17 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या आपसी टकराव से बचकर संत समाज और शासन, एकजुटता से बचा सकते हैं सनातन धर्म और मजबूत लोकतंत्र?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या आपसी टकराव से बचकर संत समाज और शासन, एकजुटता से बचा सकते हैं सनातन धर्म और मजबूत लोकतंत्र?

सारांश

बाबा रामदेव ने हरिद्वार में अपने विचार साझा किए, जिसमें उन्होंने सनातन धर्म और लोकतंत्र की मजबूती के लिए एकजुटता की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने हिंदू विरोधी शक्तियों के खिलाफ चेतावनी दी और सभी धर्मों के लोगों को एक साथ रहने की अपील की।

मुख्य बातें

आपसी एकता सनातन धर्म की रक्षा लोकतंत्र में सभी का योगदान धर्म और जाति के नाम पर विभाजन से बचें सभी धर्मों के लोगों का एक साथ रहना

हरिद्वार, 26 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बाबा रामदेव ने कहा है कि विश्व में कई ऐसी शक्तियां हैं, जो सनातन धर्म को कमजोर करने के प्रयास में हैं। ऐसे में हमारे लिए यह अनिवार्य है कि हम सभी नागरिक एकजुट रहें, चाहे वे किसी भी धर्म, जाति या संप्रदाय से हों। हमें जाति, धर्म और संप्रदाय के नाम पर विभाजित नहीं होना चाहिए।

बाबा रामदेव ने यह भी कहा कि शासन और संत समाज दोनों को ध्यान रखना चाहिए कि हमें एक-दूसरे के साथ उलझना नहीं है। यदि हम आपस में लड़ेंगे, तो हमारी स्थिति कठिन हो जाएगी। हिंदू विरोधी शक्तियां इस समय सक्रिय हैं, और यदि हम आपस में ही लड़ते रहेंगे, तो यह हमारे लिए चुनौतीपूर्ण होगा। ये लोग सनातन धर्म को वायरस की तरह समझते हैं और देश को तोड़ने की कोशिश करते हैं।

बाबा रामदेव ने कहा कि भारत में रहने वाले सभी धर्मों के लोगों को विशेष ध्यान रखना चाहिए कि हमारे पूर्वज एक ही हैं। जब हम एकजुट रहेंगे, तभी देश का विकास तेजी से होगा। यदि किसी से गलती हुई है, तो उसे माफी मांगने में कोई हिचकिचाहट नहीं होनी चाहिए। किसी के बारे में गलत बातें करना उचित नहीं है। इस प्रकार की स्थिति को हमें किसी भी कीमत पर सहन नहीं करना चाहिए।

उन्होंने उन सभी को बधाई दी, जिन्हें पद्म भूषण और पद्म विभूषण जैसे सम्मानों से नवाजा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी संन्यासी को भी इस प्रकार के सम्मान मिलना चाहिए, क्योंकि हम इतने गए-गुजरे नहीं हैं।

इसके अलावा, उन्होंने EVM पर उठ रहे सवालों पर भी अपनी राय दी। उन्होंने कहा कि जब किसी राजनीतिक दल को चुनाव में अपेक्षित सफलता नहीं मिलती, तो वे तुरंत EVM पर सवाल उठाने लगते हैं, जबकि एक लोकतांत्रिक प्रणाली में ऐसा करना उचित नहीं है। सभी लोगों को जनता के निर्णय का सम्मान करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी खूबसूरती यही है कि सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों ही मजबूत होते हैं। हमें एक-दूसरे पर आरोप लगाने से बचना चाहिए। आरोप लोकतंत्र की जड़ों को कमजोर करने का प्रयास करते हैं। दूसरों पर दोषारोपण करना सरल होता है, जबकि हमें ऐसा नहीं करना चाहिए। जब तक आप मजबूत नहीं बनेंगे, तब तक आप उभर नहीं पाएंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि गोमाता को राष्ट्रमाता नहीं, बल्कि विश्व माता घोषित किया जाना चाहिए। लेकिन यह कार्य कैसे होगा, यह विचारणीय है। हमें सोचना होगा कि गोमाता को कैसे बचाना है। हमें कृषि में गाय को प्राथमिकता देने की दिशा में काम करना होगा। हर हिंदू को एक गाय पालनी चाहिए। हमें अपने मठ मंदिरों से निकलकर पुरुषार्थ करना होगा, तभी हम गाय को बचा पाएंगे। जब भारत मजबूत होगा, तो पूरी दुनिया में हिंदुओं पर अत्याचार करने की हिम्मत नहीं कर पाएगा। आज, इजरायल ने खुद को विश्व में एक मजबूत राष्ट्र के रूप में स्थापित किया है। इसी कारण, दुनिया के किसी भी कोने में कोई यहूदियों पर अत्याचार करने की हिम्मत नहीं जुटा पाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बाबा रामदेव ने किस विषय पर बात की?
बाबा रामदेव ने सनातन धर्म की रक्षा और लोकतंत्र की मजबूती के लिए एकजुटता की आवश्यकता पर जोर दिया।
क्या बाबा रामदेव ने किसी पुरस्कार का जिक्र किया?
हाँ, उन्होंने पद्म भूषण और पद्म विभूषण पुरस्कारों के लिए बधाई दी।
बाबा रामदेव ने EVM पर क्या कहा?
बाबा रामदेव ने कहा कि चुनाव में असफल होने पर EVM पर सवाल उठाना उचित नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 महीने पहले
  2. 5 महीने पहले
  3. 5 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले