क्या निकितिन धीर को अपने पिता पंकज धीर की याद आई? शेयर की मीठी यादें शूटिंग से जुड़ी

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क्या निकितिन धीर को अपने पिता पंकज धीर की याद आई? शेयर की मीठी यादें शूटिंग से जुड़ी

सारांश

निकितिन धीर ने अपने पिता पंकज धीर की यादों को साझा करते हुए एक भावुक पोस्ट लिखा है। यह कहानी न केवल एक पिता-पुत्र के रिश्ते की गहराई को दर्शाती है बल्कि हमें यह भी बताती है कि प्यार और सम्मान का असली मतलब क्या होता है। पढ़ें पूरी कहानी।

Key Takeaways

  • पिता और पुत्र का रिश्ता हमेशा खास होता है।
  • यादें कभी नहीं मिटतीं, वे हमेशा दिल में रहती हैं।
  • प्यार और सम्मान असली जीवन की संपत्ति हैं।
  • कैंसर जैसी बीमारी पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
  • जीवन में सकारात्मकता और प्रेरणा महत्वपूर्ण होते हैं।

मुंबई, 4 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। 'महाभारत' में दानवीर कर्ण का अद्वितीय किरदार निभाने वाले अभिनेता पंकज धीर अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके द्वारा निभाया गया 'कर्ण' का पात्र उन्हें अमर बना गया है।

हाल ही में, अभिनेता के बेटे निकितिन धीर ने अपने पिता के साथ बिताए विशेष पलों को याद किया और उस फिल्म का उल्लेख किया जिसमें दोनों ने साथ काम किया था।

निकितिन ने अपने इंस्टाग्राम पर एक तस्वीर साझा की है, जिसमें वे अपने पिता के साथ वैनिटी वैन में बैठे हुए नजर आ रहे हैं। दोनों के चेहरे पर मुस्कान है, और पंकज धीर शीशे के सामने बैठकर उनकी फोटो क्लिक कर रहे हैं। यह तस्वीर पिता-बेटे के साथ बिताए प्यारे पलों की गवाही देती है।

उन्होंने कैप्शन में लिखा, "कुछ कहानियां अधूरी रह जाती हैं लेकिन पल नहीं। ये मैं और पापा एक वैनिटी वैन में बैठे हैं, उस फिल्म के लिए जो हम कर रहे थे लेकिन पूरी नहीं हो पाई। उनके साथ एक अभिनेता के रूप में काम करते हुए मैंने कुछ बेहतरीन पल बिताए। शुक्र है ऐसा हुआ।"

जब भी निकितिन को अपने पिता की याद आती है, वे सोशल मीडिया पर उनसे जुड़ी यादें साझा करते हैं। इससे पहले, उन्होंने पिता के निधन पर एक लंबा पोस्ट लिखा था और अपने दुख को शब्दों में व्यक्त किया था। अभिनेता ने कहा कि पिता के जाने के बाद उनका परिवार बिखर गया है, लेकिन उनके जाने के बाद उन्हें एहसास हुआ कि उन्होंने कितनी इज्जत और प्यार कमाया है।

उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा था, "कुछ दिन बीतने के बाद और उन्हें मिल रहे निरंतर प्रेम को देखकर मुझे एहसास हुआ कि यही जीवन है। भौतिक वस्तुओं का संग्रह नहीं, बल्कि प्रेम, आशीर्वाद, आदर सत्कार ये सब अमूर्त हैं। ये सब मेरे पिता अपने साथ परलोक में ले गए हैं। आज मुझे उनका बेटा होने पर पहले से कहीं अधिक गर्व है। वे एक आदर्श पिता थे, जैसा कोई भी लड़का चाह सकता है। उन्होंने मुझे दृढ़ता, चरित्र, वफादारी, लगन और दृढ़ संकल्प सिखाया।"

गौरतलब है कि पंकज धीर का निधन कैंसर की बीमारी के चलते हुआ था। अभिनेता ने इससे पहले एक बार कैंसर को हराकर जीवन जीना शुरू किया था, लेकिन दूसरी बार बीमारी ने उन्हें उभरने का मौका नहीं दिया। वे काफी समय से कैंसर की वजह से अस्पताल में भर्ती थे और 15 अक्टूबर, 2025 को उन्होंने आखिरी सांस ली।

Point of View

यह कहानी हमारे समाज में पिता-पुत्र के रिश्ते की मधुरता को उजागर करती है। यह याद दिलाती है कि जीवन में प्यार और सम्मान की अहमियत होती है, जो हमें हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है।
NationPress
05/01/2026

Frequently Asked Questions

पंकज धीर का निधन कब हुआ था?
पंकज धीर का निधन 15 अक्टूबर, 2025 को हुआ था।
निकितिन धीर ने अपने पिता के साथ कौन सी यादें साझा कीं?
निकितिन धीर ने अपने पिता के साथ बिताए विशेष पलों और फिल्म की शूटिंग से जुड़ी मीठी यादें साझा कीं।
पंकज धीर को कौन सा किरदार निभाने के लिए जाना जाता है?
पंकज धीर को 'महाभारत' में दानवीर कर्ण के किरदार के लिए जाना जाता है।
निकितिन धीर ने अपने पिता को याद करते हुए क्या लिखा?
निकितिन ने लिखा कि कुछ कहानियां अधूरी रह जाती हैं लेकिन पल नहीं।
पंकज धीर की बीमारी का क्या कारण था?
पंकज धीर का निधन कैंसर की बीमारी के कारण हुआ था।
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