क्या अजय टम्टा ने अल्मोड़ा में मुंशी हरि प्रसाद टम्टा धर्मशाला का उद्घाटन किया?

सारांश
Key Takeaways
- धर्मशाला का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा ने किया।
- 1991 में निर्माण शुरू हुआ, 2003 में ध्वस्त हुआ।
- नए निर्माण में 9 कमरे और 24 बिस्तरों की डोरमैट्री है।
- 70 लाख रुपए की लागत से पुनर्निर्मित किया गया।
- पर्यटन विकास में यह महत्वपूर्ण कदम है।
अल्मोड़ा, 28 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का प्रस्तावित अल्मोड़ा दौरा अप्रत्याशित कारणों से रद्द हो गया। इस दौरे में उन्हें नन्दा देवी मेला में शामिल होना और माल रोड पर स्थित नवनिर्मित मुंशी हरि प्रसाद टम्टा धर्मशाला का उद्घाटन करना था।
मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा ने धर्मशाला का उद्घाटन किया, जिसमें स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और समाज के प्रतिष्ठित लोग उपस्थित रहे।
इस धर्मशाला का निर्माण 1991 में शुरू हुआ था, लेकिन 2003 में इसकी खराब हालत के कारण इसे ध्वस्त किया गया। लंबे समय तक बजट की कमी के कारण पुनर्निर्माण कार्य रुका रहा। अब 70 लाख रुपए से अधिक की लागत से इसे पहाड़ी शैली में पुनर्निर्मित किया गया है।
नए भवन में 9 कमरे और 24 बिस्तरों वाली एक डोरमैट्री शामिल है, जो यात्रियों और पर्यटकों के लिए कम शुल्क पर बेहतर आवास सुविधा प्रदान करेगी। यह धर्मशाला अल्मोड़ा आने वाले यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण ठिकाना साबित होगी, खासकर उन लोगों के लिए जो किफायती और सुविधाजनक ठहरने की जगह की तलाश में हैं।
अजय टम्टा ने उद्घाटन समारोह में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, “यह धर्मशाला अल्मोड़ा के लिए ऐतिहासिक महत्व रखती है। इसका निर्माण मुंशी हरि प्रसाद टम्टा की दूरदर्शिता का परिणाम है, जिन्होंने उस समय शहर में होटल या उचित आवास की कमी को देखकर इसकी नींव रखी थी। यह धर्मशाला दूर-दराज से आने वाले यात्रियों के लिए हमेशा से एक सहारा रही है। पुरानी इमारत के जर्जर होने के बाद इसे ध्वस्त करना पड़ा था, लेकिन अब नए स्वरूप में यह बेहतर सुविधाएं प्रदान करेगी।”
उन्होंने आगे कहा कि यह धर्मशाला न केवल स्थानीय लोगों के लिए, बल्कि पर्यटकों और तीर्थयात्रियों के लिए भी महत्वपूर्ण होगी। इसका संचालन जल्द शुरू होगा, जिससे यात्रियों को सुविधा मिल सकेगी।
स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना की और इसे क्षेत्र के पर्यटन विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया।