इलाहाबाद-झांसी स्नातक एमएलसी चुनाव: 152 बूथों पर मतदान जारी, DM-पुलिस कमिश्नर ने किया निरीक्षण
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की स्नातक और शिक्षक निर्वाचन सीटों के लिए 23 अक्टूबर 2026 को मतदान जारी है। इलाहाबाद-झांसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की एमएलसी सीट पर प्रयागराज में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण मतदान चल रहा है। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा और पुलिस कमिश्नर पीयूष मोर्डिया ने स्वयं मतदान केंद्रों का दौरा कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
मतदान केंद्रों की संरचना और प्रबंधन
जिले में कुल 54 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिन पर 152 बूथ स्थापित किए गए हैं। चुनावी प्रक्रिया को व्यवस्थित रूप से संचालित करने के लिए पूरे क्षेत्र को 50 सेक्टर और 15 जोन में विभाजित किया गया है। प्रत्येक जोन और सेक्टर पर वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती सुनिश्चित की गई है।
जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने बताया, 'सुबह 8 बजे से मतदान शांतिपूर्ण ढंग से शुरू हो गया था। 152 बूथ हैं, जिन्हें 50 सेक्टर में बाँटा गया है और 15 जोन बनाए गए हैं। हर जगह सीनियर अधिकारियों को लगाया गया है और सभी को उचित प्रशिक्षण दिया गया है।' उन्होंने यह भी बताया कि संवेदनशील बूथों पर अतिरिक्त तैनाती के साथ-साथ वीडियोग्राफी और माइक्रो ऑब्ज़र्वर की भी नियुक्ति की गई है।
सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस प्रबंधन
पुलिस कमिश्नर पीयूष मोर्डिया ने बताया कि सभी केंद्रों पर मानकों के अनुसार पुलिस बल तैनात है। संवेदनशील मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल के साथ-साथ पीएसी के जवानों को भी तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक केंद्र पर महिला पुलिसकर्मी भी मौजूद हैं।
मोर्डिया ने जानकारी दी कि जोनल और सेक्टर पुलिस अधिकारी अपने समकक्ष मजिस्ट्रेटों के साथ लगातार भ्रमण कर रहे हैं। उन्होंने स्वयं कई मतदान केंद्रों पर जाकर मतदाताओं और विभिन्न दलों के एजेंटों से बातचीत की, और सभी ने अब तक की व्यवस्थाओं पर संतुष्टि जताई।
मिर्जापुर में केंद्रीय मंत्री ने डाला वोट
मिर्जापुर में भी मतदान सुचारु रूप से चल रहा है। केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने सदर तहसील स्थित मतदान केंद्र पर पहुँचकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतदान के बाद उन्होंने मीडिया से कहा, 'मैंने वाराणसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले एनडीए उम्मीदवार के पक्ष में अपना वोट डाला है। मुझे पूरा विश्वास है कि स्नातक और शिक्षक एमएलसी निर्वाचन क्षेत्रों में हमारे सभी एनडीए और भाजपा उम्मीदवार जीत दर्ज करेंगे।'
चुनाव का महत्व और आगे की प्रक्रिया
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश विधान परिषद की स्नातक और शिक्षक सीटें पारंपरिक रूप से राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जाती हैं, क्योंकि इनसे शिक्षित मतदाता वर्ग की राय का प्रतिनिधित्व होता है। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारियाँ भी पृष्ठभूमि में चल रही हैं। मतदान के परिणाम सत्तारूढ़ और विपक्षी दोनों दलों के लिए राजनीतिक संकेत देंगे।