रेल मंत्री वैष्णव ने आनंद विहार और उधना स्टेशन पर यात्री होल्डिंग एरिया की समीक्षा की, 15,000 यात्रियों की क्षमता होगी
सारांश
मुख्य बातें
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार, 14 अगस्त को नई दिल्ली स्थित रेल भवन से आनंद विहार टर्मिनल और उधना रेलवे स्टेशन पर निर्माणाधीन यात्री होल्डिंग एरिया की प्रगति की उच्चस्तरीय समीक्षा की। त्योहारी सीजन में रेलवे स्टेशनों पर उमड़ने वाली भारी भीड़ को व्यवस्थित और सुरक्षित ढंग से संभालने के उद्देश्य से शुरू की गई इस पहल में रेल राज्य मंत्री वी. सोमन्ना भी बैठक में उपस्थित रहे।
मुख्य घटनाक्रम
समीक्षा बैठक में सिविल कार्य, संरचनात्मक निर्माण, उपयोगिता शिफ्टिंग, अवरोध हटाने और यात्री सुविधाओं की मौजूदा स्थिति पर विस्तृत चर्चा हुई। वैष्णव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि चल रहे कार्यों में तेज़ी लाई जाए और साइट से जुड़ी बाधाओं को शीघ्र दूर किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आगामी प्रमुख त्योहारों से पहले इन केंद्रों को पूरी तरह चालू कर दिया जाए।
यात्री होल्डिंग एरिया से क्या बदलेगा
रेलवे द्वारा विकसित किए जा रहे इन यात्री होल्डिंग एरिया का मूल उद्देश्य बिना टिकट या प्रतीक्षारत यात्रियों के लिए एक अलग और सुव्यवस्थित स्थान तैयार करना है। इससे व्यस्त समय में प्लेटफॉर्म, प्रवेश द्वारों और आवागमन क्षेत्रों पर भीड़ का दबाव उल्लेखनीय रूप से कम होगा।
इन केंद्रों में ढके हुए बड़े प्रतीक्षालय, पर्याप्त बैठने की व्यवस्था, अलग टिकट काउंटर, पुरुष और महिलाओं के लिए अलग शौचालय, पीने का पानी और अन्य बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। इसके अलावा पब्लिक एड्रेस सिस्टम, यात्री सूचना डिस्प्ले, सीसीटीवी निगरानी, पर्याप्त प्रकाश, बिजली और प्रौद्योगिकी-आधारित सुविधाएँ भी दी जाएंगी। साइनबोर्ड और फर्नीचर की व्यवस्था भी की जा रही है।
आनंद विहार टर्मिनल: दो चरणों में निर्माण
आनंद विहार टर्मिनल पर यह यात्री सुविधा केंद्र दो चरणों में तैयार होगा। पहले चरण में लगभग 4,000 यात्रियों की क्षमता विकसित की जाएगी, जिसके लिए नींव, प्लिंथ बीम और संरचनात्मक स्टील का काम तेज़ गति से जारी है। दूसरे चरण के पूरा होने पर यह क्षमता बढ़कर लगभग 7,000 यात्रियों तक पहुँच जाएगी।
उधना रेलवे स्टेशन: एक साथ 15,000 यात्रियों की क्षमता
गुजरात के उधना रेलवे स्टेशन पर निर्माणाधीन होल्डिंग एरिया में एक समय में करीब 15,000 यात्रियों को ठहराने की योजना है। यहाँ भी निर्माण कार्य में अच्छी प्रगति दर्ज की गई है। पूरा होने के बाद यह एरिया होल्डिंग जोन और प्लेटफॉर्म के बीच बेहतर संपर्क स्थापित करेगा, जिससे यात्रियों की आवाजाही व्यवस्थित होगी और भीड़ प्रबंधन सुगम होगा।
आगे की राह
गौरतलब है कि यह पहल ऐसे समय में आई है जब हर साल दीपावली, छठ और दुर्गापूजा जैसे त्योहारों के दौरान प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर भीड़ नियंत्रण एक बड़ी चुनौती बन जाती है। रेलवे का लक्ष्य है कि इन केंद्रों के चालू होने के बाद यात्रियों को स्टेशन परिसर में प्रवेश से पहले ही एक सुरक्षित और सुविधाजनक प्रतीक्षा वातावरण मिले, जिससे दुर्घटनाओं और अव्यवस्था का जोखिम कम हो।