अजित पवार विमान दुर्घटना: पिंकी माली के परिवार ने विमान कंपनी के मालिक पर गंभीर आरोप लगाए
सारांश
Key Takeaways
- अजित पवार का विमान हादसा 28 जनवरी को हुआ।
- प्लेन क्रैश में पिंकी माली की मृत्यु हुई।
- परिवार ने विमान कंपनी के मालिक पर गंभीर आरोप लगाए।
- जांच अभी भी जारी है।
- विधायक रोहित पवार ने हादसे की तकनीकी खामियों की ओर इशारा किया।
मुंबई, 10 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान दुर्घटना की जांच अभी जारी है। इसी दौरान, अजित पवार के साथ प्लेन क्रैश में मृत फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली के परिवार ने विमान कंपनी के मालिक पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
पिंकी माली के भाई करण माली ने राष्ट्र प्रेस से कहा, "28 फरवरी को मुझे वीएसआर कंपनी के मालिक वीके सिंह का फोन आया था। उन्होंने मुझसे ऊंचे स्वर में बात की और पूछा कि उनके पिता मीडिया में क्या कह रहे हैं। मैंने उन्हें बताया कि मैं अपने पिता का नंबर दे दूंगा ताकि वे सीधे बात कर सकें, लेकिन उन्होंने कहा कि वे उनसे बात नहीं करेंगे और मुझे अपने पिता को सब कुछ समझाने के लिए कहा। जब वे हम पर दबाव डालने का प्रयास कर रहे हैं।"
पिंकी माली के पिता शिवकुमार माली ने कहा, "हमें मीडिया से दूर रहने का निर्देश दिया गया है। मेरे बेटे के फोन पर ऐसे संदेश आए हैं। ऐसा लगता है कि शायद वे हमें डराने या धमकाने की कोशिश कर रहे हैं। फोन पर बात समझना मुश्किल है। लेकिन वे स्पष्ट रूप से कह रहे हैं कि मीडिया को बयान न दें और उससे दूर रहें। हम अपना दुःख किसके साथ बांटें? कोई तो हमारी मदद करे, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है।"
शिवकुमार माली ने कहा कि न तो सरकार हमारी सहायता कर रही है और न ही वीएसआर कंपनी से हमें कोई मदद मिली है। उनकी पुत्री के बीमा सहित अन्य राशि अभी तक कंपनी द्वारा नहीं दी गई है। बेटी की मृत्यु से मेरी पत्नी की हालत बेहद खराब है और तबीयत बिगड़ने के कारण उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
यह ध्यान देने योग्य है कि 28 जनवरी 2026 को अजित पवार एक चार्टर्ड प्लेन से अपने गृह जनपद बारामती जा रहे थे। इसी दौरान, बारामती के निकट प्लेन क्रैश हो गया, जिसमें अजित पवार सहित 5 लोगों की जान गई। यह विमान वीएसआर कंपनी द्वारा संचालित 'लियरजेट-45 एक्सआर' था। अब विधायक रोहित पवार ने इस दुर्घटना से जुड़ी कई तकनीकी खामियों और संदिग्ध परिस्थितियों का हवाला देते हुए इसे केवल एक हादसा मानने से इनकार कर दिया है और लगातार जांच की मांग कर रहे हैं।