21 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

कोडरमा हत्याकांड: पत्नी और प्रेमी ने जहरीले इंजेक्शन से मारा पति, शव बोरे में बंद कर खदान में फेंका

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
कोडरमा हत्याकांड: पत्नी और प्रेमी ने जहरीले इंजेक्शन से मारा पति, शव बोरे में बंद कर खदान में फेंका

सारांश

झारखंड के कोडरमा में एक बंद खदान से मिले शव ने 48 घंटे में हिला देने वाली साजिश उजागर कर दी — पत्नी और उसके कथित प्रेमी ने मिलकर इलाज के बहाने जहरीला इंजेक्शन देकर नरेश ठाकुर की हत्या की और शव बोरे में बंद कर रात के अंधेरे में खदान में फेंक दिया।

मुख्य बातें

17 अक्टूबर 2026 को कोडरमा की बंद पत्थर खदान से अज्ञात शव बरामद हुआ, जिसकी पहचान नरेश ठाकुर ( भगहर गाँव, हजारीबाग ) के रूप में हुई।
पुलिस के अनुसार पत्नी किरण देवी और कथित प्रेमी सुनील ठाकुर ( बेहराडीह, डोमचांच ) ने मिलकर हत्या की साजिश रची।
इलाज के बहाने नवलशाही स्थित क्लिनिक में जहरीला इंजेक्शन देकर नरेश की जान ली गई।
शव को पीले प्लास्टिक बोरे में बंद कर खदान में फेंका गया; मोबाइल कुएँ में, पर्स तालाब में डाले गए।
पुलिस ने 48 घंटे के भीतर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया, मोटरसाइकिल व अन्य साक्ष्य बरामद किए।

झारखंड के कोडरमा जिले की बंद पत्थर खदान से बरामद एक व्यक्ति के शव की गुत्थी पुलिस ने 48 घंटे के भीतर सुलझा ली है। पुलिस के अनुसार, मृतक नरेश ठाकुर की हत्या उसकी पत्नी किरण देवी और उसके कथित प्रेमी सुनील ठाकुर ने मिलकर की। पुलिस का दावा है कि इलाज के बहाने जहरीला इंजेक्शन देकर नरेश की जान ली गई और फिर शव को प्लास्टिक बोरे में बंद कर रात के अंधेरे में खदान में फेंक दिया गया।

शव की बरामदगी और जाँच की शुरुआत

17 अक्टूबर 2026 को नवलशाही थाना क्षेत्र में लकराही तालाब के निकट स्थित एक बंद पत्थर खदान से एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर थाना प्रभारी के नेतृत्व में विशेष अनुसंधान दल गठित किया गया। जाँच में मृतक की पहचान हजारीबाग जिले के चौपारण थाना क्षेत्र के भगहर गाँव निवासी नरेश ठाकुर के रूप में हुई।

साजिश का पर्दाफाश: कैसे बुना गया मकड़जाल

पुलिस के अनुसार, नरेश की पत्नी किरण देवी कोलकाता में रहती थी, जहाँ उसके कोडरमा जिले के डोमचांच थाना क्षेत्र के बेहराडीह निवासी सुनील ठाकुर से कथित तौर पर प्रेम संबंध विकसित हो गए थे। पुलिस का दावा है कि किरण सुनील से लगातार अपने पति को रास्ते से हटाने की बात करती थी।

जाँच में सामने आए तथ्यों के अनुसार, किरण ने सुनील को फोन कर बताया कि नरेश की तबीयत खराब है और वह इलाज के लिए कोडरमा आने वाला है। इसके बाद सुनील ने भी नरेश को फोन कर इलाज के बहाने कोडरमा बुलाया।

हत्या का तरीका: क्लिनिक में इंजेक्शन के नाम पर जहर

पुलिस के मुताबिक, सुनील ठाकुर नरेश को मोटरसाइकिल पर बैठाकर नवलशाही स्थित अपने क्लिनिक ले गया और इलाज के दौरान इंजेक्शन लगाने की आड़ में कथित तौर पर जहरीला पदार्थ दे दिया, जिससे नरेश की मौत हो गई। हत्या के बाद सुनील ने किरण को सूचित किया और दोनों ने मिलकर शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई।

सुनील ने शव को पीले रंग के प्लास्टिक बोरे में बंद कर मोटरसाइकिल से ले जाकर रात में लकराही के पास बंद पत्थर खदान में फेंक दिया। पहचान मिटाने के लिए मृतक का मोबाइल फोन बंदरचौकवा स्थित एक कुएँ में और पर्स चंचालिनी धाम के जिलिमटांड़ वन क्षेत्र स्थित तालाब में फेंक दिया गया था।

गिरफ्तारी और बरामदगी

पुलिस ने दोनों आरोपियों — किरण देवी और सुनील ठाकुर — को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल मोटरसाइकिल, मृतक का मोबाइल फोन और पर्स बरामद किया गया। छापेमारी दल में नवलशाही थाना प्रभारी सुमन कुमार सहित अन्य पुलिस अधिकारी व जवान शामिल थे।

आगे की कानूनी कार्रवाई

पुलिस ने नवलशाही थाने में प्राथमिकी दर्ज कर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। यह मामला उस बड़े सामाजिक संदर्भ में उठता है जब नियोजित हत्याओं में चिकित्सा साधनों के दुरुपयोग की घटनाएँ देश के विभिन्न हिस्सों से सामने आती रही हैं। आने वाले दिनों में न्यायालय में आरोप-पत्र दायर किए जाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि क्लिनिक जैसे विश्वास-आधारित स्थान के कथित दुरुपयोग का भी गंभीर संकेत है। झारखंड में पिछले कुछ वर्षों में प्रेम-प्रसंग से जुड़ी नियोजित हत्याओं में वृद्धि देखी गई है, लेकिन चिकित्सा आड़ का उपयोग इसे विशेष रूप से चिंताजनक बनाता है। पुलिस ने 48 घंटे में मामला सुलझाने की दक्षता दिखाई, परंतु असली सवाल यह है कि क्लिनिक में उपलब्ध कथित जहरीले पदार्थ की आपूर्ति शृंखला की जाँच भी उतनी ही तत्परता से होगी — अन्यथा अपराध का यह तरीका दोहराए जाने का खतरा बना रहेगा।
RashtraPress
21 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोडरमा हत्याकांड में क्या हुआ था?
झारखंड के कोडरमा जिले की बंद पत्थर खदान से 17 अक्टूबर 2026 को एक शव बरामद हुआ। पुलिस जाँच में सामने आया कि मृतक नरेश ठाकुर की हत्या उसकी पत्नी किरण देवी और उसके कथित प्रेमी सुनील ठाकुर ने मिलकर की थी।
नरेश ठाकुर की हत्या किस तरह से की गई?
पुलिस के अनुसार, सुनील ठाकुर नरेश को इलाज के बहाने नवलशाही स्थित अपने क्लिनिक ले गया और कथित तौर पर इंजेक्शन के ज़रिये जहरीला पदार्थ देकर उसकी जान ली। इसके बाद शव को पीले प्लास्टिक बोरे में बंद कर रात में बंद खदान में फेंक दिया गया।
पुलिस ने आरोपियों को कैसे पकड़ा?
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित विशेष अनुसंधान दल ने 48 घंटे के भीतर मृतक की पहचान और साजिश का पर्दाफाश किया। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल मोटरसाइकिल, मृतक का मोबाइल फोन और पर्स भी बरामद किए गए।
इस मामले में अभी तक कौन-कौन गिरफ्तार हुए हैं?
पुलिस ने मृतक नरेश ठाकुर की पत्नी किरण देवी और उसके कथित प्रेमी सुनील ठाकुर — दोनों को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। दोनों के खिलाफ नवलशाही थाने में प्राथमिकी दर्ज है।
आगे इस मामले में क्या होगा?
पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है और आने वाले दिनों में न्यायालय में आरोप-पत्र दायर किए जाने की संभावना है। क्लिनिक में कथित जहरीले पदार्थ की उपलब्धता से जुड़ी जाँच भी आगे बढ़ सकती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 1 साल पहले