आशा भोसले का निधन: संगीत जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति, केंद्रीय मंत्रियों ने किया शोक व्यक्त

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आशा भोसले का निधन: संगीत जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति, केंद्रीय मंत्रियों ने किया शोक व्यक्त

सारांश

भारतीय संगीत की दिग्गज गायिका आशा भोसले का निधन एक अपूरणीय क्षति है। केंद्रीय मंत्रियों ने उनके योगदान को याद किया और परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की। उनके संगीत का जादू सदियों तक जीवित रहेगा।

Key Takeaways

  • आशा भोसले का निधन भारतीय संगीत के लिए अपूरणीय क्षति है।
  • उन्होंने हजारों फिल्मों और एल्बम्स में गाने गाए।
  • केंद्रीय मंत्रियों ने उनके योगदान को याद किया।
  • उनके गाए गीत सदियों तक लोगों के दिलों में रहेंगे।
  • आशा भोसले के अंतिम संस्कार की जानकारी।

नई दिल्ली, 12 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रख्यात गायिका और पद्म विभूषण से सम्मानित आशा भोसले के निधन पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि भारत की सुर सम्राज्ञी आशा भोसले जी का निधन संगीत और कला के क्षेत्र में एक अपूर्णीय क्षति है। उन्होंने हजारों फिल्मों और संगीत एल्बमों में अपनी आवाज़ को दिया है। उनके गाए गीतों की गूँज सदा जीवित रहेगी।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "भारत की सुर सम्राज्ञी आशा भोसले जी का निधन मेरे लिए अत्यंत पीड़ादायक है। पार्श्व गायिका के रूप में उन्होंने हज़ारों फिल्मों और संगीत एल्बमों में अपनी आवाज़ दी। उनके गाए गीतों को भारत की कई पीढ़ियों ने सुना और गुनगुनाया है। उनके मधुर गीतों की गूंज सदैव बनी रहेगी। आशा भोसले जी का निधन संगीत और कला के लिए एक अपूरणीय क्षति है। दुख की इस घड़ी में उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदनाएं। ओम शांति।"

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मशहूर गायिका आशा भोसले के निधन पर मीडिया से बातचीत में कहा, "पिछले कई वर्षों से आशा भोसले और मेरा बहुत करीबी संबंध रहा है। आशा ताई ने अनेक भाषाओं में कई गीत गाए। जिस तरह लता दीदी ने अपनी गायन कला से देश का नाम रोशन किया, ठीक उसी प्रकार आशा ताई ने भी देश को गौरवान्वित किया। उनका जाना उनके परिवार के लिए बहुत बड़ा झटका है।"

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "मधुर वाणी और अद्वितीय गायकी की प्रतिमूर्ति दीदी आशा भोसले जी ने दशकों तक भारतीय संगीत को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया। उनकी आवाज़ केवल सुरों का संगम नहीं, बल्कि भावनाओं का ऐसा अनकहा रिश्ता है जिसे शब्दों में बांध पाना संभव नहीं है। एक ऐसा जुड़ाव जो हर दिल में सदा जीवित रहेगा। उनके गाए गीत आने वाली पीढ़ियों तक यूँ ही गूंजते रहेंगे। यह क्षण उनके परिवार, कला जगत से जुड़े सभी लोगों और करोड़ों प्रशंसकों के लिए अत्यंत भावुक और अपूरणीय क्षति का है। मैं सभी के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूँ। माँ सरस्वती दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और परिजनों को इस दुख को सहने की शक्ति दें।"

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने आशा भोसले के निधन पर दुख व्यक्त किया और एक्स पोस्ट में लिखा, "आशा भोसले जी के निधन से मैं बहुत दुखी हूं, वह एक ऐसी प्रतिष्ठित आवाज थीं जिसे सुनते-सुनते हम बड़े हुए, हमारे बचपन के शुरुआती दिनों से ही। वह एक अमर हस्ती हैं, वह कहीं नहीं गईं, वह कभी नहीं जाएंगी, वह हमेशा हमारे आस-पास हैं और हमें यह याद दिलाती रहती हैं कि वह यहीं हैं, 'जाइए आप कहां जाएंगे, यह नजर लौट के फिर आएगी।'"

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आशा भोसले के निधन पर लिखा, "महान संगीत प्रतिभा आशा भोसले के निधन से अत्यंत दुखी हूं। वह एक प्रेरणादायक और मंत्रमुग्ध कर देने वाली गायिका रही हैं, जिन्होंने पीढ़ियों तक हमारे दिलों पर राज किया। उन्होंने कई बंगाली गीत भी गाए और बंगाल में भी वह बेहद लोकप्रिय हैं। वर्ष 2018 में हमने उन्हें अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'बंग विभूषण' से सम्मानित किया था। उनके परिवार, उनके साथियों और दुनिया भर में फैले उनके लाखों प्रशंसकों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं।"

प्रसिद्ध गायिका आशा भोसले का रविवार को 92 वर्ष की आयु में मुंबई के ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में निधन हो गया। उनके बेटे आनंद भोसले ने इसकी पुष्टि की। आनंद भोसले ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि सोमवार सुबह 11 बजे लोग लोअर परेल के कासा ग्रांडे में उन्हें श्रद्धांजलि दे सकते हैं। उनका अंतिम संस्कार शाम 4 बजे शिवाजी पार्क में किया जाएगा।

Point of View

बल्कि सभी संगीत प्रेमियों के लिए एक गहरा दुख है।
NationPress
14/04/2026

Frequently Asked Questions

आशा भोसले का निधन कब हुआ?
आशा भोसले का निधन 12 अप्रैल 2023 को हुआ।
आशा भोसले को किस सम्मान से नवाजा गया था?
आशा भोसले को पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था।
आशा भोसले ने किस प्रकार के गीत गाए?
आशा भोसले ने विभिन्न भाषाओं में हजारों गाने गाए हैं।
आशा भोसले का अंतिम संस्कार कब होगा?
आशा भोसले का अंतिम संस्कार 12 अप्रैल 2023 को शाम 4 बजे शिवाजी पार्क में किया जाएगा।
आशा भोसले का योगदान भारतीय संगीत में क्या है?
आशा भोसले ने भारतीय संगीत को नई ऊंचाइयों तक पहुँचाया और उनकी आवाज़ ने कई पीढ़ियों को प्रभावित किया।
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