क्या कर्नाटक नेतृत्व विवाद में अशोक गहलोत का कहना है, 'सब ठीक है'?

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क्या कर्नाटक नेतृत्व विवाद में अशोक गहलोत का कहना है, 'सब ठीक है'?

सारांश

क्या कर्नाटक में अशोक गहलोत ने सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच प्यार की बात की? जानिए कर्नाटक के नेतृत्व विवाद पर उनकी राय और राजस्थान की राजनीतिक स्थिति की सच्चाई।

Key Takeaways

  • अशोक गहलोत ने कर्नाटक में किसी विवाद को खारिज किया।
  • उन्होंने राजस्थान की सरकार की आलोचना की।
  • गहलोत के अनुसार, कर्नाटक में सिर्फ प्यार है।
  • गहलोत ने चुनाव आयोग पर आरोप लगाया।
  • कर्नाटक के असली फैसलों की जानकारी केवल खड़गे और राहुल गांधी को है।

जयपुर, 29 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच किसी भी प्रकार के मतभेद से इनकार किया। उन्होंने कहा कि उनके बीच कोई तलाक नहीं है, बल्कि केवल प्यार है।

गहलोत ने राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी को संबोधित करते हुए कहा कि अगर नेता नाश्ते की मेज पर एक साथ बैठते हैं, तो यह एकता दर्शाता है। प्यार खबर नहीं है, तलाक खबर है। कर्नाटक में तलाक नहीं है, प्यार है।

उन्होंने कर्नाटक में आंतरिक कलह की खबरों को खारिज करते हुए कहा कि राहुल गांधी और खड़गे के नेतृत्व में कांग्रेस एकजुट है।

गहलोत ने कांग्रेस के भीतर कथित सत्ता-बंटवारे के फॉर्मूले और नेतृत्व संबंधी भ्रम, खासकर कर्नाटक के घटनाक्रम और छत्तीसगढ़ के पूर्व के मामलों के संदर्भ में चल रही चर्चाओं पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की।

उन्होंने कहा कि कई नेता यूं ही राहुल गांधी का नाम लेकर दावा करते हैं कि उन्हें मुख्यमंत्री बनने के लिए भेजा गया था या सत्ता-बंटवारे का वादा किया गया था।

गहलोत ने कहा कि लोग राहुल गांधी का नाम लेते हैं। कुछ लोग दावा करते हैं कि उन्हें ढाई साल का वादा किया गया था। छत्तीसगढ़ सरकार के दौरान भी यही ढाई साल का फॉर्मूला लाया गया था। ऐसी बातें पार्टी को नुकसान पहुंचाती हैं।

कर्नाटक के मौजूदा हालात का जिक्र करते हुए गहलोत ने जोर देकर कहा कि असली फैसलों की जानकारी सिर्फ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी को ही है।

उन्होंने आगे कहा कि अगर ढाई साल का फॉर्मूला है, तो कर्नाटक के मुख्यमंत्री और उप-मुख्यमंत्री इसकी पुष्टि करें। वरना, यह केवल अफवाह है।

राजस्थान का जिक्र करते हुए गहलोत ने मौजूदा प्रशासन की कड़ी आलोचना की और उसे अक्षम और गैर-जिम्मेदार बताया।

उन्होंने कहा कि राजस्थान में एक अक्षम सरकार है। कानून-व्यवस्था चरमरा गई है। हर दिन दुर्घटनाएं और आत्महत्याएं हो रही हैं।

गहलोत ने चुनाव आयोग पर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई करने का भी आरोप लगाया और चेतावनी दी कि उसका रवैया भारत के लोकतांत्रिक ढांचे के लिए खतरा बन सकता है।

Point of View

यह दर्शाता है कि वे पार्टी के भीतर की एकजुटता को प्राथमिकता दे रहे हैं। यह बयान आगामी चुनावों में कांग्रेस की संभावनाओं को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।
NationPress
29/11/2025

Frequently Asked Questions

क्या अशोक गहलोत ने कर्नाटक में किसी विवाद को स्वीकार किया?
नहीं, अशोक गहलोत ने कर्नाटक में किसी भी विवाद से इनकार किया और कहा कि वहां सिर्फ प्यार है।
कर्नाटक में कांग्रेस के नेता कौन हैं?
कर्नाटक में कांग्रेस के नेता सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार हैं।
राजस्थान की वर्तमान सरकार के बारे में गहलोत ने क्या कहा?
गहलोत ने राजस्थान की वर्तमान सरकार को अक्षम और गैर-जिम्मेदार बताया।
क्या गहलोत ने चुनाव आयोग पर कोई आरोप लगाया?
जी हां, गहलोत ने चुनाव आयोग पर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई करने का आरोप लगाया।
क्या कर्नाटक में ढाई साल का फॉर्मूला सच है?
गहलोत ने कहा कि अगर ऐसा कोई फॉर्मूला है, तो इसकी पुष्टि कर्नाटक के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री करें।
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