क्या अजय चौटाला के बाद कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा- 'जेन-जी अपना हक लड़कर लेंगे'?

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क्या अजय चौटाला के बाद कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा- 'जेन-जी अपना हक लड़कर लेंगे'?

सारांश

क्या युवा वर्ग अपने अधिकारों के लिए लड़ने के लिए प्रेरित हो रहा है? कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने कहा है कि 'जेन-जी' अपने हक के लिए आवाज उठाने में पीछे नहीं हटेंगे। इस मुद्दे पर कई राजनीतिक नेताओं की प्रतिक्रियाएं भी आई हैं। जानिए इस महत्वपूर्ण विषय पर सभी की राय।

Key Takeaways

  • युवाओं का जागरूक होना जरूरी है।
  • आंदोलन अहिंसक होना चाहिए
  • संविधान का सम्मान आवश्यक है।
  • राजनीतिक नेता युवाओं की आवाज सुन रहे हैं।
  • महंगाई और बेरोजगारी से निपटना आवश्यक है।

लखनऊ, 3 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) के अध्यक्ष अजय चौटाला और समाजवादी पार्टी के विधायक रविदास मेहरोत्रा के बाद, कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने कहा है कि 'जेन-जी' अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करेंगे। उन्होंने कहा कि युवा वर्ग और 'जेन-जी' अब जागरूक हो रहे हैं और अपने हक के लिए आवाज उठाने के लिए तैयार हैं।

समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में सुरेंद्र राजपूत ने कहा, "हम किसी भी स्थिति में हिंसा का समर्थन नहीं करते हैं। लोगों को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने के लिए सड़कों पर उतरना चाहिए। विरोध प्रदर्शन अहिंसक तरीके से होने चाहिए और मांगें संविधान के दायरे में उठाई जानी चाहिए।"

उन्होंने आगे कहा, "हम संविधान तोड़ने या हिंसा का सहारा लेने का समर्थन नहीं करते हैं, लेकिन युवा वर्ग और 'जेन-जी' जागरूक हो रहे हैं। वे अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाएंगे। वे अपना हक लड़कर लेंगे।"

इससे पहले, अजय चौटाला ने एक विवादित बयान दिया था कि जिस प्रकार बांग्लादेश, नेपाल और श्रीलंका में आंदोलन हुए, भारत में भी ऐसे ही आंदोलन होने चाहिए। शासकों को गद्दी से खींचकर सड़कों पर दौड़ाना होगा और उन्हें देश छोड़ने पर मजबूर करना पड़ेगा।

अजय चौटाला की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए समाजवादी पार्टी के विधायक रविदास मेहरोत्रा ने भी आंदोलन की बात की। उन्होंने कहा, "देश में बेरोजगारी और गरीबी है। ऐसे हालात में जनता और युवाओं को सत्ता में बैठे लोगों को हटाने के लिए सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करना होगा। तभी इस देश में युवाओं को उनके अधिकार और न्याय मिलेगा।"

सपा विधायक ने आगे कहा, "आज देश में लोग महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और भूख से परेशान हैं। जनता के पैसे से इकट्ठा किए गए टैक्स का उपयोग केंद्र सरकार के मंत्री अपनी निजी सुख-सुविधाओं के लिए कर रहे हैं। जिस तरह श्रीलंका, बांग्लादेश और नेपाल में युवा आंदोलनों ने सत्ता में बैठे लोगों को हटाया, वैसे ही हालात इस देश में भी बन रहे हैं। युवा परेशान हैं और ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।

Point of View

NationPress
04/01/2026

Frequently Asked Questions

क्या 'जेन-जी' वास्तव में अपने हक के लिए लड़ेंगे?
हाँ, हाल के बयानों से यह स्पष्ट है कि युवा वर्ग अब अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो रहा है और वे संघर्ष के लिए तैयार हैं।
क्या यह आंदोलन अहिंसक रहेगा?
कांग्रेस प्रवक्ता ने हिंसा के खिलाफ अपनी बात रखी है और सभी से अहिंसक तरीकों से प्रदर्शन करने का आग्रह किया है।
अजय चौटाला के बयान का क्या महत्व है?
उनका बयान युवा आंदोलनों को प्रेरित करता है और यह दर्शाता है कि राजनीतिक नेता युवा वर्ग की चिंताओं को समझते हैं।
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