कांग्रेस का परिवारवाद: लोकतंत्र के लिए बढ़ता खतरा - प्रह्लाद जोशी
सारांश
Key Takeaways
- कांग्रेस पर परिवारवाद का आरोप
- एक परिवार का वर्चस्व लोकतंत्र के लिए खतरा
- राजनीतिक रणनीतियों में भिन्नता
- कांग्रेस की विकास योजनाओं पर सवाल
- रसोई गैस की आपूर्ति के मुद्दे
दावणगेरे, 6 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सोमवार को कांग्रेस पर परिवारवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि दावणगेरे दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में एक ही परिवार का दबदबा लगातार बढ़ रहा है, जो लोकतंत्र के लिए उचित नहीं है।
प्रेस वार्ता में जोशी ने कहा कि पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शमनूर शिवशंकरप्पा विधायक और मंत्री रहे। इसके बाद उनके बेटे एस.एस. मल्लिकार्जुन विधायक और मंत्री बने, जबकि उनकी पत्नी संसद सदस्य हैं। अब उनके बेटे समर्थ मल्लिकार्जुन को भी चुनाव लड़ने के लिए टिकट दिया गया है। जोशी ने बताया कि इस तरह एक ही परिवार के भीतर लगातार टिकट दिए जा रहे हैं, जिससे अन्य योग्य व्यक्तियों को मौका नहीं मिल पा रहा है।
उन्होंने कहा कि अगर इस बार भी कांग्रेस को जीत मिलती है, तो आने वाले कई वर्षों तक उसी परिवार का वर्चस्व बना रह सकता है। उनके अनुसार, मतदाता अब यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर बार-बार एक ही परिवार को क्यों प्राथमिकता दी जा रही है।
जोशी ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस अलग-अलग जगहों पर अलग रणनीति अपनाती है। उन्होंने कहा कि कुछ क्षेत्रों में पार्टी सामाजिक समीकरणों के आधार पर राजनीति करती है, जबकि दावणगेरे में एक ही परिवार को आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।
जोशी ने कांग्रेस नेतृत्व पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी में परिवारवाद की राजनीति लगातार बढ़ रही है। उनका कहना था कि इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर होती है और आम कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने का अवसर नहीं मिल पाता।
उन्होंने कहा कि इस परिवार के पास काफी संपत्ति है और वे अपनी आर्थिक ताकत के जरिए राजनीति को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। जोशी ने कहा कि जनता इस स्थिति को समझ रही है और चुनाव में इसका जवाब देगी।
उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस में भ्रष्टाचार और कुशासन बढ़ता जा रहा है और परिवारवाद की राजनीति अपने चरम पर पहुंच चुकी है। उनके अनुसार, मतदाता इस बार इन मुद्दों को ध्यान में रखकर फैसला लेंगे।
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने दावणगेरे में विकास को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में कोई खास विकास नहीं हुआ है। उनके अनुसार, स्मार्ट सिटी परियोजना पूर्व सांसद जी.एम. सिद्धेश्वर के कार्यकाल में शुरू हुई थी और उसके बाद कोई बड़ा काम नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ही परिवार के लोग अपना प्रभाव बढ़ाने और सत्ता को अपने हाथों में रखने की कोशिश कर रहे हैं, जो लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है।
जोशी ने आगे कहा कि पूरे देश में कांग्रेस की स्थिति कमजोर होती जा रही है और उन्होंने दावा किया कि देश जल्द ही कांग्रेस-मुक्त हो जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री पर भी आरोप लगाया कि वह निर्वाचन क्षेत्रों को लेकर लोगों को गुमराह कर रहे हैं। उनके अनुसार, दक्षिण और उत्तर के आधार पर राजनीति करना देश को बांटने जैसा है। उन्होंने कहा कि लोगों को विकास और नीतियों के आधार पर प्रभावित किया जाना चाहिए, न कि क्षेत्रीय विभाजन के जरिए।
उन्होंने कर्नाटक सरकार की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। जोशी ने कहा कि राज्य में कांग्रेस को एक मौका दिया गया था, लेकिन वह लोगों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की गारंटी योजनाएं भी सही तरीके से लागू नहीं हो रही हैं। उन्होंने अन्न भाग्य योजना का जिक्र करते हुए कहा कि इसके तहत चावल का वितरण केंद्र सरकार की ओर से किया गया, राज्य सरकार का इसमें कोई योगदान नहीं था।
रसोई गैस की आपूर्ति को लेकर उठ रहे सवालों पर जोशी ने कहा कि यह समस्या अंतरराष्ट्रीय हालात के कारण पैदा हुई थी, लेकिन केंद्र सरकार ने इसे प्रभावी ढंग से संभाला है। उन्होंने कहा कि घरेलू गैस की आपूर्ति में कोई बड़ी परेशानी नहीं आई है और पेट्रोल की कमी को लेकर किए गए दावे भी गलत साबित हुए हैं।
उन्होंने कहा कि देश में ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद है, क्योंकि सरकार ने पहले से ही इसकी तैयारी कर ली थी, हालांकि उन्होंने माना कि रसोई गैस की कुछ कमी जरूर देखने को मिली है, लेकिन इसका समाधान जल्द ही कर लिया जाएगा।