असम में अमित शाह की सभा के बाद भाजपा प्रत्याशियों का दावा, जनता मोदी के साथ
सारांश
Key Takeaways
- अमित शाह ने कांग्रेस की नीतियों की आलोचना की।
- भाजपा प्रत्याशियों ने जनता का समर्थन दर्शाया।
- घुसपैठ का मुद्दा महत्वपूर्ण बना हुआ है।
- यूसीसी को लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
- भाजपा का विकास के मुद्दे पर फोकस है।
दूधनोई, 3 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। असम विधानसभा चुनाव के संदर्भ में भाजपा के सभी प्रमुख नेता और केंद्रीय मंत्री चुनावी मोर्चा संभालने के लिए सक्रिय हो गए हैं। शुक्रवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने गोलपाड़ा जिले के दूधनोई में एक चुनावी सभा को संबोधित किया, जहाँ उन्होंने घुसपैठ और यूसीसी के मुद्दे पर कांग्रेस को आड़े हाथों लिया।
अमित शाह की रैली के बाद, भाजपा के प्रत्याशियों ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि गृहमंत्री की सभा से माहौल भाजपा के पक्ष में बन गया है।
भाजपा प्रत्याशी टंकेश्वर राभा ने कहा कि इस बार माहौल खुशी से भरा हुआ है। गृह मंत्री का यहाँ आना हमारे लिए गर्व की बात है और उनके मार्गदर्शन से हम विकास के कार्यों को आगे बढ़ाएंगे। जनता पीएम मोदी के नेतृत्व में हमारे साथ है।
अमित शाह के घुसपैठ पर दिए बयान पर भाजपा प्रत्याशी ने कहा कि यह मुद्दा अत्यंत महत्वपूर्ण है। यहाँ बांग्लादेशी घुसपैठिये आदिवासी समाज के अधिकारों को हड़प रहे हैं। आदिवासियों की संख्या कम हो रही है और घुसपैठिये हमारे कल्चर और भूमि को छीन रहे हैं। अमित शाह ने भी कहा है कि घुसपैठियों को चुन-चुनकर बाहर किया जाएगा।
असम में यूसीसी लागू करने की आवश्यकता पर भाजपा प्रत्याशी ने कहा कि यह बेहद जरूरी है।
भाजपा प्रत्याशी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के विधायकों ने अपने क्षेत्रों में काम नहीं किया है। कांग्रेस आदिवासियों के साथ नहीं है, बल्कि विदेश से आए घुसपैठियों को संरक्षण दे रही है। जनता विकास में विश्वास रखती है और अगली सरकार भाजपा की होगी।
भाजपा प्रत्याशी पबित्रा राभा ने कहा कि अमित शाह का मार्गदर्शन प्राप्त होना हमारे लिए महत्वपूर्ण है। भाजपा से जनता का गहरा लगाव है और हम चुनाव जीतने का विश्वास रखते हैं।
यूसीसी के संदर्भ में उन्होंने कहा कि सरकार जो भी निर्णय लेगी, हम उसका समर्थन करेंगे। कांग्रेस की स्थिति असम में कमजोर हो गई है और वे 20 सीटों के नीचे आ रहे हैं।