असम में एलपीजी वितरण में अनियमितताओं के चलते पांच वितरक निलंबित
सारांश
Key Takeaways
- पांच एलपीजी वितरक निलंबित
- अनियमितताओं के खिलाफ सख्त कदम
- उपभोक्ताओं की सुरक्षा का आश्वासन
- ईंधन की आपूर्ति में कोई कमी नहीं
- जीरो टॉलरेंस नीति लागू
गुवाहाटी, 4 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। असम की सरकार ने एलपीजी वितरण में अनियमितताओं और नियमों के उल्लंघन के चलते राज्य के पांच गैस वितरकों को तत्क्षण निलंबित करने का निर्णय लिया है। यह जानकारी अधिकारियों ने शनिवार को दी।
यह कार्रवाई पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय और तेल विपणन कंपनियों के साथ संयुक्त रूप से चलाए जा रहे गहन निगरानी अभियान के तहत की गई है। पश्चिम एशिया के मौजूदा भू-राजनीतिक परिवेश के कारण ईंधन आपूर्ति को लेकर सतर्कता बढ़ाई गई है।
निलंबित वितरकों में बी.एम. गैस सर्विस, बिस्वानथ गैस डिस्ट्रीब्यूटर, गदाधर गैस सर्विस, के.ए. इंडेन ग्रामीण वितरक और प्रकाश इंडेन एजेंसी शामिल हैं।
मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, इन एजेंसियों की एलपीजी की आपूर्ति रोक दी गई है और सप्लाई प्लानिंग एंड डिस्ट्रीब्यूशन (एसपीडी) प्रणाली के तहत उन्हें अगली सूचना तक कोई आवंटन नहीं किया जाएगा।
सरकार ने यह भी आश्वासन दिया है कि इन निलंबित एजेंसियों से जुड़े उपभोक्ताओं को अन्य वितरकों से जोड़ दिया गया है, ताकि रसोई गैस का निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।
अधिकारियों के अनुसार, निरीक्षण में पाई गई अनियमितताओं के कारण यह कठोर कदम उठाया गया है। यह कार्रवाई आवश्यक वस्तुओं के वितरण में पारदर्शिता और नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।
इस बीच, राज्य सरकार ने एलपीजी की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए स्पष्ट किया है कि किसी प्रकार की कमी नहीं है। घरेलू उपभोक्ताओं को पूरा आवंटन मिल रहा है, जबकि वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति को 60 प्रतिशत से बढ़ाकर 70 प्रतिशत किया गया है।
सरकार ने यह भी दोहराया है कि अनियमितताओं के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई गई है और जांच के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी। उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए निगरानी व्यवस्था लगातार जारी रहेगी।