22 अक्टूबर 2026
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झारखंड: पत्नी और प्रेमी ने जहरीला इंजेक्शन लगाकर की पति की हत्या, कोडरमा में दोनों गिरफ्तार

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झारखंड: पत्नी और प्रेमी ने जहरीला इंजेक्शन लगाकर की पति की हत्या, कोडरमा में दोनों गिरफ्तार

सारांश

कोडरमा में एक सुनियोजित हत्याकांड का पर्दाफाश — पत्नी ने प्रेमी को उकसाया, प्रेमी ने इलाज का झांसा देकर क्लिनिक में जहरीला इंजेक्शन लगाया, शव बोरे में बंद कर खदान में फेंका। झारखंड पुलिस ने SIT जांच के बाद दोनों को दबोचा।

मुख्य बातें

झारखंड पुलिस ने 21 अक्टूबर 2026 को कोडरमा जिले में किरण देवी (पत्नी) और सुनील ठाकुर (कथित प्रेमी) को गिरफ्तार किया।
पीड़ित नरेश ठाकुर को कथित तौर पर क्लिनिक में जहरीला इंजेक्शन लगाकर मारा गया और शव पीले प्लास्टिक बोरे में बंद कर खदान में फेंका गया।
शव 17 अक्टूबर को नवलसाही थाना क्षेत्र के लखराही तालाब के पास बंद पत्थर खदान से बरामद हुआ था।
पुलिस ने निशानदेही पर मोटरसाइकिल , मोबाइल फोन और बटुआ बरामद किए।
मामले की जांच के लिए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष जांच दल (SIT) गठित किया गया था।

झारखंड पुलिस ने 21 अक्टूबर 2026 को कोडरमा जिले में नरेश ठाकुर नामक व्यक्ति की कथित हत्या के मामले में उसकी पत्नी किरण देवी और उसके कथित प्रेमी सुनील ठाकुर को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, नरेश को जहरीला इंजेक्शन लगाकर मारा गया और उसके शव को एक बंद पड़ी पत्थर की खदान में फेंक दिया गया था। इस मामले की जांच के लिए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष जांच दल (SIT) गठित किया गया था।

शव की बरामदगी और पहचान

पुलिस के अनुसार, पीड़ित का शव 17 अक्टूबर को नवलसाही थाना क्षेत्र के अंतर्गत लखराही तालाब के पास एक बंद पड़ी पत्थर की खदान से बरामद किया गया। शव को एक पीले प्लास्टिक के बोरे में बंद करके खदान में फेंका गया था ताकि पहचान छुपाई जा सके और साक्ष्य नष्ट किए जा सकें। जांच के दौरान मृतक की पहचान हजारीबाग जिले के चौपारण थाना क्षेत्र के भगहर गाँव निवासी नरेश ठाकुर के रूप में हुई।

आरोपियों की भूमिका

जांचकर्ताओं के अनुसार, मृतक नरेश की पत्नी किरण देवी कोलकाता में रहती थी और कथित तौर पर कोडरमा जिले के डोमचांच थाना क्षेत्र के बहराडीह गाँव निवासी सुनील ठाकुर के साथ उसके अवैध संबंध थे। पुलिस का आरोप है कि किरण ने सुनील को बार-बार अपने पति को खत्म करने के लिए उकसाया था।

पुलिस के बयान के अनुसार, किरण ने सुनील को फोन पर सूचना दी कि नरेश की तबीयत खराब है और वह इलाज के लिए कोडरमा आ रहा है। इसके बाद सुनील ने नरेश से संपर्क किया और इलाज का झांसा देकर उसे कोडरमा बुलाया।

हत्या और सबूत मिटाने की कोशिश

पुलिस के अनुसार, सुनील नरेश को अपनी मोटरसाइकिल पर नवलसाही स्थित अपने क्लिनिक ले गया और इलाज के बहाने उसे जहरीला इंजेक्शन लगाया, जिससे उसकी मौत हो गई। कथित हत्या के बाद सुनील ने किरण को सूचित किया और दोनों ने मिलकर शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई।

जांचकर्ताओं के अनुसार, पीड़ित का मोबाइल फोन बंदर चौकवा के एक कुएं में फेंका गया, जबकि पहचान पत्रों वाला उसका बटुआ चंचलिनी धाम के पास जिलिमटांड वन क्षेत्र के एक तालाब में फेंका गया था। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर अपराध में इस्तेमाल मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन और बटुआ बरामद कर लिया है।

जांच और गिरफ्तारी

एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल ने तेज़ी से जांच आगे बढ़ाई। छापेमारी दल में नवलसाही पुलिस स्टेशन के प्रभारी सुमन कुमार और अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। दोनों आरोपियों — किरण देवी और सुनील ठाकुर — को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

आगे की कार्रवाई

पुलिस फिलहाल आरोपियों से पूछताछ कर रही है और अतिरिक्त साक्ष्य जुटाने का काम जारी है। अदालत में आरोप-पत्र दाखिल किए जाने की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। यह मामला झारखंड में सुनियोजित अपराधों की उस श्रृंखला को उजागर करता है जिनमें चिकित्सा परिस्थितियों का आड़ लेकर हत्या को अंजाम दिया जाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि सुनियोजित अपराध की परतें उजागर करता है — जिसमें चिकित्सा विश्वास का दुरुपयोग, साक्ष्य नष्ट करने की व्यवस्थित कोशिश और भौगोलिक दूरी का फायदा उठाकर षड्यंत्र रचा गया। गौरतलब है कि मृतक को इलाज के नाम पर बुलाया गया — यह 'क्लिनिक' की भूमिका को जांच के दायरे में लाता है। पुलिस की त्वरित SIT-आधारित जांच सराहनीय है, लेकिन असली परीक्षा न्यायिक प्रक्रिया में साक्ष्य की मज़बूती पर होगी।
RashtraPress
22 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोडरमा हत्याकांड में क्या हुआ?
झारखंड के कोडरमा जिले में नरेश ठाकुर की कथित तौर पर जहरीला इंजेक्शन लगाकर हत्या की गई और उनके शव को बंद पत्थर की खदान में फेंक दिया गया। पुलिस ने उनकी पत्नी किरण देवी और कथित प्रेमी सुनील ठाकुर को 21 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार किया।
नरेश ठाकुर का शव कहाँ और कब मिला?
नरेश ठाकुर का शव 17 अक्टूबर को नवलसाही थाना क्षेत्र के लखराही तालाब के पास एक बंद पड़ी पत्थर की खदान में मिला। शव पीले प्लास्टिक के बोरे में बंद था।
सुनील ठाकुर ने हत्या कैसे की?
पुलिस के अनुसार, सुनील ठाकुर ने इलाज का बहाना बनाकर नरेश को नवलसाही स्थित अपने क्लिनिक बुलाया और वहाँ जहरीला इंजेक्शन लगाया, जिससे उनकी मौत हो गई। बाद में शव को खदान में फेंका गया।
इस मामले की जांच कैसे हुई?
एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष जांच दल (SIT) गठित किया गया। SIT ने आरोपियों की निशानदेही पर अपराध में इस्तेमाल मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन और बटुआ बरामद किए।
क्या आरोपियों के खिलाफ आगे कार्रवाई होगी?
पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी रखे हुए है और अतिरिक्त साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, आगे की कानूनी कार्रवाई प्रक्रियाधीन है।
राष्ट्र प्रेस
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