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क्या अजित पवार समझदार हैं, या उनकी सोच भाजपा जैसी हो गई है? : क्लाइड क्रैस्टो

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क्या अजित पवार समझदार हैं, या उनकी सोच भाजपा जैसी हो गई है? : क्लाइड क्रैस्टो

सारांश

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विवादास्पद बयान पर एनसीपी के क्लाइड क्रैस्टो ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। क्या पवार की सोच भाजपा जैसी हो गई है? जानें इस राजनीतिक घमासान की पूरी कहानी।

मुख्य बातें

अजित पवार का विवादास्पद बयान क्लाइड क्रैस्टो की तीखी प्रतिक्रिया चुनाव आयोग की भूमिका राजनीतिक नैतिकता पर सवाल गठबंधन पर विचार

मुंबई, 23 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के बयान ने विवाद को जन्म दिया है। मालेगांव में एक जनसभा के दौरान उन्होंने कहा था कि यदि मुझे वोट नहीं मिले तो मैं आपका फंड रोक दूंगा। इस पर एनसीपी (एसपी) के राष्ट्रीय सचिव क्लाइड क्रैस्टो ने जोरदार प्रतिक्रिया दी है।

क्लाइड क्रैस्टो ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि अजित पवार एक समझदार और होशियार व्यक्ति हैं, लेकिन भाजपा के साथ जाने के बाद उनका व्यवहार और सोच भाजपा जैसी हो गई है। उन्हें यह जानना चाहिए कि चुनाव जीतने के बाद वह केवल एक दल के नहीं रह जाते। जहां तक फंड की बात है, वह उनकी पार्टी का नहीं है।

उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री के रूप में इस तरह के बयान देकर वह चुनाव पर प्रभाव डाल रहे हैं। यह चुनाव का समय है, और चुनाव आयोग पर पहले से ही सवाल उठाए जा रहे हैं। अब यह देखना होगा कि चुनाव आयोग इस पर क्या कदम उठाता है। यह भाजपा की सरकार जनता के खिलाफ कार्य कर रही है, मुख्यमंत्री को भी इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए।

महाराष्ट्र में गठबंधन पर क्लाइड क्रैस्टो ने कहा कि हर पार्टी का अपना दृष्टिकोण होता है। शरद पवार हमेशा कहते रहे हैं कि सभी को एक साथ आकर सेवा करनी चाहिए। समय के साथ सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा।

उन्होंने एसआईआर को लेकर कहा कि यह चुनाव आयोग का मुद्दा है। जब हम सवाल पूछते हैं तो वे जवाब नहीं देते। एक घर के अंदर 70 लोगों का नाम वोटर आईडी में कैसे रजिस्टर हो सकता है? इसका जवाब उन्हें देना होगा। घुसपैठियों पर नजर रखना सरकार का कार्य है।

अजित पवार ने मालेगांव में कहा था, “आपके पास वोट हैं, मेरे पास पैसे हैं। यदि हमारे उम्मीदवार जीतते हैं तो मैं पैसे की कमी नहीं होने दूंगा, अन्यथा मैं आपकी मदद नहीं करूंगा।”

उनके इस बयान से राजनीतिक माहौल गरम हो गया है और बयानबाजी का दौर जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह महत्वपूर्ण है कि हम राजनीतिक बयानों की गंभीरता को समझें। अजित पवार का बयान न केवल चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करता है, बल्कि राजनीतिक नैतिकता पर भी सवाल उठाता है। हमें यह समझने की आवश्यकता है कि हर राजनीतिक नेता को अपने विचारों और कार्यों के प्रति जवाबदेह होना चाहिए।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अजित पवार का विवादास्पद बयान क्या था?
अजित पवार ने कहा था कि यदि उन्हें वोट नहीं मिले तो वह फंड रोक देंगे।
क्लाइड क्रैस्टो ने इस पर क्या प्रतिक्रिया दी?
क्लाइड क्रैस्टो ने कहा कि पवार की सोच भाजपा जैसी हो गई है और उन्हें यह समझना चाहिए कि वह केवल एक पार्टी के नहीं रह जाते।
क्या यह बयान चुनाव आयोग के लिए समस्या है?
हां, यह बयान चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है और चुनाव आयोग को इस पर विचार करना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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