कोडरमा हत्याकांड: पत्नी और प्रेमी ने जहरीले इंजेक्शन से मारा पति, शव बोरे में बंद कर खदान में फेंका
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के कोडरमा जिले की बंद पत्थर खदान से बरामद एक व्यक्ति के शव की गुत्थी पुलिस ने 48 घंटे के भीतर सुलझा ली है। पुलिस के अनुसार, मृतक नरेश ठाकुर की हत्या उसकी पत्नी किरण देवी और उसके कथित प्रेमी सुनील ठाकुर ने मिलकर की। पुलिस का दावा है कि इलाज के बहाने जहरीला इंजेक्शन देकर नरेश की जान ली गई और फिर शव को प्लास्टिक बोरे में बंद कर रात के अंधेरे में खदान में फेंक दिया गया।
शव की बरामदगी और जाँच की शुरुआत
17 अक्टूबर 2026 को नवलशाही थाना क्षेत्र में लकराही तालाब के निकट स्थित एक बंद पत्थर खदान से एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर थाना प्रभारी के नेतृत्व में विशेष अनुसंधान दल गठित किया गया। जाँच में मृतक की पहचान हजारीबाग जिले के चौपारण थाना क्षेत्र के भगहर गाँव निवासी नरेश ठाकुर के रूप में हुई।
साजिश का पर्दाफाश: कैसे बुना गया मकड़जाल
पुलिस के अनुसार, नरेश की पत्नी किरण देवी कोलकाता में रहती थी, जहाँ उसके कोडरमा जिले के डोमचांच थाना क्षेत्र के बेहराडीह निवासी सुनील ठाकुर से कथित तौर पर प्रेम संबंध विकसित हो गए थे। पुलिस का दावा है कि किरण सुनील से लगातार अपने पति को रास्ते से हटाने की बात करती थी।
जाँच में सामने आए तथ्यों के अनुसार, किरण ने सुनील को फोन कर बताया कि नरेश की तबीयत खराब है और वह इलाज के लिए कोडरमा आने वाला है। इसके बाद सुनील ने भी नरेश को फोन कर इलाज के बहाने कोडरमा बुलाया।
हत्या का तरीका: क्लिनिक में इंजेक्शन के नाम पर जहर
पुलिस के मुताबिक, सुनील ठाकुर नरेश को मोटरसाइकिल पर बैठाकर नवलशाही स्थित अपने क्लिनिक ले गया और इलाज के दौरान इंजेक्शन लगाने की आड़ में कथित तौर पर जहरीला पदार्थ दे दिया, जिससे नरेश की मौत हो गई। हत्या के बाद सुनील ने किरण को सूचित किया और दोनों ने मिलकर शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई।
सुनील ने शव को पीले रंग के प्लास्टिक बोरे में बंद कर मोटरसाइकिल से ले जाकर रात में लकराही के पास बंद पत्थर खदान में फेंक दिया। पहचान मिटाने के लिए मृतक का मोबाइल फोन बंदरचौकवा स्थित एक कुएँ में और पर्स चंचालिनी धाम के जिलिमटांड़ वन क्षेत्र स्थित तालाब में फेंक दिया गया था।
गिरफ्तारी और बरामदगी
पुलिस ने दोनों आरोपियों — किरण देवी और सुनील ठाकुर — को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल मोटरसाइकिल, मृतक का मोबाइल फोन और पर्स बरामद किया गया। छापेमारी दल में नवलशाही थाना प्रभारी सुमन कुमार सहित अन्य पुलिस अधिकारी व जवान शामिल थे।
आगे की कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने नवलशाही थाने में प्राथमिकी दर्ज कर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। यह मामला उस बड़े सामाजिक संदर्भ में उठता है जब नियोजित हत्याओं में चिकित्सा साधनों के दुरुपयोग की घटनाएँ देश के विभिन्न हिस्सों से सामने आती रही हैं। आने वाले दिनों में न्यायालय में आरोप-पत्र दायर किए जाने की संभावना है।