22 अक्टूबर 2026
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अशफाक उल्ला खां की जयंती: CM योगी, रेखा गुप्ता और कई नेताओं ने काकोरी के महानायक को किया नमन

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अशफाक उल्ला खां की जयंती: CM योगी, रेखा गुप्ता और कई नेताओं ने काकोरी के महानायक को किया नमन

सारांश

काकोरी ट्रेन एक्शन के अमर नायक अशफाक उल्ला खां की जयंती पर 22 अक्टूबर 2026 को देशभर से श्रद्धांजलियों का सैलाब उमड़ा — CM योगी, दिल्ली CM रेखा गुप्ता, राजस्थान CM भजनलाल और हरियाणा CM नायब सिंह सैनी समेत कई नेताओं ने इस क्रांतिकारी को नमन किया, जिन्होंने हिंदू मुस्लिम एकता की अनूठी मिसाल कायम की थी।

मुख्य बातें

काकोरी ट्रेन एक्शन के महानायक अशफाक उल्ला खां की जयंती 22 अक्टूबर 2026 को देशभर में मनाई गई।
CM योगी आदित्यनाथ , दिल्ली CM रेखा गुप्ता , राजस्थान CM भजनलाल शर्मा , हरियाणा CM नायब सिंह सैनी और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने एक्स पर श्रद्धांजलि दी।
बिहार भाजपा के अध्यक्ष संजय सरावगी ने काकोरी एक्शन में उनकी भूमिका को ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ संघर्ष की नई ऊर्जा बताया।
अशफाक उल्ला खां ने 9 अगस्त 1925 को राम प्रसाद बिस्मिल के साथ काकोरी ट्रेन एक्शन को अंजाम दिया था।
उन्हें 19 दिसंबर 1927 को फैज़ाबाद जेल में फाँसी दी गई थी।

काकोरी ट्रेन एक्शन के अमर बलिदानी और स्वतंत्रता संग्राम के क्रांतिसूर्य अशफाक उल्ला खां की जयंती पर 22 अक्टूबर 2026 को देशभर के राजनेताओं और आम नागरिकों ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से लेकर दिल्ली की मुख्यमंत्री तक, कई वरिष्ठ नेताओं ने सोशल मीडिया के ज़रिए इस महान क्रांतिकारी के जीवन और बलिदान को याद किया।

CM योगी आदित्यनाथ का श्रद्धासुमन

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, "मां भारती की स्वतंत्रता के लिए हंसते हंसते अपना सर्वस्व अर्पित करने वाले 'काकोरी ट्रेन एक्शन' के अमर महानायक अशफाक उल्ला खां की जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि। मातृभूमि के लिए उनका बलिदान उस राष्ट्रभाव की अमर गाथा है, जहां जीवन से बड़ा देश और प्राणों से बड़ी स्वतंत्रता होती है।" गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश ही वह धरती है जहाँ अशफाक उल्ला खां का जन्म हुआ था और जहाँ उन्होंने फाँसी के फंदे को चूमा था।

दिल्ली CM रेखा गुप्ता और राजस्थान CM भजनलाल की श्रद्धांजलि

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पोस्ट में लिखा, "काकोरी कांड के माध्यम से अंग्रेजी हुकूमत की नींव हिलाने वाले अशफाक उल्ला खां ने अपनी कलम और क्रांतिकारी विचारों से युवाओं में आजादी का जज्बा जगाया। मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए उनका सर्वोच्च बलिदान साहस, त्याग और राष्ट्रभक्ति की अमर मिसाल है। उनका प्रेरणादायी जीवन आने वाली पीढ़ियों में देशप्रेम की भावना जगाता रहेगा।"

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी उन्हें नमन करते हुए कहा, "मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर बलिदानी और क्रांतिसूर्य अशफाक उल्ला खां की जयंती पर उन्हें कोटि कोटि नमन। मां भारती की आजादी के लिए उनका अदम्य साहस, अप्रतिम राष्ट्रप्रेम और सर्वोच्च बलिदान प्रत्येक देशवासी के हृदय में सदैव अमर रहेगा।"

हरियाणा CM नायब सिंह सैनी और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल का नमन

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने एक्स पर लिखा, "काकोरी ट्रेन एक्शन के महानायक, मां भारती की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले अमर क्रांतिकारी अशफाक उल्ला खां की जयंती पर उन्हें कोटि कोटि नमन। उनका अदम्य साहस, सर्वोच्च बलिदान और मातृभूमि के प्रति अटूट प्रेम सदैव देशवासियों को राष्ट्रसेवा, एकता और देशभक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता रहेगा।"

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने अपनी पोस्ट में कहा, "अपने क्रांतिकारी विचारों और ओजस्वी कविताओं के माध्यम से अशफाक उल्ला खां ने स्वतंत्रता संग्राम की ऐसी लौ प्रज्वलित की, जिसमें असंख्य युवाओं ने राष्ट्र के लिए स्वयं को समर्पित कर दिया। उनका जीवन केवल स्वतंत्रता का नहीं, बल्कि राष्ट्रप्रेम, साहस और त्याग की अमर गाथा है, जो अनंतकाल तक देशवासियों को प्रेरणा देती रहेगी।"

बिहार भाजपा अध्यक्ष का संदेश और काकोरी की ऐतिहासिक विरासत

बिहार भाजपा के अध्यक्ष संजय सरावगी ने श्रद्धांजलि देते हुए लिखा कि काकोरी ट्रेन एक्शन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाकर अशफाक उल्ला खां ने ब्रिटिश हुकूमत के विरुद्ध स्वतंत्रता संग्राम को नई ऊर्जा प्रदान की। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में राष्ट्रीय एकता और स्वतंत्रता सेनानियों की विरासत को लेकर व्यापक चर्चा जारी है।

गौरतलब है कि अशफाक उल्ला खां और उनके साथी क्रांतिकारी राम प्रसाद बिस्मिल ने मिलकर 9 अगस्त 1925 को काकोरी में ब्रिटिश सरकार के खजाने को लूटा था, जो इतिहास में 'काकोरी ट्रेन एक्शन' के नाम से दर्ज है। इस साहसिक कदम के बाद अशफाक उल्ला खां को 19 दिसंबर 1927 को फैज़ाबाद (अब अयोध्या) जेल में फाँसी दी गई थी।

राष्ट्रीय एकता की प्रतीक विरासत

अशफाक उल्ला खां का जीवन हिंदू मुस्लिम एकता की अनूठी मिसाल रहा है — वे और उनके परम मित्र राम प्रसाद बिस्मिल साथ मिलकर ब्रिटिश साम्राज्य को चुनौती देते रहे। आज जब विभिन्न दलों के नेता एकजुट होकर उन्हें याद कर रहे हैं, तो यह उनकी सर्वस्वीकार्य विरासत का ही प्रमाण है। इन श्रद्धांजलियों से स्पष्ट है कि स्वतंत्रता संग्राम के नायकों की स्मृति आज भी राष्ट्रीय विमर्श में केंद्रीय स्थान रखती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो स्वतंत्रता संग्राम की सांझी विरासत की व्यापकता को रेखांकित करती है। हालाँकि, जयंती और पुण्यतिथि पर सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि देना एक परंपरा बन चुकी है — असली प्रश्न यह है कि क्या इन नेताओं की सरकारें काकोरी जैसे ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण और स्वतंत्रता सेनानियों की विरासत के प्रचार प्रसार में ठोस कदम उठा रही हैं।
RashtraPress
22 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अशफाक उल्ला खां कौन थे और काकोरी ट्रेन एक्शन क्या था?
अशफाक उल्ला खां भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख क्रांतिकारी थे, जिन्होंने 9 अगस्त 1925 को राम प्रसाद बिस्मिल के साथ मिलकर उत्तर प्रदेश के काकोरी में ब्रिटिश सरकार के खजाने को ट्रेन से लूटा था। इस घटना को 'काकोरी ट्रेन एक्शन' कहा जाता है और यह भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है।
अशफाक उल्ला खां को फाँसी कब और कहाँ दी गई थी?
अशफाक उल्ला खां को 19 दिसंबर 1927 को फैज़ाबाद (अब अयोध्या) जेल में फाँसी दी गई थी। काकोरी ट्रेन एक्शन के बाद ब्रिटिश सरकार ने उन्हें गिरफ्तार कर मुकदमा चलाया और उन्हें मृत्युदंड की सजा सुनाई।
22 अक्टूबर को कौन से नेताओं ने अशफाक उल्ला खां को श्रद्धांजलि दी?
22 अक्टूबर 2026 को उत्तर प्रदेश के CM योगी आदित्यनाथ, दिल्ली की CM रेखा गुप्ता, राजस्थान के CM भजनलाल शर्मा, हरियाणा के CM नायब सिंह सैनी, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए अशफाक उल्ला खां को श्रद्धांजलि अर्पित की।
अशफाक उल्ला खां की विरासत आज क्यों प्रासंगिक है?
अशफाक उल्ला खां हिंदू मुस्लिम एकता की जीती जागती मिसाल थे — उनकी दोस्ती राम प्रसाद बिस्मिल के साथ सांप्रदायिक सद्भाव का प्रतीक मानी जाती है। उनका जीवन और बलिदान यह संदेश देता है कि राष्ट्रप्रेम किसी एक धर्म या समुदाय की बपौती नहीं है, जो आज भी भारतीय समाज में उतना ही प्रासंगिक है।
CM योगी आदित्यनाथ ने अशफाक उल्ला खां के बारे में क्या कहा?
CM योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर लिखा कि अशफाक उल्ला खां ने मां भारती की स्वतंत्रता के लिए हंसते हंसते अपना सर्वस्व अर्पित किया और उनका बलिदान उस राष्ट्रभाव की अमर गाथा है, जहां जीवन से बड़ा देश और प्राणों से बड़ी स्वतंत्रता होती है।
राष्ट्र प्रेस
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