करोड़ और EBITDA 20 प्रतिशत बढ़कर ₹6,020 करोड़ रहा। चौथी तिमाही में शुद्ध लाभ 9 प्रतिशत बढ़कर ₹3,308 करोड़ दर्ज किया गया।

रिकॉर्ड कार्गो वॉल्यूम और कंपनी की उपलब्धि

वित्त वर्ष 2026 में APSEZ एक ही वर्ष में 50 करोड़ मीट्रिक टन से अधिक बंदरगाह कार्गो का प्रबंधन करने वाला पहला भारतीय एकीकृत परिवहन ऑपरेटर बन गया। कंपनी के पूर्णकालिक निदेशक और सीईओ अश्विनी गुप्ता ने कहा,

Point of View

लेकिन 134% की समुद्री राजस्व वृद्धि और 55% की लॉजिस्टिक्स वृद्धि जैसे आँकड़े निम्न आधार प्रभाव से भी प्रेरित हो सकते हैं — जिसे कंपनी की फाइलिंग में स्पष्ट नहीं किया गया है। ROCE में मामूली सुधार (15% से 16%) यह भी दर्शाता है कि विशाल पूंजी परिनियोजन के बावजूद रिटर्न अभी भी सीमित दायरे में है। FY2031 तक राजस्व दोगुना करने का लक्ष्य महत्वाकांक्षी है, परंतु इसकी विश्वसनीयता तब तय होगी जब कंपनी यह स्पष्ट करे कि अनिश्चित वैश्विक व्यापार परिवेश में अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह संचालन से अपेक्षित योगदान किस आधार पर है।
NationPress
30/04/2026

Frequently Asked Questions

अदाणी पोर्ट्स का FY26 में मुनाफा कितना रहा?
अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन (APSEZ) का शुद्ध मुनाफा वित्त वर्ष 2026 में सालाना आधार पर 16 प्रतिशत बढ़कर ₹12,782 करोड़ हो गया। कंपनी की कुल आय भी 25 प्रतिशत बढ़कर ₹38,736 करोड़ तक पहुँची।
APSEZ ने FY26 में कौन-सा रिकॉर्ड बनाया?
APSEZ एक ही वित्त वर्ष में 50 करोड़ मीट्रिक टन से अधिक बंदरगाह कार्गो का प्रबंधन करने वाला पहला भारतीय एकीकृत परिवहन ऑपरेटर बन गया। यह उपलब्धि भू-राजनीतिक अस्थिरता और वैश्विक टैरिफ अनिश्चितता के बीच हासिल की गई।
अदाणी पोर्ट्स ने FY26 के लिए कितना लाभांश घोषित किया?
कंपनी के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2026 के लिए प्रति शेयर ₹7.5 का लाभांश घोषित किया है।
APSEZ का FY2031 तक का लक्ष्य क्या है?
APSEZ ने वित्त वर्ष 2031 तक राजस्व और EBITDA को दोगुने से अधिक करने का लक्ष्य रखा है। इसके अलावा दिसंबर 2030 तक एक अरब टन बंदरगाह कार्गो का लक्ष्य है, जिसे एसेट लाइट सेवाओं के विस्तार और समुद्री बेड़े की वृद्धि के जरिए हासिल किया जाएगा।
APSEZ के लॉजिस्टिक्स और समुद्री कारोबार में कितनी वृद्धि हुई?
वित्त वर्ष 2026 में APSEZ के लॉजिस्टिक्स सेगमेंट का राजस्व 55 प्रतिशत और समुद्री व्यवसाय का राजस्व 134 प्रतिशत बढ़ा। समुद्री बेड़े में जहाजों की संख्या बढ़कर 136 हो गई।
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