जेकेएसए ने विदेश मंत्री से सऊदी अरब में हिरासत में लिए गए कश्मीरी युवक की रिहाई की अपील की

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जेकेएसए ने विदेश मंत्री से सऊदी अरब में हिरासत में लिए गए कश्मीरी युवक की रिहाई की अपील की

सारांश

जम्मू-कश्मीर छात्र संघ ने विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर को पत्र लिखकर सऊदी अरब में हिरासत में लिए गए कश्मीरी युवक अमजद अली भट की सुरक्षा और कानूनी स्थिति पर चिंता जताई। संघ ने तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

Key Takeaways

  • अमजद अली भट की सुरक्षा और कानूनी स्थिति पर गंभीर चिंता।
  • जम्मू-कश्मीर छात्र संघ ने विदेश मंत्री को पत्र लिखा।
  • सऊदी अरब में हिरासत की स्थिति को लेकर स्पष्टता की मांग।
  • अंतरराष्ट्रीय मानदंडों के अनुसार कांसुलर पहुंच और कानूनी सहायता की आवश्यकता।
  • बेदाग व्यक्तिगत और व्यावसायिक रिकॉर्ड का होना।

जम्मू, 6 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर छात्र संघ (जेकेएसए) ने सोमवार को विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर को एक पत्र भेजकर सऊदी अरब में हिरासत में लिए गए एक कश्मीरी युवक के मामले में तात्कालिक हस्तक्षेप की अपील की है। संघ ने उसके सुरक्षा, कानूनी स्थिति और लंबे समय से संपर्क न होने पर गहरी चिंता जताई।

पत्र में संघ ने उल्लेख किया कि जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले के पट्टन क्षेत्र के गुंड इब्राहिम गांव का निवासी अमजद अली भट शिया समुदाय का सदस्य है और दम्माम में सऊदी रिस्पॉन्स प्लस मेडिकल नामक कंपनी में नर्स स्पेशलिस्ट के तौर पर कार्यरत था।

संघ के राष्ट्रीय संयोजक नासिर खुएहामी ने बताया कि अमजद अली भट को 25 मार्च, 2026 को सऊदी नागरिक सुरक्षा बलों द्वारा हिरासत में लिया गया था। यह हिरासत ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अली हुसैनी खामेनेई को श्रद्धांजलि देने के संदर्भ में सोशल मीडिया पर पोस्ट किए जाने के बाद हुई। हालांकि, उनके परिवार या नियोक्ता को हिरासत के कारणों के बारे में कोई औपचारिक जानकारी नहीं दी गई है।

खुएहामी ने आगे बताया कि 25 मार्च से अमजद अली भट से कोई संपर्क नहीं हो पाया है। उनके परिवार और नियोक्ता को संबंधित सऊदी अधिकारियों से उनकी स्थिति या कानूनी दर्जे के बारे में कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है। लंबे समय तक संपर्क न होने के कारण उनके परिवार के सदस्यों में गहरी चिंता और पीड़ा है।

संघ ने अमजद अली भट की पृष्ठभूमि पर जोर देते हुए कहा कि उनका किसी भी गैरकानूनी या विवादास्पद गतिविधियों में शामिल होने का कोई ज्ञात इतिहास नहीं है। वे अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए विदेश में कार्यरत एक स्वास्थ्यकर्मी हैं और उनका व्यक्तिगत और व्यावसायिक रिकॉर्ड बेदाग रहा है।

संघ ने विदेश मंत्रालय से अनुरोध किया कि वे सऊदी अधिकारियों के साथ इस मामले को उच्चतम राजनयिक स्तर पर उठाएं और उनकी हिरासत से संबंधित परिस्थितियों पर स्पष्टता प्राप्त करें। इसके अलावा, रियाद स्थित भारतीय दूतावास और दम्माम स्थित वाणिज्य दूतावास को उनसे तुरंत संपर्क स्थापित करने और उनकी कुशलक्षेम सुनिश्चित करने का निर्देश दिया जाए।

संघ ने यह भी अपील की कि अंतरराष्ट्रीय मानदंडों और द्विपक्षीय समझौतों के अनुसार उन्हें आवश्यक कांसुलर पहुंच और कानूनी सहायता प्रदान की जाए, और यदि उनके खिलाफ कोई ठोस आरोप साबित नहीं होते हैं, तो उनकी शीघ्र रिहाई के प्रयास किए जाएं।

खुएहामी ने आशा व्यक्त की कि विदेश मंत्री विदेश में एक भारतीय नागरिक के अधिकारों, गरिमा और कल्याण की रक्षा के लिए शीघ्र और सहानुभूतिपूर्ण कार्रवाई करेंगे। उन्होंने कहा, "हम विदेश मंत्री से आग्रह करते हैं कि वे जल्दी हस्तक्षेप करें और सुनिश्चित करें कि इस मामले में न्याय, पारदर्शिता और मानवीय हितों का सम्मान किया जाए।"

Point of View

बल्कि यह विदेश में भारतीय नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण है। सरकारी हस्तक्षेप की आवश्यकता है ताकि न्याय और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।
NationPress
18/04/2026

Frequently Asked Questions

अमजद अली भट किस समुदाय से संबंधित हैं?
वे शिया समुदाय से संबंधित हैं।
अमजद को कब हिरासत में लिया गया?
उन्हें 25 मार्च, 2026 को हिरासत में लिया गया था।
अमजद की सुरक्षा पर कौन चिंता जता रहा है?
जम्मू-कश्मीर छात्र संघ (जेकेएसए) उनकी सुरक्षा पर चिंता जता रहा है।
क्या अमजद के खिलाफ कोई औपचारिक आरोप हैं?
नहीं, उनके खिलाफ कोई औपचारिक आरोप नहीं हैं।
संघ ने सरकार से क्या अनुरोध किया है?
संघ ने सरकार से सऊदी अधिकारियों के साथ उच्चतम स्तर पर मामले को उठाने का अनुरोध किया है।
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