क्या झारखंड के दुमका में छेड़खानी का विरोध करने पर किशोर की चाकू से हत्या हुई?
सारांश
Key Takeaways
- छेड़खानी के खिलाफ आवाज उठाना कभी-कभी जानलेवा हो सकता है।
- जागरूकता और सुरक्षा के उपायों की आवश्यकता है।
- समाज में हिंसा और अपराध के प्रति सख्त रवैया अपनाना चाहिए।
- स्थानीय प्रशासन को घटनाओं की गंभीरता को समझना होगा।
- पुलिस को त्वरित कार्रवाई करने की आवश्यकता है।
दुमका, 16 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड के दुमका जिले के रामगढ़ थाना क्षेत्र के पथरिया गांव में गुरुवार रात लगभग 10 बजे एक किशोर की चाकू से हमले में मौत हो गई, जबकि एक किशोरी एवं दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
यह घटना तब हुई जब तीनों लोग जामा थाना क्षेत्र के तातलोई मेला से बाइक पर लौट रहे थे। पुलिस के अनुसार, जामा थाना क्षेत्र के निवासी 16 वर्षीय लखींद्र सोरेन, डेविड हांसदा और एक किशोरी गुरुवार शाम तातलोई मेला देखकर बाइक से घर लौट रहे थे। इसी दौरान, रामगढ़ थाना क्षेत्र के पथरिया में तीन बाइक सवार युवकों ने उन्हें रोक लिया।
आरोप है कि हमलावरों ने पहले किशोरी को जबरन बाइक से उतारने का प्रयास किया। इसका विरोध करने पर लखींद्र सोरेन और डेविड हांसदा के बीच कहासुनी हो गई। बताया जाता है कि विवाद के बाद तीनों हमलावरों ने चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में किशोरी समेत दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद स्थानीय लोगों की सहायता से तीनों को देर रात दुमका के फूलो झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने लखींद्र सोरेन को मृत घोषित कर दिया।
वहीं, डेविड हांसदा और किशोरी की स्थिति गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज जारी है। घटना की गंभीरता को देखते हुए सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) विजय कुमार महतो भी अस्पताल पहुंचे और घायलों से घटना की जानकारी ली। पुलिस ने अस्पताल में उपस्थित परिजनों से भी पूछताछ की है। फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में मामला आपसी विवाद से जुड़ा प्रतीत हो रहा है, हालांकि सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।