जमशेदपुर हत्याकांड: शादी के दबाव से तंग आकर नहर में फेंका महिला का शव, आरोपी दासमत बास्के गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के जमशेदपुर स्थित परसुडीह थाना क्षेत्र में कलियाडीह कैनाल से बरामद महिला के शव से जुड़े हत्याकांड को पुलिस ने सुलझा लिया है। 2 अगस्त को पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका थाना क्षेत्र के छोटा बांदुआ निवासी दासमत बास्के को हत्या और साक्ष्य छिपाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि वह मृतका के लगातार विवाह के दबाव से परेशान था, जिसके चलते उसने यह जघन्य कदम उठाया।
मुख्य घटनाक्रम
26 जुलाई की सुबह परसुडीह थाना क्षेत्र में कलियाडीह कैनाल में एक महिला का शव पानी में तैरता मिला था। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और शव को अपने कब्जे में लेकर जाँच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में विशेष जाँच दल (एसआईटी) का गठन किया गया।
जाँच के दौरान मृतका की पहचान जुगसलाई के बंगाली पाड़ा निवासी 45 वर्षीया किरण देवी के रूप में हुई। उनके पुत्र घनश्याम सिंह ने शव की पहचान की। इसके बाद पुलिस ने अप्राकृतिक मृत्यु का मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू की।
जाँच कैसे आगे बढ़ी
पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और तकनीकी साक्ष्यों तथा गुप्त सूचनाओं के आधार पर संदिग्धों की पहचान की। इन्हीं सुरागों के आधार पर दासमत बास्के की संलिप्तता सामने आई, जिसके बाद उसके विरुद्ध हत्या और साक्ष्य नष्ट करने की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया।
आरोपी का कबूलनामा
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में दासमत बास्के ने कथित तौर पर बताया कि किरण देवी उस पर लगातार विवाह करने का दबाव बना रही थीं। इसी से परेशान होकर उसने उनकी हत्या कर दी और पहचान छिपाने के उद्देश्य से शव को कलियाडीह कैनाल में फेंक दिया। यह स्वीकारोक्ति पूछताछ के दौरान दर्ज की गई; न्यायालय में आरोप अभी सिद्ध होने बाकी हैं।
बरामद साक्ष्य
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त टीवीएस स्कूटी, एक काला टी-शर्ट, गुलाबी रंग का बैग और बैंगनी रंग का छींटदार ट्राउजर बरामद किया। पुलिस ने सभी बरामद सामान को जब्त कर लिया है और इन्हें आगे की न्यायिक प्रक्रिया में साक्ष्य के रूप में पेश किया जाएगा।
आगे की कार्रवाई
पुलिस अब आरोपी के अन्य संभावित सहयोगियों की जाँच कर रही है। दासमत बास्के को न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा। यह मामला झारखंड में महिलाओं की सुरक्षा और ऐसे अपराधों में त्वरित न्याय की ज़रूरत को एक बार फिर रेखांकित करता है।