असम विधानसभा चुनाव 2026 के लिए ईवीएम की कमीशनिंग सफलतापूर्वक संपन्न
सारांश
Key Takeaways
- ईवीएम की कमीशनिंग प्रक्रिया असम विधानसभा चुनावों के लिए महत्वपूर्ण है।
- प्रक्रिया में पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित की गई।
- कुल 41,320 बैलेट यूनिट और 43,975 कंट्रोल यूनिट सक्रिय की गईं।
- मतदान 9 अप्रैल 2026 को होगा।
- मतगणना 4 मई 2026 को होगी।
गुवाहाटी, 5 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। असम विधानसभा के आम चुनाव 2026 के लिए एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया पूरी हो गई है। असम के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने आज बताया कि राज्य के सभी 126 विधानसभा क्षेत्रों में उम्मीदवार सेट के साथ इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) की कमीशनिंग प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न कर ली गई है।
यह कमीशनिंग कार्य 31 मार्च 2026 से 4 अप्रैल 2026 के बीच संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारियों द्वारा निर्धारित परिसरों में किया गया। इस प्रक्रिया में चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों और उनके अधिकृत प्रतिनिधियों की उपस्थिति के साथ कार्य संपन्न हुआ, जिससे पूर्ण पारदर्शिता बनी रही और निर्वाचन आयोग के दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन किया गया।
इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ईसीआईएल) के विशेषज्ञ इंजीनियरों और तकनीकी कर्मियों ने मशीनों की सटीकता, विश्वसनीयता और उचित कॉन्फ़िगरेशन सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रत्येक मशीन का विस्तृत परीक्षण किया गया और उम्मीदवार सेट को सही तरीके से तैयार किया गया।
कमीशनिंग के दौरान कुल 41,320 बैलेट यूनिट (बीयू), 43,975 कंट्रोल यूनिट (सीयू) और 43,997 वीवीपीएटी मशीनों को सक्रिय किया गया। इनमें आरक्षित मशीनें भी शामिल हैं, जिनका उपयोग असम के 31,490 मतदान केंद्रों पर किसी भी आवश्यकता के लिए किया जाएगा। यह संख्या मतदान को प्रभावी ढंग से संपन्न कराने के लिए पर्याप्त मानी जा रही है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने कहा कि ईवीएम की कमीशनिंग का सफल समापन चुनाव की तैयारियों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। यह प्रक्रिया स्वतंत्र, निष्पक्ष और पूरी तरह पारदर्शी चुनाव कराने के प्रति निर्वाचन आयोग की अडिग प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उम्मीदवारों और उनके प्रतिनिधियों की उपस्थिति ने पूरे अभियान में विश्वास का माहौल बनाया।
असम विधानसभा चुनाव 2026 के लिए मतदान 9 अप्रैल 2026 को एक ही चरण में होगा, जबकि मतगणना 4 मई 2026 को प्रस्तावित है। ईवीएम-वीवीपीएटी प्रणाली के उपयोग से मतदान प्रक्रिया को और अधिक विश्वसनीय और तेज बनाने में मदद मिलेगी।
चुनाव आयोग ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कमीशनिंग के बाद मशीनों को सुरक्षित भंडारण स्थलों पर रखा जाए और सख्त सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया जाए। राजनीतिक दलों को भी कमीशनिंग प्रक्रिया की सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराई गई है।