क्या प्राणायाम से रोजाना अभ्यास से शरीर शुद्ध और मन शांत रहेगा?
सारांश
Key Takeaways
- प्राणायाम से शरीर की ऊर्जा बढ़ती है।
- यह तनाव को कम करने में मदद करता है।
- रोजाना 20 मिनट का अभ्यास करें।
- कपालभाति और भस्त्रिका जैसे प्राणायाम प्रभावी हैं।
- स्वास्थ्य समस्याओं के लिए एक्सपर्ट से सलाह लें।
नई दिल्ली, 30 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। आजकल की व्यस्त दिनचर्या के चलते हम अपने खानपान और स्वास्थ्य का सही तरीके से ध्यान नहीं रख पाते हैं। ऐसे में प्राणायाम हमारे लिए एक प्रभावी उपाय साबित हो सकता है। प्राणायाम भारतीय योग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। प्राण का अर्थ है जीवन शक्ति और आयाम का मतलब है नियंत्रण.
प्राणायाम का अर्थ है अपनी जीवन ऊर्जा (प्राण शक्ति) को सांस के माध्यम से नियंत्रित करना और बढ़ाना। इसके नियमित अभ्यास से न केवल स्वास्थ्य में सुधार होता है, बल्कि मानसिक तनाव से मुक्ति और गहरी शांति भी मिलती है। यहाँ हम आपको कुछ प्रमुख प्राणायाम के बारे में बताएंगे।
कपालभाति - कपालभाति के कई लाभ हैं। आयुष मंत्रालय के अनुसार, इसके नियमित अभ्यास से तंत्रिका तंत्र संतुलित होता है, जिससे शरीर को स्फूर्ति मिलती है। इसके साथ ही, यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है, पाचन क्रिया में सुधार करता है और वजन कम करने में मदद करता है। साथ ही, रक्त संचार भी बेहतर होता है।
भस्त्रिका - यह एक ऐसा अभ्यास है जो शरीर को अंदर से साफ करता है। आयुष मंत्रालय भी इसे मान्यता देता है कि इसके अभ्यास से विषैले पदार्थ बाहर निकलते हैं। यह पाचन क्रिया को ठीक और दिमाग को शांत करता है।
अनुलोम-विलोम - यह नींद की गुणवत्ता को सुधारने और एकाग्रता को बढ़ाने में मदद करता है। यह मन को शांत करने और तनाव को कम करने में भी सहायक है।
शीतली - इसको करने से शरीर में ठंडक होती है और गर्मियों में लू से सुरक्षा मिलती है। यह तनाव और चिंता को कम करता है, जिससे दिमाग शांत होता है। यह मानसिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी है।
इस अभ्यास को करने के लिए जीभ को नली की तरह आकार देकर सांस खींचना होता है, जिससे पूरा शरीर और आंखें ठंडक का अनुभव करती हैं।
प्राणायाम को सुबह 20 मिनट खाली पेट करना चाहिए, जिससे दिनभर शरीर को नई ऊर्जा मिलती है, लेकिन जिन्हें गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हैं, उन्हें एक्सपर्ट से सलाह जरूर लेनी चाहिए।