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चतरा की बंद खदान से महिला का शव बरामद, हंटरगंज पुलिस को हत्या की आशंका

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चतरा की बंद खदान से महिला का शव बरामद, हंटरगंज पुलिस को हत्या की आशंका

सारांश

झारखंड के चतरा में बिहार सीमा के पास 20 साल से बंद पड़ी पत्थर खदान से एक अज्ञात महिला का शव पानी में तैरता मिला। पुलिस को हत्या कर शव ठिकाने लगाने की आशंका है। पोस्टमार्टम और गुमशुदगी रिकॉर्ड से जांच आगे बढ़ेगी।

मुख्य बातें

26 जून को चतरा जिले के हंटरगंज थाना क्षेत्र की बंद पत्थर खदान से एक अज्ञात महिला का शव पानी में तैरता मिला।
खदान करीब 20 वर्षों से बंद है और उसमें गहरा पानी भरा हुआ है।
शव काफी फूला हुआ था; ग्रामीणों के अनुसार वह 2 से 4 दिन से पानी में था।
थाना प्रभारी प्रभात कुमार ने मौके पर पहुंचकर शव को सदर अस्पताल, चतरा पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
पुलिस बिहार-झारखंड सीमावर्ती थानों के गुमशुदगी रिकॉर्ड से मृतका की पहचान करने में जुटी है।

झारखंड के चतरा जिले में बिहार सीमा से सटे हंटरगंज थाना क्षेत्र की एक बंद पत्थर खदान से शुक्रवार, 26 जून को एक अज्ञात महिला का शव पानी में तैरता हुआ बरामद किया गया। पुलिस ने हत्या कर शव को ठिकाने लगाए जाने की आशंका के मद्देनजर जांच शुरू कर दी है। मृतका की पहचान अब तक नहीं हो पाई है।

घटनाक्रम: कैसे मिला शव

घटना हंटरगंज प्रखंड की नावाडीह पनारी पंचायत के जाजलो बाजार स्थित उस बंद पत्थर खदान की है, जो कथित तौर पर पिछले करीब 20 वर्षों से बंद पड़ी है और जिसमें गहरा पानी भरा हुआ है। स्थानीय ग्रामीणों ने शुक्रवार को खदान के पानी में शव तैरते देखा और तुरंत हंटरगंज थाना को सूचना दी।

सूचना मिलते ही थाना प्रभारी प्रभात कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। शव को पानी से बाहर निकलवाकर कब्जे में लिया गया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, चतरा भेज दिया गया।

हत्या की आशंका क्यों

स्थानीय लोगों के अनुसार, शव काफी फूल चुका था, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि वह दो से चार दिन से पानी में पड़ा हो सकता है। ग्रामीणों का मानना है कि महिला की हत्या किसी अन्य स्थान पर की गई और साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को इस सुनसान बंद खदान में फेंका गया।

गौरतलब है कि घटनास्थल बिहार-झारखंड सीमा के निकट है, इसलिए पुलिस यह भी जांच कर रही है कि वारदात कहीं बिहार की ओर तो नहीं हुई और शव बाद में यहाँ लाकर फेंका गया हो।

पुलिस की जांच

पुलिस मृतका की शिनाख्त के लिए आसपास के थाना क्षेत्रों में दर्ज गुमशुदगी के मामलों का मिलान कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।

आगे क्या होगा

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मृत्यु का कारण और संभावित समय स्पष्ट होने की उम्मीद है, जो जांच की दिशा तय करेगा। पुलिस सीमावर्ती जिलों की टीमों के साथ समन्वय कर मृतका की पहचान स्थापित करने में जुटी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि अपराधियों की सुनियोजित सोच की ओर इशारा करता है। मृतका की पहचान न होना और शव का कई दिनों तक न मिलना यह भी बताता है कि सीमावर्ती इलाकों में निगरानी तंत्र कितना कमज़ोर है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और दोनों राज्यों की पुलिस के बीच समन्वय ही तय करेगा कि यह मामला सुलझेगा या फाइलों में दब जाएगा।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चतरा की बंद खदान से शव कैसे बरामद हुआ?
स्थानीय ग्रामीणों ने 26 जून को हंटरगंज प्रखंड के जाजलो बाजार स्थित बंद पत्थर खदान के पानी में महिला का शव तैरते देखा और पुलिस को सूचना दी। थाना प्रभारी प्रभात कुमार ने मौके पर पहुंचकर शव को पानी से बाहर निकलवाया और पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, चतरा भेजा।
क्या पुलिस ने इसे हत्या का मामला मान लिया है?
पुलिस ने अभी हत्या की आशंका के मद्देनजर जांच शुरू की है, लेकिन आधिकारिक पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगी। ग्रामीणों का कहना है कि शव को साक्ष्य मिटाने के लिए जानबूझकर बंद खदान में फेंका गया होगा।
मृतका की पहचान क्यों नहीं हो पाई है?
शव काफी फूल चुका था, जिससे पहचान मुश्किल हो गई है। पुलिस आसपास के थाना क्षेत्रों में दर्ज गुमशुदगी के मामलों का मिलान कर रही है।
बिहार-झारखंड सीमा का इस मामले में क्या महत्व है?
घटनास्थल बिहार-झारखंड सीमा के निकट है, इसलिए पुलिस यह भी जांच कर रही है कि हत्या बिहार की ओर हुई हो और शव बाद में झारखंड की इस सुनसान खदान में लाकर फेंका गया हो। दोनों राज्यों की पुलिस के बीच समन्वय ज़रूरी होगा।
आगे जांच किस दिशा में जाएगी?
पोस्टमार्टम रिपोर्ट मृत्यु का कारण और संभावित समय स्पष्ट करेगी। इसके साथ ही सीमावर्ती जिलों के गुमशुदगी रिकॉर्ड और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई तय करेगी।
राष्ट्र प्रेस
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