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वाराणसी एमएलसी मतगणना शुरू: पहड़िया मंडी में त्रिस्तरीय सुरक्षा, 1.20 लाख मत होंगे गिने

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वाराणसी एमएलसी मतगणना शुरू: पहड़िया मंडी में त्रिस्तरीय सुरक्षा, 1.20 लाख मत होंगे गिने

सारांश

वाराणसी में स्नातक और शिक्षक एमएलसी चुनाव की मतगणना पहड़िया मंडी में शुरू हो गई है। 224 कार्मिक, 15-15 टेबल और त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरे के बीच 1.20 लाख मत गिने जाएंगे। ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी, सोशल मीडिया पर भी नज़र।

मुख्य बातें

वाराणसी में 27 अक्टूबर 2026 को स्नातक और शिक्षक एमएलसी चुनाव की मतगणना पहड़िया मंडी में शुरू हुई।
मतगणना के लिए प्रत्येक चुनाव हेतु 15-15 टेबल लगाई गई हैं और कुल 224 कार्मिक तैनात हैं।
करीब 1 लाख 20 हज़ार मतों की गिनती की जाएगी।
डीआईजी शिवहरी मीना ने बाहरी, भीतरी और आइसोलेशन — तीन स्तरीय सुरक्षा घेरे की व्यवस्था की पुष्टि की।
ड्रोन , सीसीटीवी और सोशल मीडिया निगरानी के जरिए मतगणना स्थल की चौकसी की जा रही है।
प्रवेश के लिए अधिकृत पास अनिवार्य; अनधिकृत व्यक्तियों पर पूर्ण प्रतिबंध।

वाराणसी में 27 अक्टूबर 2026 को स्नातक और शिक्षक एमएलसी चुनाव की मतगणना पहड़िया मंडी में औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। मतगणना प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने के लिए पुलिस एवं प्रशासन ने कड़ी व्यवस्था की है। मतगणना केंद्र पर भारी पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन से भी निगरानी की जा रही है।

मतगणना की व्यवस्था और तैयारियाँ

प्रशासन के अनुसार, स्नातक और शिक्षक दोनों निर्वाचन क्षेत्रों की मतगणना के लिए अलग-अलग व्यवस्था की गई है। प्रत्येक चुनाव के लिए लगभग 15-15 टेबल लगाई गई हैं। मतगणना कार्य को सुचारू रूप से सम्पन्न कराने के लिए कुल 224 कार्मिकों की ड्यूटी लगाई गई है।

इस पूरी प्रक्रिया में करीब 1 लाख 20 हज़ार मतों की गिनती की जाएगी। मतगणना केंद्र में प्रवेश के लिए अधिकृत पास अनिवार्य किया गया है और प्रवेश द्वार पर जाँच के बाद ही पासधारकों को अंदर जाने की अनुमति दी जा रही है।

डीआईजी शिवहरी मीना की सुरक्षा योजना

वाराणसी के डीआईजी शिवहरी मीना ने बताया कि मतगणना के लिए पुलिस-प्रशासन ने तीन स्तरों वाली सुरक्षा योजना तैयार की है — बाहरी घेरा, भीतरी घेरा और आइसोलेशन घेरा। प्रत्येक स्तर पर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है, ताकि किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को मतगणना स्थल तक पहुँचने से रोका जा सके।

मीना ने कहा कि मतगणना प्रक्रिया को सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को लगातार मज़बूत किया जा रहा है।

ड्रोन और सोशल मीडिया निगरानी

डीआईजी ने बताया कि मतगणना स्थल पर ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निरंतर निगरानी की जा रही है। इसके अतिरिक्त, सोशल मीडिया पर भी नज़र रखी जा रही है, ताकि किसी भी भ्रामक सूचना या अफवाह पर समय रहते कार्रवाई की जा सके। यह ऐसे समय में महत्त्वपूर्ण है जब चुनावी प्रक्रियाओं के दौरान सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलने की घटनाएँ पहले भी सामने आ चुकी हैं।

कानून-व्यवस्था के निर्देश

मतगणना को शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने के लिए पुलिस आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन का पूरा ज़ोर मतगणना के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अव्यवस्था को रोकने पर है।

गौरतलब है कि एमएलसी चुनाव उत्तर प्रदेश के शैक्षणिक और प्रशासनिक तंत्र के लिए महत्त्वपूर्ण होते हैं, क्योंकि इनमें स्नातक मतदाता और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र सीधे भाग लेते हैं। मतगणना के परिणाम आज शाम तक आने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी परिणामों की निष्पक्षता और पारदर्शिता होगी। स्नातक और शिक्षक एमएलसी सीटें उत्तर प्रदेश की राजनीति में शैक्षिक समुदाय का सीधा प्रतिनिधित्व करती हैं, इसलिए इनके नतीजे केवल स्थानीय नहीं, बल्कि प्रदेश की राजनीतिक गोलबंदी का भी संकेत देते हैं। सोशल मीडिया निगरानी का प्रावधान आधुनिक चुनावी प्रबंधन की ज़रूरत को दर्शाता है, हालाँकि इसके क्रियान्वयन की जवाबदेही भी सुनिश्चित होनी चाहिए।
RashtraPress
27 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वाराणसी एमएलसी मतगणना कहाँ और कब शुरू हुई?
वाराणसी में स्नातक और शिक्षक एमएलसी चुनाव की मतगणना 27 अक्टूबर 2026 को पहड़िया मंडी में शुरू हुई। यहाँ दोनों निर्वाचन क्षेत्रों के लिए अलग-अलग व्यवस्था की गई है।
मतगणना में कितने मत और कार्मिक शामिल हैं?
मतगणना में करीब 1 लाख 20 हज़ार मतों की गिनती होनी है। इसके लिए कुल 224 कार्मिकों की ड्यूटी लगाई गई है और प्रत्येक चुनाव के लिए 15-15 टेबल की व्यवस्था है।
मतगणना स्थल पर सुरक्षा की क्या व्यवस्था है?
डीआईजी शिवहरी मीना के अनुसार, तीन स्तरीय सुरक्षा घेरा — बाहरी, भीतरी और आइसोलेशन — लागू किया गया है। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी हो रही है तथा सोशल मीडिया पर भी नज़र रखी जा रही है।
मतगणना केंद्र में प्रवेश के लिए क्या नियम हैं?
मतगणना केंद्र में प्रवेश के लिए अधिकृत पास अनिवार्य है। प्रवेश द्वार पर जाँच के बाद ही पासधारकों को अंदर जाने की अनुमति दी जा रही है और किसी भी अनधिकृत व्यक्ति के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध है।
एमएलसी चुनाव क्या होता है और यह क्यों महत्त्वपूर्ण है?
एमएलसी यानी विधान परिषद सदस्य चुनाव, जिसमें स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता अपने प्रतिनिधि चुनते हैं। यह उत्तर प्रदेश विधानमंडल के उच्च सदन का हिस्सा है और शैक्षिक समुदाय को सीधा राजनीतिक प्रतिनिधित्व देता है।
राष्ट्र प्रेस
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