पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव: अग्निमित्रा पॉल ने निष्पक्षता की मांग की
सारांश
Key Takeaways
- पश्चिम बंगाल चुनाव में निष्पक्षता की मांग
- महिला आरक्षण पर टीएमसी की आलोचना
- आईपैक के बंद होने का दावा दिखावा
- टीएमसी पर दोहरे मापदंड का आरोप
- आबादी के अनुसार लोकसभा सीटों में बदलाव की आवश्यकता
आसनसोल, 20 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के दौरान यह आरोप लगाया जा रहा है कि आईपैक कंपनी ने अपना संचालन बंद कर दिया है। भाजपा नेता अग्निमित्रा पॉल ने स्पष्ट किया कि आईपैक के सभी दफ्तरों का बंद होना केवल एक दिखावा है।
आसनसोल में संवाददाता से बातचीत में अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि यह दावा कि आईपैक के सभी दफ्तर बंद हैं, गलत है। कुछ दफ्तर अभी भी खुले हैं। चुनाव आयोग की सख्त कार्रवाई के कारण दफ्तर का स्थान बदला जा सकता है, लेकिन आईपैक की गतिविधियाँ जारी हैं। उन्होंने बताया कि आईपैक की आड़ में शराब और पैसे का वितरण हो रहा है।
उन्होंने कहा कि चुनाव पूरी तरह से निष्पक्ष होने चाहिए। यदि कोई चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश करेगा, तो इस बार ऐसा नहीं होने दिया जाएगा।
अग्निमित्रा पॉल ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी ने महिला आरक्षण का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने पहले दिन से ही महिलाओं का विरोध किया है।
टीएमसी सरकार में महिलाओं पर हुए अपराधों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पार्क स्ट्रीट रेप केस में मुख्यमंत्री ने पीड़िता के चरित्र पर सवाल उठाया था। कामदुनी और हासखाली में हुए रेप मामलों में भी उन्होंने महिलाओं को ही जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने दुर्गापुर मामले में भी कहा कि महिला रात 8 बजे के बाद बाहर क्यों निकली?
उन्होंने कहा कि अब 140 करोड़ भारतीयों को पता चल गया है कि महिलाओं के खिलाफ कौन सी पार्टी है। दिल्ली में कांग्रेस से दोस्ती और यहाँ आकर कुश्ती लड़ना, यह सब बकवास है। महिलाएं ईवीएम के माध्यम से इसका जवाब देंगी।
अग्निमित्रा पॉल ने टीएमसी की लक्ष्मी भंडार योजना पर कटाक्ष करते हुए कहा कि 1,500 रुपये देकर महिलाओं को सशक्त नहीं किया जा सकता। टीएमसी ने महिला आरक्षण का विरोध किया है, जहाँ महिलाएं विधानसभा और लोकसभा में आगे बढ़ सकती हैं।
टीएमसी पर दोहरे मापदंड का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि जब भाजपा जीतती है, तो ईवीएम में गड़बड़ी होती है, लेकिन जब टीएमसी या कांग्रेस जीतती है, तो सब कुछ सही होता है। यह टीएमसी का दोहरा मापदंड है, जो ज्यादा दिन नहीं चलेगा।
आबादी में वृद्धि के साथ लोकसभा सीटों में बदलाव की आवश्यकता पर उन्होंने कहा कि पहले किसी क्षेत्र में 1,000 वोटर थे, अब वो 5,000 हो गए हैं। इसलिए, लोकसभा सीटों में भी बदलाव करना आवश्यक है।