आजाद हिंद फौज स्थापना दिवस: गडकरी, शिवराज, योगी समेत दर्जनों नेताओं ने नेताजी और वीर सेनानियों को किया नमन
सारांश
मुख्य बातें
21 अक्टूबर को आजाद हिंद फौज (INA) के स्थापना दिवस पर नई दिल्ली से लेकर लखनऊ तक केंद्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस और INA के वीर सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, मनोहर लाल, शिवराज सिंह चौहान, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और कई अन्य नेताओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी भावनाएँ साझा कीं।
केंद्रीय मंत्रियों की श्रद्धांजलि
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक्स पर लिखा, 'मां भारती की स्वाधीनता के लिए गठित आजाद हिंद फौज के स्थापना दिवस की शुभकामनाएं। अमर शहीदों को नमन।' केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने अपनी पोस्ट में कहा कि नेताजी के नेतृत्व में वर्ष 1943 में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में तिरंगा फहराकर भारत की आजादी की घोषणा करने वाले INA के वीर सेनानी 'अनंतकाल तक राष्ट्रप्रथम की प्रेरणा बने रहेंगे।'
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 'तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हे आजादी दूंगा' के ऐतिहासिक उद्घोष का स्मरण करते हुए लिखा कि स्वतंत्रता के महासमर में भूमिका निभाने वाले हुतात्माओं का योगदान सदैव अमर रहेगा।
मुख्यमंत्रियों के संदेश
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी पोस्ट में कहा कि यह दिवस 'केवल एक सैन्य संगठन के गठन का स्मरण नहीं, बल्कि उस अदम्य संकल्प का स्मरण है जिसने स्वाधीनता की आकांक्षा को सशस्त्र संघर्ष का स्वर दिया।' राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 'कदम-कदम बढ़ाए जा' की पंक्तियाँ उद्धृत करते हुए सभी अमर बलिदानियों को कोटि-कोटि नमन किया।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पर लिखा कि नेताजी के नेतृत्व में INA सेनानियों का साहस, त्याग और राष्ट्रप्रेम 'भारत के स्वतंत्रता संग्राम का स्वर्णिम अध्याय है।' हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने 1943 में अंडमान-निकोबार में तिरंगा फहराने की घटना को 'ऐतिहासिक संकल्प का प्रतीक' बताया।
उपमुख्यमंत्री की श्रद्धांजलि
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने एक्स पर कहा कि नेताजी के नेतृत्व में INA के वीर सैनिकों ने 'अदम्य साहस, त्याग और राष्ट्रभक्ति का अनुपम परिचय दिया।' उन्होंने कहा कि इन सेनानियों का बलिदान देशवासियों को राष्ट्रसेवा एवं मातृभूमि के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता रहेगा।
आजाद हिंद फौज का ऐतिहासिक महत्व
गौरतलब है कि आजाद हिंद फौज की स्थापना 21 अक्टूबर 1943 को हुई थी, जब नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने सिंगापुर में आजाद हिंद सरकार की घोषणा की थी। इस संगठन ने ब्रिटिश साम्राज्य के विरुद्ध सशस्त्र संघर्ष को एक नई दिशा दी और भारतीयों के मन में स्वराज का विश्वास जगाया। INA के सेनानियों की शौर्यगाथाएँ आज भी राष्ट्रीय प्रेरणा का स्रोत हैं, और प्रतिवर्ष 21 अक्टूबर को इस स्थापना दिवस पर देशभर में श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है।