क्या ट्रंप ने वेनेजुएला का एयरस्पेस बंद करने की घोषणा की?
सारांश
Key Takeaways
- ट्रंप ने एयरस्पेस बंद करने की घोषणा की है।
- वेनेजुएला का कहना है कि यह संप्रभुता का उल्लंघन है।
- अमेरिका ने हाल के दिनों में हमले तेज किए हैं।
- दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है।
- अमेरिकी सेना का बल बढ़ाया गया है।
न्यूयॉर्क, 30 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका का सख्त रुख वेनेजुएला के जरिए यूएस में ड्रग्स की सप्लाई पर जारी है, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। हाल ही में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो से फोन पर बातचीत की थी, लेकिन अब ट्रंप ने वेनेजुएला का एयरस्पेस बंद करने की घोषणा की है। इस पर वेनेजुएला की प्रतिक्रिया भी सामने आई है।
वेनेजुएला सरकार ने एक बयान में कहा, "ट्रंप की टिप्पणी अंतर्राष्ट्रीय मानकों के खिलाफ है और किसी स्वतंत्र देश की संप्रभुता के प्रति सीधी धमकी है। अमेरिका लगातार वेनेजुएला पर दबाव बनाने और कराकस की राजनीतिक स्थिरता को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है।"
ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखा था, "सभी एयरलाइंस, पायलट, ड्रग डीलर और मानव तस्कर से निवेदन है कि वेनेज़ुएला के ऊपर और आसपास के एयरस्पेस को पूरी तरह से बंद करने पर विचार करें। इस मामले पर ध्यान देने के लिए आपका धन्यवाद!"
एयरस्पेस बंद करने के ऐलान के बाद इस बात की अटकलें तेज हो गई हैं कि क्या अमेरिका वेनेजुएला पर हमला करने की तैयारी कर रहा है? फिलहाल इस पर अमेरिका की तरफ से कोई टिप्पणी नहीं आई है।
अमेरिका लगातार आरोप लगाता रहा है कि वेनेजुएला के रास्ते से यूएस में ड्रग्स की सप्लाई हो रही है। इसी वजह से कैरेबियन सागर में अमेरिका ने हाल के हफ्तों में हमले तेज कर दिए हैं। अमेरिका ने हवा से 20 से ज्यादा जहाजों पर हमला किया और 80 से ज्यादा लोग मारे गए।
राष्ट्रपति ने गुरुवार को थैंक्सगिविंग डे पर सैनिकों को संदेश दिया, "हम उन्हें जमीन से रोकना शुरू करेंगे। जमीन पर कार्रवाई आसान है और बहुत जल्द शुरू होने वाली है।"
इस इलाके में भारी संख्या में एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस गेराल्ड फोर्ड के अमेरिकी नेवी जहाजों को तैनात किया गया है। इसके अलावा 15,000 मिलिट्री के लोग तैनात हैं। द न्यूयॉर्क टाइम्स ने एक सूत्र के हवाले से बताया कि ट्रंप और मादुरो ने फोन पर बात की। दोनों नेताओं ने अन्य मुद्दों के अलावा सीधी मुलाकात को लेकर चर्चा की। इस दौरान अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो भी फोन पर जुड़े थे।