क्या बकायन की छाल से मच्छर और कीड़ों से राहत मिलेगी?
सारांश
Key Takeaways
- बकायन की छाल कीड़ों को दूर करने का एक प्राकृतिक उपाय है।
- इसके औषधीय गुण त्वचा रोगों में भी सहायक हैं।
- यह घर में बदबू को भी रोकता है।
- सुरक्षित उपयोग के लिए खिड़कियां खोलें।
- हफ्ते में एक बार इसका उपयोग करें।
नई दिल्ली, 30 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। सदियों से विभिन्न जड़ी बूटियों का उपयोग रोगों के उपचार के लिए किया जाता रहा है। बकायन की छाल का उपयोग त्वचा रोग, बुखार और गठिया जैसे रोगों के खिलाफ किया जाता है। इसके औषधीय गुणों के साथ-साथ, यह छाल घर की सुरक्षा के लिए एक प्राकृतिक रक्षक के रूप में कार्य करती है। इसका उपयोग मच्छरों, चींटियों, मक्खियों और अन्य रेंगने वाले कीड़ों को दूर करने के लिए किया जाता है।
बकायन की छाल का उपयोग कीड़ों को दूर करने का एक सुरक्षित और प्राकृतिक विकल्प है। इसकी कड़वी गंध और तेज सुगंध के कारण, कीड़े-मकोड़े इससे दूर रहते हैं। खासकर जब घर में छोटे बच्चे होते हैं, तब कीड़ों से मुक्त रहना अत्यंत आवश्यक हो जाता है। ऐसे में बकायन की छाल काफी प्रभावी साबित हो सकती है।
यदि घर के कोनों, स्टोर रूम, अलमारी या बिस्तर के पीछे कीड़े-मकोड़े या मच्छरों का खतरा बढ़ जाता है, तो बकायन की छाल को धूप में सुखाकर अलग-अलग पोटलियां तैयार करें और इन्हें घर के विभिन्न स्थानों पर रखें। इसकी गंध से कीड़ों की संख्या कम होगी और मकड़ियां भी जाले कम बनाएंगी।
अगर घर में मच्छरों की संख्या बढ़ गई है, तो बकायन की सूखी छाल को उपले पर कपूर के साथ जलाकर पूरे घर में उसकी धूनी करें। इससे मच्छरों की संख्या कम होगी। रात के वक्त भी आप बकायन की धूनी को घर के कोनों में रख सकते हैं। यदि घर में जाले बढ़ गए हैं, तो बकायन की सूखी छाल को पानी में उबालकर काढ़ा बनाकर, उसे छानकर स्प्रे बोतल में भरकर घर के कोनों में छिड़कें। इस प्रक्रिया को हफ्ते में एक बार करने से कीड़ों और मकड़ियों की समस्या धीरे-धीरे कम होगी।
अलमारी या बिस्तर में रखे गर्म कपड़ों या कंबल में बदबू आने लगती है। इसके लिए, बकायन की छाल की एक पोटली बनाकर कपड़ों में रख दें, इससे कपड़ों में बदबू नहीं आएगी और कीड़े भी नहीं लगेंगे।
ध्यान रखने योग्य बात यह है कि यदि घर में किसी को सांस लेने में दिक्कत होती है, तो बकायन की सूखी छाल की धूनी लगाने से पहले खिड़कियों को खोल दें। इसकी तेज गंध से खांसी की समस्या हो सकती है। पालतू जानवरों को भी इससे दूर रखना बेहतर होगा।