26 अगस्त 2026
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आर्टेमिस II मिशन का चौथा दिन: एस्ट्रोनॉट्स ने मैनुअल पायलटिंग में दिखाई महारत

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आर्टेमिस II मिशन का चौथा दिन: एस्ट्रोनॉट्स ने मैनुअल पायलटिंग में दिखाई महारत

सारांश

आर्टेमिस II मिशन के चौथे दिन, क्रू सदस्यों ने ओरियन यान में मैनुअल पायलटिंग का सफल प्रदर्शन किया। यह मिशन चंद्रमा के चारों ओर यात्रा कर पृथ्वी पर लौटने की प्रक्रिया का परीक्षण कर रहा है। जानें इस महत्वपूर्ण फ्लाईबाई के बारे में।

मुख्य बातें

मैनुअल पायलटिंग का सफल परीक्षण मून फ्लाईबाई की योजना की समीक्षा चंद्रमा पर मानव बस्ती की तैयारी ओरियन यान के प्रदर्शन का मूल्यांकन नए तकनीकी परीक्षणों का महत्व

नई दिल्ली, 5 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के आर्टेमिस II मिशन के चौथे दिन, क्रू सदस्यों ने ओरियन यान में मैनुअल पायलटिंग का सफल प्रदर्शन किया। यह मिशन चंद्रमा के चारों ओर घूमकर पृथ्वी पर लौटने की प्रक्रिया का परीक्षण कर रहा है। क्रू ने मून फ्लाईबाई की योजना पर भी चर्चा की।

नासा की एस्ट्रोनॉट क्रिस्टीना कोच और कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी के जेरेमी हैनसेन ने बारी-बारी से ओरियन यान को नियंत्रित किया। उन्होंने 41 मिनट तक दो अलग-अलग थ्रस्टर मोड का परीक्षण किया, जिससे इंजीनियर्स को यान की पायलटिंग क्षमताओं की बेहतर समझ मिली। सोमवार, 6 अप्रैल को, वे अपने छह घंटे के फ्लाईबाई के दौरान तस्वीरें लेंगे और उनका विश्लेषण करेंगे। फ्लाईबाई 6 अप्रैल को दोपहर 2:45 बजे शुरू होगी।

मिशन कमांडर रीड वाइसमैन और पायलट विक्टर ग्लोवर इस प्रदर्शन को 9 अप्रैल को दोहराएंगे, ताकि जमीनी टीम को यान के प्रदर्शन के विभिन्न पहलुओं का ज्ञान हो सके।

क्रू ने चंद्र विज्ञान टीम द्वारा भेजी गई चंद्रमा की सतह की विशेषताओं की सूची की समीक्षा की। 6 अप्रैल को, वे इन स्थानों की तस्वीरें लेंगे और उनका विश्लेषण करेंगे। फ्लाईबाई के दौरान, ओरियन यान की मुख्य खिड़कियां चंद्रमा की ओर होंगी। इससे पहले, क्रू ने ओरियन यान के सौर पैनल कैमरों का उपयोग करके कुछ सेल्फी लीं, जो आने वाले दिनों में पृथ्वी पर भेजी जाएंगी।

आर्टेमिस II मिशन अपोलो के बाद पहली बार मानवयुक्त यान को चंद्रमा के पास ले जाने वाला है। चार सदस्यीय दल में रीड वाइसमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच, और जेरेमी हैनसेन शामिल हैं। इस मिशन का उद्देश्य ओरियन यान की गहरे अंतरिक्ष में क्षमताओं का परीक्षण करना है, ताकि भविष्य में चंद्रमा पर मानव बस्ती स्थापित की जा सके।

5 अप्रैल को, मिशन के पांचवें दिन, धरती के गुरुत्वाकर्षण खिंचाव के कारण कैप्सूल की रफ्तार धीमी हो जाएगी। जैसे ही यह चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र में प्रवेश करेगा, इसकी गति फिर से बढ़ने लगेगी और चंद्रमा की ओर तेजी से बढ़ेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आर्टेमिस II मिशन का मुख्य उद्देश्य क्या है?
आर्टेमिस II मिशन का मुख्य उद्देश्य ओरियन यान की गहरे अंतरिक्ष में क्षमताओं का परीक्षण करना है।
ओरियन यान की मैनुअल पायलटिंग का परीक्षण कब हुआ?
ओरियन यान की मैनुअल पायलटिंग का परीक्षण 5 अप्रैल को हुआ।
फ्लाईबाई कब शुरू होगी?
फ्लाईबाई 6 अप्रैल को दोपहर 2:45 बजे शुरू होगी।
इस मिशन में कितने एस्ट्रोनॉट्स शामिल हैं?
इस मिशन में चार एस्ट्रोनॉट्स शामिल हैं: रीड वाइसमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच, और जेरेमी हैनसेन।
चंद्रमा की सतह की तस्वीरें कब ली जाएंगी?
चंद्रमा की सतह की तस्वीरें फ्लाईबाई के दौरान 6 अप्रैल को ली जाएंगी।
राष्ट्र प्रेस
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