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अफगानिस्तान के विदेश मंत्री ने पाकिस्तानी आर्मी जनरलों पर गंभीर आरोप लगाए

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अफगानिस्तान के विदेश मंत्री ने पाकिस्तानी आर्मी जनरलों पर गंभीर आरोप लगाए

सारांश

अफगान विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी ने पाकिस्तानी आर्मी जनरलों पर आरोप लगाया है कि उन्होंने आंतरिक मुद्दों के बजाय क्षेत्र की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है। यह स्थिति दोनों देशों के बीच तनाव को बढ़ा रही है।

मुख्य बातें

अफगानिस्तान के विदेश मंत्री ने पाकिस्तानी आर्मी पर गंभीर आरोप लगाए।
आंतरिक मुद्दों को सुलझाने के बजाय सुरक्षा को खतरे में डालने का आरोप।
टीटीपी की सक्रियता का इतिहास।
तोरखम में आग का कारण पाकिस्तानी सेना के हमले को बताया गया।
दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव का संकेत।

काबुल, 9 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अफगानिस्तान के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी ने पाकिस्तानी आर्मी जनरलों पर गंभीर आरोप लगाया है। स्थानीय मीडिया के अनुसार, मुत्तकी ने कहा कि इन जनरलों ने देश के आंतरिक मामलों को सुलझाने की बजाय पूरे क्षेत्र की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है।

काबुल में विभिन्न देशों के राजदूतों के लिए आयोजित एक इफ्तार कार्यक्रम के दौरान मुत्तकी ने कहा कि पाकिस्तान के सैन्य नेतृत्व का अपने सांसदों, धार्मिक नेताओं और जनता के साथ टकराव चल रहा है। उन्होंने कहा कि समस्याओं का समाधान करने के लिए बातचीत करने के बजाय दबाव और टकराव का सहारा लिया जा रहा है। उन्होंने जोर दिया कि ऐसे दबाव से विरोध और भी मजबूत होगा।

मुत्तकी ने कहा, “अपने आंतरिक मुद्दों को सुलझाने के बजाय पाकिस्तानी जनरलों ने पूरे क्षेत्र की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है।”

अफगानिस्तान की एरियाना न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, मुत्तकी ने कहा कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) कोई नया संगठन नहीं है और यह तब से सक्रिय है जब अफगानिस्तान में तालिबान सत्ता में नहीं आया था।

यह टिप्पणी तब आई है जब पाकिस्तानी अधिकारी बार-बार यह दावा कर रहे हैं कि अफगानिस्तान में मौजूद कुछ समूह, विशेष रूप से टीटीपी, पाकिस्तान के अंदर होने वाले हमलों में शामिल हैं। हालांकि, तालिबान सरकार ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है।

मुत्तकी ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया कि वह अफगान प्रवासियों को “बहुत बेरहमी से” निकाल रहा है, व्यापार मार्गों को बंद कर रहा है, अफगानिस्तान की संप्रभुता का उल्लंघन कर रहा है और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अफगानिस्तान के खिलाफ प्रचार कर रहा है। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान के लोग पहले भी दबाव के सामने नहीं झुके हैं और अपने देश की आजादी के लिए बलिदान देने से पीछे नहीं हटेंगे।

मौजूदा तनाव तब शुरू हुआ जब 21 फरवरी को पाकिस्तान ने अफगान सीमा के अंदर कुछ इलाकों को निशाना बनाया। इसके जवाब में 27 फरवरी को तालिबान के नेतृत्व वाली अफगान सेना ने पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की। इसके बाद पाकिस्तान ने “ऑपरेशन गजब लिल-हक” शुरू किया और कहा कि यह अफगान बलों की “बिना उकसावे की गोलीबारी” का जवाब है।

रविवार को, पाकिस्तानी सेना के बड़े हमले के बाद अफगानिस्तान के तोरखम इलाके में एक कमर्शियल मार्केट में आग लग गई, जिससे व्यवसाय और संपत्ति को नुकसान हुआ।

अफगानिस्तान के खामा प्रेस ने बख्तावर न्यूज एजेंसी के हवाले से बताया कि तोरखम के मेयर मौलवी अब्दुल्ला मुस्तफा ने बताया कि रविवार सुबह करीब 4 बजे कई गोले शहर की ओर दागे गए, जो एक बाजार के पास गिरे। इससे आग लग गई और कई दुकानों में फैल गई।

आग बुझाने के लिए दमकल की चार गाड़ियां, नगर निगम के पानी के टैंकर और स्थानीय लोग जुटे, लेकिन आग को पूरी तरह काबू में करने में काफी समय लगा।

अब तक इस आग में 150 से ज्यादा दुकानें नष्ट हो चुकी हैं और बाजार के मालिक के अनुसार लगभग 300 मिलियन का आर्थिक नुकसान हुआ है। अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर बढ़ता यह टकराव दोनों देशों के बीच तनाव और क्षेत्र में अस्थिरता को और बढ़ा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो क्षेत्रीय सुरक्षा और राजनीतिक स्थिरता पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकते हैं।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुत्तकी ने पाकिस्तान पर क्या आरोप लगाए?
मुत्तकी ने कहा कि पाकिस्तानी आर्मी जनरलों ने आंतरिक मुद्दों को सुलझाने के बजाय क्षेत्र की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है।
टीटीपी का संबंध कब से है?
मुत्तकी के अनुसार, तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) कोई नया संगठन नहीं है, यह तब से सक्रिय है जब तालिबान सत्ता में नहीं आया था।
पाकिस्तान की प्रतिक्रिया क्या थी?
पाकिस्तान ने अफगान बलों की गोलीबारी का जवाब देने के लिए 'ऑपरेशन गजब लिल-हक' शुरू किया।
तोरखम में आग कैसे लगी?
पाकिस्तानी सेना के हमले के बाद तोरखम के इलाके में कई गोले दागे गए, जिससे एक बाजार में आग लग गई।
इस आग से कितना नुकसान हुआ?
इस आग में 150 से ज्यादा दुकानें नष्ट हो गईं और लगभग 300 मिलियन का आर्थिक नुकसान हुआ।
राष्ट्र प्रेस
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