21 अक्टूबर 2026
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आजाद हिंद फौज स्थापना दिवस: गडकरी, शिवराज, योगी समेत दर्जनों नेताओं ने नेताजी और वीर सेनानियों को किया नमन

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आजाद हिंद फौज स्थापना दिवस: गडकरी, शिवराज, योगी समेत दर्जनों नेताओं ने नेताजी और वीर सेनानियों को किया नमन

सारांश

21 अक्टूबर को आजाद हिंद फौज के स्थापना दिवस पर केंद्रीय मंत्री गडकरी, शिवराज, मनोहर लाल से लेकर योगी, भजनलाल और रेखा गुप्ता तक — दर्जनों नेताओं ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस और INA के वीर सेनानियों को श्रद्धांजलि दी। 1943 में अंडमान में तिरंगा फहराने की ऐतिहासिक विरासत आज भी राष्ट्रीय प्रेरणा का केंद्र बनी हुई है।

मुख्य बातें

21 अक्टूबर 2026 को आजाद हिंद फौज (INA) के स्थापना दिवस पर देशभर के नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी , मनोहर लाल और शिवराज सिंह चौहान ने एक्स पर अपने संदेश साझा किए।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दिवस को 'अदम्य संकल्प का स्मरण' बताया।
राजस्थान के CM भजनलाल शर्मा , दिल्ली की CM रेखा गुप्ता और हरियाणा के CM नायब सैनी ने भी श्रद्धांजलि दी।
INA की स्थापना 21 अक्टूबर 1943 को नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वारा सिंगापुर में हुई थी; उसी वर्ष अंडमान-निकोबार में तिरंगा फहराया गया था।

21 अक्टूबर को आजाद हिंद फौज (INA) के स्थापना दिवस पर नई दिल्ली से लेकर लखनऊ तक केंद्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस और INA के वीर सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, मनोहर लाल, शिवराज सिंह चौहान, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और कई अन्य नेताओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी भावनाएँ साझा कीं।

केंद्रीय मंत्रियों की श्रद्धांजलि

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक्स पर लिखा, 'मां भारती की स्वाधीनता के लिए गठित आजाद हिंद फौज के स्थापना दिवस की शुभकामनाएं। अमर शहीदों को नमन।' केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने अपनी पोस्ट में कहा कि नेताजी के नेतृत्व में वर्ष 1943 में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में तिरंगा फहराकर भारत की आजादी की घोषणा करने वाले INA के वीर सेनानी 'अनंतकाल तक राष्ट्रप्रथम की प्रेरणा बने रहेंगे।'

कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 'तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हे आजादी दूंगा' के ऐतिहासिक उद्घोष का स्मरण करते हुए लिखा कि स्वतंत्रता के महासमर में भूमिका निभाने वाले हुतात्माओं का योगदान सदैव अमर रहेगा।

मुख्यमंत्रियों के संदेश

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी पोस्ट में कहा कि यह दिवस 'केवल एक सैन्य संगठन के गठन का स्मरण नहीं, बल्कि उस अदम्य संकल्प का स्मरण है जिसने स्वाधीनता की आकांक्षा को सशस्त्र संघर्ष का स्वर दिया।' राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 'कदम-कदम बढ़ाए जा' की पंक्तियाँ उद्धृत करते हुए सभी अमर बलिदानियों को कोटि-कोटि नमन किया।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पर लिखा कि नेताजी के नेतृत्व में INA सेनानियों का साहस, त्याग और राष्ट्रप्रेम 'भारत के स्वतंत्रता संग्राम का स्वर्णिम अध्याय है।' हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने 1943 में अंडमान-निकोबार में तिरंगा फहराने की घटना को 'ऐतिहासिक संकल्प का प्रतीक' बताया।

उपमुख्यमंत्री की श्रद्धांजलि

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने एक्स पर कहा कि नेताजी के नेतृत्व में INA के वीर सैनिकों ने 'अदम्य साहस, त्याग और राष्ट्रभक्ति का अनुपम परिचय दिया।' उन्होंने कहा कि इन सेनानियों का बलिदान देशवासियों को राष्ट्रसेवा एवं मातृभूमि के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता रहेगा।

आजाद हिंद फौज का ऐतिहासिक महत्व

गौरतलब है कि आजाद हिंद फौज की स्थापना 21 अक्टूबर 1943 को हुई थी, जब नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने सिंगापुर में आजाद हिंद सरकार की घोषणा की थी। इस संगठन ने ब्रिटिश साम्राज्य के विरुद्ध सशस्त्र संघर्ष को एक नई दिशा दी और भारतीयों के मन में स्वराज का विश्वास जगाया। INA के सेनानियों की शौर्यगाथाएँ आज भी राष्ट्रीय प्रेरणा का स्रोत हैं, और प्रतिवर्ष 21 अक्टूबर को इस स्थापना दिवस पर देशभर में श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस वर्ष की राजनीतिक भागीदारी की व्यापकता उल्लेखनीय है — केंद्र से राज्य तक, सत्तापक्ष के लगभग सभी बड़े चेहरे एकसाथ इस राष्ट्रवादी विरासत से जुड़ते दिखे। यह केवल स्मरण नहीं, बल्कि राजनीतिक पहचान का निर्माण भी है। INA की विरासत को लेकर दशकों तक जो ऐतिहासिक उपेक्षा रही, उसके मद्देनज़र यह बढ़ता सरकारी उत्साह विचारणीय है — क्योंकि असली श्रद्धांजलि तब होगी जब INA के सेनानियों और उनके परिजनों के लिए ठोस नीतिगत कदम भी उठाए जाएँ।
RashtraPress
21 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आजाद हिंद फौज का स्थापना दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?
आजाद हिंद फौज (INA) का स्थापना दिवस प्रतिवर्ष 21 अक्टूबर को मनाया जाता है, क्योंकि इसी दिन 1943 में नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने सिंगापुर में आजाद हिंद सरकार और INA की औपचारिक स्थापना की थी। यह दिन ब्रिटिश साम्राज्य के विरुद्ध सशस्त्र स्वतंत्रता संघर्ष का प्रतीक है।
2026 में किन-किन नेताओं ने INA स्थापना दिवस पर श्रद्धांजलि दी?
21 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, मनोहर लाल, शिवराज सिंह चौहान, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राजस्थान के CM भजनलाल शर्मा, दिल्ली की CM रेखा गुप्ता, हरियाणा के CM नायब सैनी और UP के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य सहित कई नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
1943 में अंडमान-निकोबार में तिरंगा फहराने का क्या महत्व है?
वर्ष 1943 में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नेतृत्व में INA ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में तिरंगा फहराकर भारत की स्वतंत्रता की प्रतीकात्मक घोषणा की थी। यह ब्रिटिश शासन के दौरान भारतीय धरती पर स्वतंत्र शासन का पहला प्रयोग माना जाता है।
आजाद हिंद फौज का भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में क्या योगदान रहा?
INA ने ब्रिटिश सेना के विरुद्ध सशस्त्र संघर्ष छेड़कर भारतीयों के मन में स्वराज का विश्वास जगाया। नेताजी के 'तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हे आजादी दूंगा' के नारे ने लाखों भारतीयों को प्रेरित किया और INA के सेनानियों के मुकदमों ने ब्रिटिश साम्राज्य की नींव हिलाने में अहम भूमिका निभाई।
योगी आदित्यनाथ ने INA स्थापना दिवस पर क्या कहा?
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह दिवस 'केवल एक सैन्य संगठन के गठन का स्मरण नहीं, बल्कि उस अदम्य संकल्प का स्मरण है जिसने स्वाधीनता की आकांक्षा को सशस्त्र संघर्ष का स्वर दिया।' उन्होंने वीर सेनानियों के शौर्य और त्याग को स्वतंत्रता के इतिहास में सदैव अमर बताया।
राष्ट्र प्रेस
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