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क्या अफगानिस्तान में भारी बर्फबारी और बारिश से तबाही मची?

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क्या अफगानिस्तान में भारी बर्फबारी और बारिश से तबाही मची?

सारांश

अफगानिस्तान में हालात गंभीर हैं! भारी बर्फबारी और बारिश ने कई प्रांतों में तबाही मचाई है, जिसमें 11 लोगों की जान चली गई और तीन लोग घायल हुए हैं। जानें इस संकट के पीछे की वजह और प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति।

मुख्य बातें

हजारों लोग प्रभावित हुए हैं।
बर्फबारी के कारण सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं।
राहत कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है।
मानवीय संकट गहरा हो रहा है।
अफगान शरणार्थियों की स्थिति चिंताजनक है।

काबुल, 22 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। अफगानिस्तान के विभिन्न प्रांतों में अत्यधिक बर्फबारी और बारिश के चलते कम से कम 11 लोगों की जान चली गई है, जबकि तीन अन्य घायल हुए हैं। यह जानकारी राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रवक्ता ने गुरुवार को साझा की।

प्रवक्ता के अनुसार, प्रांतीय अधिकारियों से प्राप्त प्रारंभिक रिपोर्टों में बताया गया है कि खराब मौसम का प्रभाव पूर्वी परवान, वर्दक, दक्षिणी कंधार, उत्तरी जवज़जान, फ़रयाब और मध्य बामियान प्रांतों में दिखाई दिया है। समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, इन क्षेत्रों के निवासी सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं।

तेज तूफान और बर्फबारी के कारण नौ मकान आंशिक रूप से नष्ट हो गए हैं, जबकि 530 पशुधन की मौत हो गई है, जिससे कृषि-आधारित इन क्षेत्रों में लोगों की आजीविका को गंभीर नुकसान हुआ है। प्रवक्ता ने जानकारी दी कि बर्फ जमने के कारण कई महत्वपूर्ण सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं। राहत सामग्री पहुँचाने और संपर्क बहाल करने के लिए प्रशासन द्वारा सड़कें साफ करने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है।

बुधवार से अधिकांश क्षेत्रों में लगातार बारिश और बर्फबारी हो रही है। देश के मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि आने वाले दिनों में भी देश के कई हिस्सों में बारिश और बर्फबारी का सिलसिला जारी रह सकता है।

इस बीच, इस महीने की शुरुआत में डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (एमएसएफ) ने चेतावनी दी थी कि पाकिस्तान से अफगान शरणार्थियों को निकाले जाने से गंभीर मानवीय संकट उत्पन्न हो रहा है, विशेषकर सर्दियों के मौसम में, जिससे लोगों की जान को खतरा बढ़ गया है।

7 जनवरी को जारी एक रिपोर्ट में एमएसएफ ने बताया कि निष्कासित किए गए कई शरणार्थियों को अस्थायी शिविरों में रखा जा रहा है, जहाँ उचित आश्रय की कमी है। इसके साथ ही, स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छ पानी और भोजन तक उनकी पहुंच बेहद सीमित है। अफगानिस्तान की प्रमुख समाचार एजेंसी खामा प्रेस ने यह जानकारी दी थी।

संगठन ने कहा कि जबरन निर्वासन का असर बिना दस्तावेज वाले प्रवासियों, अफगान नागरिकता कार्ड धारकों और अस्थायी पंजीकरण कार्ड (पीओसी) रखने वालों पर पड़ रहा है। सर्दी बढ़ने के साथ ही हालात और भी खतरनाक होते जा रहे हैं।

पाकिस्तान में एमएसएफ मिशन के प्रमुख शू वेइबिंग ने कहा कि अफगान परिवारों में निर्वासन और अफगानिस्तान लौटने को लेकर डर बना हुआ है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मानवीय और सुरक्षा सहायता बढ़ाने की अपील की।

एमएसएफ ने कहा कि यदि अफगान शरणार्थियों को पर्याप्त आश्रय, चिकित्सा सुविधा और भोजन नहीं मिला, तो सर्दियों का मौसम उनके लिए “मूक हत्यारा” साबित हो सकता है, जिससे कई कमजोर लोगों का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अफगानिस्तान में कितने लोग प्रभावित हुए हैं?
कम से कम 11 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और तीन लोग घायल हुए हैं।
क्या राहत कार्य चल रहा है?
जी हाँ, प्रशासन राहत सामग्री पहुँचाने और संपर्क बहाल करने के लिए प्रयासरत है।
राष्ट्र प्रेस
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