कोडरमा में BJP विधायक नीरा यादव के चालक की धारदार हथियार से हत्या, 4 गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के कोडरमा में BJP विधायक डॉ. नीरा यादव के निजी चालक राजकुमार यादव की बुधवार देर रात कथित जमीन विवाद के दौरान धारदार हथियार और कुदाल से हमला कर हत्या कर दी गई। हमले में चालक के वृद्ध माता-पिता और मासूम बेटी भी गंभीर रूप से घायल हुए, जबकि पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, राजकुमार यादव कोडरमा थाना क्षेत्र के चितरपुर गांव के निवासी थे और झुमरीतिलैया में एक कार्यक्रम में ड्यूटी पूरी कर रात में लौटे थे। इसी दौरान उन्हें सूचना मिली कि गांव में जमीन को लेकर उनके परिजनों के साथ कुछ लोग विवाद कर रहे हैं।
बताया जा रहा है कि मौके पर पहुँचकर राजकुमार ने विवाद शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन इसी बीच उन पर धारदार हथियार और कुदाल से हमला कर दिया गया। सिर सहित शरीर के कई हिस्सों पर गंभीर चोटें आने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
परिजन भी घायल, अस्पताल में भर्ती
हमले में राजकुमार के पिता दशरथ यादव, माँ सुधा देवी और बेटी सोनिका कुमारी भी गंभीर रूप से घायल हो गए। तीनों को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनकी स्थिति पर चिकित्सकों की निगरानी जारी है।
शव के साथ हाईवे जाम
हत्याकांड के विरोध में गुरुवार सुबह परिजनों और ग्रामीणों ने शव के साथ रांची-पटना राष्ट्रीय राजमार्ग को करीब दो घंटे तक जाम रखा। जाम के कारण हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात पूरी तरह ठप हो गया। बाद में मौके पर पहुँचे पुलिस अधिकारियों के आश्वासन के बाद जाम हटाया गया।
विधायक की भूमिका और पुलिस पर सवाल
ग्रामीणों के अनुसार, जमीन विवाद की जानकारी मिलने पर विधायक डॉ. नीरा यादव ने घटना से पहले ही पुलिस को स्थिति से अवगत कराया था और मौके पर बल भेजने का अनुरोध किया था। हालाँकि, आलोचकों का कहना है कि पुलिस समय रहते विवाद को नियंत्रित नहीं कर सकी, जिसका नतीजा यह हिंसक वारदात रही।
घटना की सूचना मिलते ही विधायक देर रात सदर अस्पताल पहुँचीं और घायल परिजनों का हालचाल लिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है और आरोपियों से पूछताछ जारी है।
क्या होगा आगे
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार चारों आरोपियों के खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास सहित कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। जमीन विवाद की पृष्ठभूमि की भी जाँच की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वारदात पूर्व-नियोजित थी या आवेश में अंजाम दी गई।