हजारीबाग: अनुकंपा नौकरी के लिए पत्नी ने प्रेमी संग रची पति की हत्या, पुलिस ने 24 घंटे में सुलझाया मामला
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के हजारीबाग जिले के गिद्दी में सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) कर्मी मंगलेश पाल उर्फ हैप्पी की नृशंस हत्या के मामले का खुलासा पुलिस ने 24 घंटे के भीतर कर दिया। जाँच में सामने आया कि मृतक की पत्नी सोनाली ने अपने कथित प्रेमी व ममेरे भाई कौशिक कुमार नौनिया के साथ मिलकर यह साजिश रची, ताकि पति की मृत्यु के बाद वह अनुकंपा नियुक्ति के आधार पर CCL में नौकरी हासिल कर सके। पुलिस ने सोनाली, कौशिक और एक नाबालिग को हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया है।
मुख्य घटनाक्रम
बड़कागांव के एसडीपीओ अमित आनंद ने सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मंगलेश की हत्या की साजिश करीब एक साल पहले से बनाई जा रही थी। सोनाली और कौशिक ने इससे पहले भी कई बार मंगलेश को रास्ते से हटाने की कोशिश की थी, लेकिन वे तब कामयाब नहीं हो पाए थे। अधिकारियों के अनुसार, यह झारखंड के औद्योगिक बेल्ट में अनुकंपा नियुक्ति को मकसद बनाकर की गई हत्या का असामान्य मामला है।
झूठी कहानी और पर्दाफाश
वारदात के बाद सोनाली ने अपनी संलिप्तता छिपाने के लिए एक मनगढ़ंत कहानी गढ़ी। उसने पुलिस और स्थानीय लोगों को यह विश्वास दिलाने की कोशिश की कि अज्ञात बदमाश घर में घुसे, उसे रस्सी से बाँधा, मुँह पर टेप चिपकाया और फिर उसके पति की हत्या कर दी। इस कहानी का मकसद यह दर्शाना था कि यह लूटपाट या बाहरी अपराधियों की करतूत है।
हालाँकि, हजारीबाग एसपी के निर्देश पर गठित विशेष जाँच टीम ने फॉरेंसिक विशेषज्ञों, फिंगरप्रिंट टीम और डॉग स्क्वायड की मदद से घटनास्थल की बारीकी से जाँच की। तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों ने सोनाली की झूठी कहानी की पोल खोल दी और सख्त पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
बरामद साक्ष्य
जाँच के दौरान पुलिस ने निम्नलिखित अहम साक्ष्य बरामद किए — खून से सना दाउली, चाकू, सफाई में इस्तेमाल किया गया कपड़ा, दो मोबाइल फोन, मृतक और उसकी पत्नी के जले हुए मोबाइल, तथा आरोपियों के खून से सने कपड़े व चप्पल। ये साक्ष्य अदालत में अभियोजन पक्ष के लिए महत्वपूर्ण आधार बनेंगे।
आरोपियों की पृष्ठभूमि
पुलिस के अनुसार, कौशिक कुमार नौनिया गिद्दी स्थित सिटीजन फोरम स्कूल के पास एक CCL क्वार्टर में कथित तौर पर अवैध रूप से रह रहा था। नाबालिग आरोपी गिद्दी बस्ती के मंडाटांड़ का रहने वाला बताया जाता है। गिरफ्तार वयस्क आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है, जबकि नाबालिग के खिलाफ किशोर न्याय कानून के तहत कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
आगे क्या होगा
यह मामला अब अदालत में जाएगा जहाँ फॉरेंसिक रिपोर्ट और बरामद साक्ष्य अभियोजन पक्ष का आधार बनेंगे। गौरतलब है कि झारखंड के खनन क्षेत्रों में अनुकंपा नियुक्ति एक संवेदनशील और प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया है, और यह पहली बार नहीं है जब इस प्रावधान के लिए किसी गंभीर अपराध का मामला सामने आया हो। CCL प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।