क्या भारत ऐसे बयानों को बर्दाश्त कर सकता है? जिहाद पर मदनी को दिलीप जायसवाल का उत्तर
सारांश
Key Takeaways
- भारत एक भाईचारे वाला देश है।
- मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने विवादास्पद बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी।
- ऐसी भाषा को सहन नहीं किया जाएगा।
पटना, 30 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की बिहार शाखा के अध्यक्ष और राज्य सरकार के मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने मौलाना महमूद मदनी के 'जिहाद' संबंधी बयान पर तीखा उत्तर दिया है। उन्होंने कहा कि भारत एक शांतिपूर्ण और भाईचारे वाला देश है और महमूद मदनी की तरह की भाषा को देश सहन नहीं करेगा।
बिहार सरकार के मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने रविवार को राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "ऐसी भाषा का उपयोग करने वाले व्यक्तियों को संविधान और लोकतंत्र में विश्वास रखना चाहिए। भारत एक शांतिपूर्ण और भाईचारे वाला देश है। भारत ऐसी भाषा को सहन नहीं करेगा, विशेषकर उन लोगों से जो इसका उपयोग करते हैं।"
इससे पहले, मौलाना महमूद मदनी ने 'जिहाद' शब्द का प्रयोग करते हुए विवादास्पद बयान दिया। शनिवार को भोपाल में आयोजित प्रबंधन समिति की बैठक में मदनी ने कहा कि देश की वर्तमान स्थिति अत्यंत संवेदनशील और चिंताजनक है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एक विशेष समुदाय को जबरदस्ती निशाना बनाया जा रहा है। इसी दौरान, मौलाना ने कहा कि जब-जब जुल्म होगा, तब-तब जिहाद होगा।
मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने रविवार को चुनाव आयोग के बीएलओ के लिए डबल सैलरी की घोषणा पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने निर्णय की सराहना करते हुए कहा, "बीएलओ का कार्य बहुत मेहनती होता है और जिस तरह से वे अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं, चुनाव आयोग का यह निर्णय सही है।"
इसी बीच, प्रधानमंत्री मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम पर जायसवाल ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता हैं। 'मन की बात' में भारत के लोगों के साथ देश की प्रगति साझा करते हैं। हम इससे बहुत कुछ सीखते हैं। 'मन की बात' का हर एपिसोड युवाओं को प्रेरणा देता है, किसानों को समृद्धि प्रदान करता है और भारत के गांवों, दूर-दराज और पिछड़े इलाकों में लोगों की प्रतिभा और उपलब्धियों को उजागर करता है। 'मन की बात' से हमें बहुत प्रेरणा मिलती है।