क्या दुमका में ई-रिक्शा चालक की हत्या ने ग्रामीणों में गुस्सा भर दिया?

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क्या दुमका में ई-रिक्शा चालक की हत्या ने ग्रामीणों में गुस्सा भर दिया?

सारांश

दुमका में एक ई-रिक्शा चालक की हत्या ने ग्रामीणों में आक्रोश पैदा कर दिया है। उन्होंने एनएच-114 ए को जाम कर दिया और न्याय की मांग की। जानें इस घटना के पीछे का सच और क्या हैं इसके कारण।

Key Takeaways

  • दुमका में ई-रिक्शा चालक की हत्या से ग्रामीणों में आक्रोश।
  • एनएच-114 ए पर जाम लगाना, न्याय की मांग।
  • भूमि विवाद के कारण हुई हत्या।
  • पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।
  • पीड़ित परिवार को मुआवजा की मांग।

दुमका, 5 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड के दुमका जिले के शिकारीपाड़ा प्रखंड मुख्यालय के चौक पर सोमवार को एक ई-रिक्शा चालक की हत्या के खिलाफ गुस्साए ग्रामीणों ने एनएच-114 ए (दुमका–रामपुरहाट मुख्य मार्ग) को जाम कर दिया।

गुस्साए लोगों ने शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया और हत्या में शामिल सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी तथा पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की। सड़क जाम के कारण यात्री बसों और मालवाहक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे घंटों यातायात ठप रहा। यह घटना शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र के शिमला ढाका गांव में हुई। गांव में दो पक्षों के बीच लंबे समय से जमीन विवाद चल रहा था।

रविवार को एक पक्ष के कुछ लोग ई-रिक्शा चालक सफारुद्दीन मियां के वाहन से शिकारीपाड़ा थाना जा रहे थे। इसी दौरान दूसरे पक्ष के लोगों ने रास्ते में ई-रिक्शा को रोक लिया और चालक पर एक पक्ष का समर्थन करने का आरोप लगाते हुए उससे विवाद करने लगे। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और आरोपियों ने लात-घूंसे व लाठी से सफारुद्दीन मियां की बेरहमी से पिटाई कर दी।

गंभीर रूप से घायल सफारुद्दीन मियां को पहले शिकारीपाड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। प्राथमिक इलाज के बाद उनकी हालत नाजुक देखते हुए दुमका मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया, जहां से बेहतर इलाज के लिए वर्धमान रेफर किया गया।

इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। सोमवार को जब मृतक का शव गांव पहुंचा, तो परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो उठे। मृतक के रिश्तेदार मोइन अंसारी ने बताया कि सफारुद्दीन मियां परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे और उनकी छह बेटियां हैं। उनकी मौत से परिवार के सामने गंभीर आजीविका संकट खड़ा हो गया है। परिजनों ने करीम मियां, कोबाद मियां, जलील अंसारी, अब्दुल मियां, रमजान अंसारी और बशीर मियां पर हत्या का आरोप लगाया है।

सड़क जाम की सूचना मिलने पर शिकारीपाड़ा थाना प्रभारी अमित लकड़ा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया। उन्होंने बताया कि घटना के संबंध में छह नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है, जिनमें से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।

Point of View

बल्कि एक ऐसे सामाजिक मुद्दे की ओर इशारा करती है जो लंबे समय से अनदेखा किया जा रहा है। भूमि विवादों और स्थानीय तनावों को सुलझाने की आवश्यकता है। हमें यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि ऐसे मामलों में न्याय मिले और समाज में शांति बनी रहे।
NationPress
07/01/2026

Frequently Asked Questions

ई-रिक्शा चालक की हत्या का कारण क्या था?
यह हत्या एक भूमि विवाद के कारण हुई है, जिसमें दो पक्षों के बीच झगड़ा था।
क्या पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया है?
हाँ, पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और अन्य की तलाश जारी है।
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